{"_id":"5a8c51d44f1c1b9f268bb2bb","slug":"191519145428-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौथे दिन भी नहीं चालू हुई पहली यूनिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौथे दिन भी नहीं चालू हुई पहली यूनिट
Updated Tue, 20 Feb 2018 10:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनपरा (सोनभद्र)। पारेषण लाइन में खराबी तो कभी मांग कम होने पर की जाने वाली थर्मल बैंकिंग से मंगलवार को निजात मिलने से उत्पादन निगम को राहत मिल गई, हालांकि चार दिन से बंद अनपरा अ ताप गृह की 210 मेगावाट की पहली इकाई चालू नहीं हो सकी है। 500 मेगावाट की सातवीं और 210 मेगावाट की पहली इकाई को लेकर अनपरा परियोजना के अधिकारियों की नींद गायब है।
थर्मल बैकिंग की काली छाया हटने से ओबरा, पारीछा व हरदुआगंज बिजली घरों से विद्युत उत्पादन में कुछ इजाफा हुआ है लेकिन अनपरा तापीय परियोजना की स्थिति जस की तस बनी हुई है। तकनीकी खराबी के कारण चार दिन पूर्व ट्रिप हुई 210 मेगावाट की पहली इकाई को चालू करने में परियोजना प्रशासन नाकाम रहा है। जिसकी वजह से इस परियोजना से महज 1771 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। जानकारों का मानना है कि गर्मी ने दस्तक दे दी है। धीरे-धीरे बिजली की मांग में इजाफा होना तय है। ऐसे में उत्पादन निगम की सबसे बड़ी परियोजना में शुमार अनपरा तापीय परियोजना की कई माह से बंद चल रही पांच सौ मेगावाट की सातवीं व चार दिन पहले ट्रिप हुई 210 मेगावाट की पहली इकाई को चालू नहीं किया गया तो गर्मी में लोगों को बिजली की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। वैसे पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई को चालू करने के लिए भेल के इंजीनियरों के साथ स्थानीय परियोजना के अधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक दी है और 25 फरवरी तक इसे लाइटअप कर लेने की उम्मीद भी व्यक्त की जा रही है। फिलहाल मौजूदा समय में अनपरा परियोजना से बिजली उत्पादन से कमी के कारण निगम के अधिकारियों के भी माथे पर बल पड़ गया है। मंगलवार की शाम चार बजे अनपरा से 1771, ओबरा से 456, पारीछा से 907 और हरदुआगंज से 493 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था।
विज्ञापन
थर्मल बैकिंग की काली छाया हटने से ओबरा, पारीछा व हरदुआगंज बिजली घरों से विद्युत उत्पादन में कुछ इजाफा हुआ है लेकिन अनपरा तापीय परियोजना की स्थिति जस की तस बनी हुई है। तकनीकी खराबी के कारण चार दिन पूर्व ट्रिप हुई 210 मेगावाट की पहली इकाई को चालू करने में परियोजना प्रशासन नाकाम रहा है। जिसकी वजह से इस परियोजना से महज 1771 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। जानकारों का मानना है कि गर्मी ने दस्तक दे दी है। धीरे-धीरे बिजली की मांग में इजाफा होना तय है। ऐसे में उत्पादन निगम की सबसे बड़ी परियोजना में शुमार अनपरा तापीय परियोजना की कई माह से बंद चल रही पांच सौ मेगावाट की सातवीं व चार दिन पहले ट्रिप हुई 210 मेगावाट की पहली इकाई को चालू नहीं किया गया तो गर्मी में लोगों को बिजली की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। वैसे पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई को चालू करने के लिए भेल के इंजीनियरों के साथ स्थानीय परियोजना के अधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक दी है और 25 फरवरी तक इसे लाइटअप कर लेने की उम्मीद भी व्यक्त की जा रही है। फिलहाल मौजूदा समय में अनपरा परियोजना से बिजली उत्पादन से कमी के कारण निगम के अधिकारियों के भी माथे पर बल पड़ गया है। मंगलवार की शाम चार बजे अनपरा से 1771, ओबरा से 456, पारीछा से 907 और हरदुआगंज से 493 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था।
विज्ञापन