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गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों का भोजन बंद
Updated Wed, 20 Sep 2017 11:43 PM IST
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सोनभद्र। प्रदेश में हौसला पोषण योजना बंद होने से जिले में 24 हजार गर्भवती महिलाएं और 13 हजार अति कुपोषित बच्चों के प्रोटीनयुक्त भोजन मिलना बंद हो गया है। इस योजना के तहत गरमा गरम भोजन, शुद्ध घी और प्रोटीनयुक्त पाउडर मिलता था। ताकि महिलाओं के साथ ही बच्चों को स्वस्थ रखा जा सके।
नक्सल प्रभावित सोनभद्र के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में 1825 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों पर लगभग 230527 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 56211 बच्चे कुपोषित एवं लगभग 13 हजार अतिकुपोषित बच्चे हैं। केंद्रों पर करीब 24 हजार गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। पिछली सपा सरकार ने हौसला पोषण योजना के तहत अतिकुपोषित बच्चों को प्रतिदिन 20 ग्राम देशी घी, प्रोटीनयुक्त पाउडर, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गरमा गरम भोजन देने की शुरूआत की थी। वर्ष 2017 में प्रदेश मेें निजाम बदलने के बाद योगी सरकार ने हौसला पोषण योजना को बंद कर दिया है। अब केेंद्रों पर अध्ययनरत बच्चों को शुद्ध घी, भोजन, प्रोटीनयुक्त पाउडर और गर्भवती महिलाओं को भोजन नहीं मिल रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने कहा कि हौसला पोषण योजना बंद होने से दिक्कत तो हुई है लेकिन अभी तक उसकी जगह पर कोई दूसरी योजना की शुरूआत नहीं हुई है।
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नक्सल प्रभावित सोनभद्र के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में 1825 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों पर लगभग 230527 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 56211 बच्चे कुपोषित एवं लगभग 13 हजार अतिकुपोषित बच्चे हैं। केंद्रों पर करीब 24 हजार गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। पिछली सपा सरकार ने हौसला पोषण योजना के तहत अतिकुपोषित बच्चों को प्रतिदिन 20 ग्राम देशी घी, प्रोटीनयुक्त पाउडर, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गरमा गरम भोजन देने की शुरूआत की थी। वर्ष 2017 में प्रदेश मेें निजाम बदलने के बाद योगी सरकार ने हौसला पोषण योजना को बंद कर दिया है। अब केेंद्रों पर अध्ययनरत बच्चों को शुद्ध घी, भोजन, प्रोटीनयुक्त पाउडर और गर्भवती महिलाओं को भोजन नहीं मिल रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने कहा कि हौसला पोषण योजना बंद होने से दिक्कत तो हुई है लेकिन अभी तक उसकी जगह पर कोई दूसरी योजना की शुरूआत नहीं हुई है।
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