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उन्नतशील खेती के लिए किया प्रेरित
Updated Thu, 20 Sep 2018 11:33 PM IST
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सोनभद्र । राबर्ट्सगंज ब्लाक परिसर में कृषि सूचनातंत्र एवं कृषक जागरूकता के लिए बृहस्पतिवार को कृषि निवेश मेला, गोष्ठी एवं जनपद स्तरीय पूर्व मौसमी गोष्ठी आयोजित हुआ। जिसमें किसानों को उन्नतशील खेती के लिए प्रेरित किया गया।
उप कृषि निदेशक डीके गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में इलाहाबाद के कृषि वैज्ञानिक डा. मदन सेन सिंह ने समसामयिक फसल प्रबंधन पर जानकारी दी। तिसुही के वैज्ञानिक डा एमपी सिंह ने जैविक प्रबंधन के बारे में किसानों को जागरूक किया। उन्होंने ट्राईकोडर्मा, बिबेरिया के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि यदि मृदा में जीवाश्म के मात्रा में गिरावट होगी तो अन्य बीमारियों का प्रकोप होगा। उप कृषि निदेशक ने विभाग की संचालित समस्त योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कृषक पंजीकरण पर जोर दिया। सोलर पम्प लगवाने के लिए कृषकों को प्रोत्साहित करते हुए यह भी अवगत कराया कि सोलर पंप स्थापना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि एक अक्टूबर कर है। यह प्रथम आवक प्रथम पावक पर होगा। इसके अलावा प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर इन सी-टू फार मैनेजमेंट आफ क्राप रेजिड्यू योजना पर विस्तृत जानकारी देते हुए, उसके फायदे एवं फसल अवशेष जलाने से होने वाली हानि पर विस्तार से चर्चा की। वातावरण को हानिकारक गैसों आदि से बचाने के लिए फसल अवशेष न जलाने का किसान बंधुओं से अनुरोध करते हुए फसल अवशेष जलाने पर लगने वाले अर्थदंड पर भी जानकारी प्रदान की। कृषक जागरूकता गोष्ठी में कृषि विभाग व सहयोगी विभाग द्वारा स्टाल भी लगाये गये थे। संचालन डा. पंकज कुमार मिश्रा ने किया। यहां कृषि विभाग के ओंकार नाथ राय, तेजबली सिंह, अमरेश कुमार, राकेश कुमार आदि रहे।
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उप कृषि निदेशक डीके गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में इलाहाबाद के कृषि वैज्ञानिक डा. मदन सेन सिंह ने समसामयिक फसल प्रबंधन पर जानकारी दी। तिसुही के वैज्ञानिक डा एमपी सिंह ने जैविक प्रबंधन के बारे में किसानों को जागरूक किया। उन्होंने ट्राईकोडर्मा, बिबेरिया के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि यदि मृदा में जीवाश्म के मात्रा में गिरावट होगी तो अन्य बीमारियों का प्रकोप होगा। उप कृषि निदेशक ने विभाग की संचालित समस्त योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कृषक पंजीकरण पर जोर दिया। सोलर पम्प लगवाने के लिए कृषकों को प्रोत्साहित करते हुए यह भी अवगत कराया कि सोलर पंप स्थापना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि एक अक्टूबर कर है। यह प्रथम आवक प्रथम पावक पर होगा। इसके अलावा प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर इन सी-टू फार मैनेजमेंट आफ क्राप रेजिड्यू योजना पर विस्तृत जानकारी देते हुए, उसके फायदे एवं फसल अवशेष जलाने से होने वाली हानि पर विस्तार से चर्चा की। वातावरण को हानिकारक गैसों आदि से बचाने के लिए फसल अवशेष न जलाने का किसान बंधुओं से अनुरोध करते हुए फसल अवशेष जलाने पर लगने वाले अर्थदंड पर भी जानकारी प्रदान की। कृषक जागरूकता गोष्ठी में कृषि विभाग व सहयोगी विभाग द्वारा स्टाल भी लगाये गये थे। संचालन डा. पंकज कुमार मिश्रा ने किया। यहां कृषि विभाग के ओंकार नाथ राय, तेजबली सिंह, अमरेश कुमार, राकेश कुमार आदि रहे।
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