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बारिश में क्षतिग्रस्त हो सकती है कर्मनाशा कट नहर
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:36 PM IST
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रामगढ़। चतरा ब्लॉक में स्थित कर्मनाशा कट नहर आने वाली बारिश में क्षतिग्रस्त हो सकती है। वजह कि नहर की पटरियों पर मिट्टी डालने का कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया। जगह-जगह नहर की दीवार खराब हो गई है। इससे नहर पर खतरा उत्पन्न हो गया है। माइनरों और झालों का निर्माण भी अधूरा है। इससे क्षेत्रीय किसानों में असंतोष है।
कर्मनाशा कट नहर, कूड़ा राजवाहा, संडी माइनर, रामगढ़ माइनर पर पिछले कुछ माह पूर्व मिट्टी डालने का कार्य कराया जा रहा था, ताकि उनको मजबूत किया जा सके। कमजोर होने के नाते आने वाली बारिश में उन्हें कोई क्षति न हो, लेकिन बीच में ही कार्य अधूरे छोड़ दिए गए। सभी को आधा-अधूरा ही छोड़ दिया गया। इससे नहर के टूटने का खतरा बना हुआ है। नहरों में झाल का निर्माण कार्य पिछले वर्ष गर्मी में ही शुरू किया गया था। लेकिन वह कार्य भी अब तक पूरा नहीं किया जा सका। आने वाली बारिश में इसका सीधा खामियाजा क्षेत्रीय किसानों को भुगतना पड़ेगा। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि भुसौलिया, मझगांवा और करद साइफन का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। किसान शिव प्रकाश सिंह, अशोक चौबे, लाल बहादुर, राजू, श्रीकांत, विनोद का कहना है कि अक्सर नहरों पर जो भी निर्माण कार्य होता है वह या तो घटिया होता है, या फिर उसे अधूरा छोड़ दिया जाता है। इससे क्षेत्र के किसानों के समक्ष सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो जाती है। अक्सर अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया जाता है लेकिन अधिकारी भी बातों को अनसुुनी कर देते हैं। उन्होंने डीएम से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। उधर मिर्जापुर नहर प्रखंड के सहायक अभियंता सुरेश सिंह का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अभी कुछ दिनों पूर्व ही उन्होंने कार्यवाहक एसडीओ का चार्ज लिया है। अधूरा निर्माण कार्य के बारे में पता लगाकर उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।
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कर्मनाशा कट नहर, कूड़ा राजवाहा, संडी माइनर, रामगढ़ माइनर पर पिछले कुछ माह पूर्व मिट्टी डालने का कार्य कराया जा रहा था, ताकि उनको मजबूत किया जा सके। कमजोर होने के नाते आने वाली बारिश में उन्हें कोई क्षति न हो, लेकिन बीच में ही कार्य अधूरे छोड़ दिए गए। सभी को आधा-अधूरा ही छोड़ दिया गया। इससे नहर के टूटने का खतरा बना हुआ है। नहरों में झाल का निर्माण कार्य पिछले वर्ष गर्मी में ही शुरू किया गया था। लेकिन वह कार्य भी अब तक पूरा नहीं किया जा सका। आने वाली बारिश में इसका सीधा खामियाजा क्षेत्रीय किसानों को भुगतना पड़ेगा। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि भुसौलिया, मझगांवा और करद साइफन का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। किसान शिव प्रकाश सिंह, अशोक चौबे, लाल बहादुर, राजू, श्रीकांत, विनोद का कहना है कि अक्सर नहरों पर जो भी निर्माण कार्य होता है वह या तो घटिया होता है, या फिर उसे अधूरा छोड़ दिया जाता है। इससे क्षेत्र के किसानों के समक्ष सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो जाती है। अक्सर अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया जाता है लेकिन अधिकारी भी बातों को अनसुुनी कर देते हैं। उन्होंने डीएम से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। उधर मिर्जापुर नहर प्रखंड के सहायक अभियंता सुरेश सिंह का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अभी कुछ दिनों पूर्व ही उन्होंने कार्यवाहक एसडीओ का चार्ज लिया है। अधूरा निर्माण कार्य के बारे में पता लगाकर उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।
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