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रोजगार की मांग को लेकर दिया धरना
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:14 AM IST
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अनपरा। एनसीएल की कृष्णशिला परियोजना में ओबी (ओवर बर्डेन) हटाने का कार्य कर रही निजी कंपनी में रोजगार की मांग को लेकर स्थानीय बेराजगार युवाओं ने बुधवार को धरना दिया। महाप्रबंधक कार्यालय के सामने सभा कर युवाओं ने स्थानीय लोगों को रोजगार न देने का आरोप लगाया।
एनसीएल कृष्णशिला परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर बुधवार को जन अधिकार पार्टी के बैनर तले रोजगार की मांग को लेकर युवाओं ने धरना दिया। जिलाध्यक्ष भागीरथी सिंह मौर्य ने कहा कि एनसीएल प्रबंधन विस्थापितों को धोखा दे रहा है। पूर्व में हुई वार्ता के मुताबिक 80 विस्थापितों के आश्रितों को रोजगार दिए जाने का वायदा किया गया था लेकिन किसी को भी रोजगार नहीं दिया गया। जिससे विस्थापितों के परिवार रोजी-रोटी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। एनसीएल का यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों को उनका हक दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कई बार प्रबंधन आश्वासन देकर भी कोई सार्थक पहल नहीं किया। प्रदेश कार्य समिति सदस्य डा. ओपी मौर्य ने कहा कि विस्थापितों के बजाय दूसरे प्रांत के लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। जिसकी वजह से स्थानीय विस्थापित भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। मिसरा गांव के विस्थापित नेता सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा परियोजना के लिए उनसे जमीन तो ली गई लेकिन वायदा के मुताबिक रोजगार मुहैया नहीं कराया गया। धरना में घरसड़ी, चंदुआर, जमशीला, कोहरौलियां, आजाद नगर, पहाड़ी टोला सहित आसपास के ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की। इस मौके पर अवनीश कुशवाहा, विनय सोनकर, वीरेंद्र वर्मा, मनोज कुमार, राजेश पांडेय, विनय पांडेय, रामप्रसाद, बबलू आदि मौजूद रहे।
अनपरा। ओवर बर्डेन हटाने वाली कंपनियों में विस्थापितों को नौकरी न दिए जाने के विरोध में गुरुवार को सोनांचल संघर्ष वाहिनी द्वारा कृष्णशिला परियोजना के जीएम गेट पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। यह जानकारी संयोजक रोशन लाल यादव ने दी है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा की राजधानी ऊर्जांचल में रोजगार के तमाम रास्ते होने के बावजूद भी यहां के निवासियों की उपेक्षा समझ से परे है। लोग अस्थाई नौकरी के लिए ठोकर खा रहे हैं। परियोजनाओं को आबाद करने में अपनी उपजाऊ जमीनों को कौड़ी के भाव देने वाले विस्थापितों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। एक ओर विस्थापित जहां नौकरी से वंचित हैं वहीं हजारों किलोमीटर दूर से आकर काम करने वालों की भरमार है। काम कर दाम मांगने वाले विस्थापितों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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एनसीएल कृष्णशिला परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर बुधवार को जन अधिकार पार्टी के बैनर तले रोजगार की मांग को लेकर युवाओं ने धरना दिया। जिलाध्यक्ष भागीरथी सिंह मौर्य ने कहा कि एनसीएल प्रबंधन विस्थापितों को धोखा दे रहा है। पूर्व में हुई वार्ता के मुताबिक 80 विस्थापितों के आश्रितों को रोजगार दिए जाने का वायदा किया गया था लेकिन किसी को भी रोजगार नहीं दिया गया। जिससे विस्थापितों के परिवार रोजी-रोटी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। एनसीएल का यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों को उनका हक दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कई बार प्रबंधन आश्वासन देकर भी कोई सार्थक पहल नहीं किया। प्रदेश कार्य समिति सदस्य डा. ओपी मौर्य ने कहा कि विस्थापितों के बजाय दूसरे प्रांत के लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। जिसकी वजह से स्थानीय विस्थापित भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। मिसरा गांव के विस्थापित नेता सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा परियोजना के लिए उनसे जमीन तो ली गई लेकिन वायदा के मुताबिक रोजगार मुहैया नहीं कराया गया। धरना में घरसड़ी, चंदुआर, जमशीला, कोहरौलियां, आजाद नगर, पहाड़ी टोला सहित आसपास के ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की। इस मौके पर अवनीश कुशवाहा, विनय सोनकर, वीरेंद्र वर्मा, मनोज कुमार, राजेश पांडेय, विनय पांडेय, रामप्रसाद, बबलू आदि मौजूद रहे।
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अनपरा। ओवर बर्डेन हटाने वाली कंपनियों में विस्थापितों को नौकरी न दिए जाने के विरोध में गुरुवार को सोनांचल संघर्ष वाहिनी द्वारा कृष्णशिला परियोजना के जीएम गेट पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। यह जानकारी संयोजक रोशन लाल यादव ने दी है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा की राजधानी ऊर्जांचल में रोजगार के तमाम रास्ते होने के बावजूद भी यहां के निवासियों की उपेक्षा समझ से परे है। लोग अस्थाई नौकरी के लिए ठोकर खा रहे हैं। परियोजनाओं को आबाद करने में अपनी उपजाऊ जमीनों को कौड़ी के भाव देने वाले विस्थापितों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। एक ओर विस्थापित जहां नौकरी से वंचित हैं वहीं हजारों किलोमीटर दूर से आकर काम करने वालों की भरमार है। काम कर दाम मांगने वाले विस्थापितों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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