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निजीकरण के विरोध में अभियंताओं ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:12 AM IST
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अनपरा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर मंगलवार को 16वें दिन बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं का निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। शाखा अनपरा के सदस्यों ने परियोजना के मुख्य द्वार पर निजीकरण के विरोध में सभा कर रोष जताया। वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रांत व्यापी नियमानुसार कार्य आंदोलन जारी है।
छह अप्रैल को लखनऊ में मोटरसाइकिल रैली तथा आठ अप्रैल को प्रदेश भर में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। बिजली कर्मचारी अवकाश के दिनों में कोई भी कार्य नहीं कर रहे हैं। 30 मार्च से प्रारंभ हुए ज्ञापन दो अभियान के अंतर्गत बिजली कर्मचारियों ने प्रदेश भर में अनेक सांसदों और विधायकों को ज्ञापन दिए। कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बिजली वितरण के निजीकरण के निर्णय को वापस लेेने की मांग की है। यह भी कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद शहरों में विद्युत वितरण कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं जबकि आगरा में निजीकरण के बाद आठ वर्षों में पवार कारपोरेशन को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। कहा कि व्यापक जनहित में निजीकरण के विरुद्ध किये जा रहे संघर्ष को आम जनता के बीच ले जाया जाएगा और जनता को निजीकरण के सच से अवगत कराया जाएगा।
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छह अप्रैल को लखनऊ में मोटरसाइकिल रैली तथा आठ अप्रैल को प्रदेश भर में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। बिजली कर्मचारी अवकाश के दिनों में कोई भी कार्य नहीं कर रहे हैं। 30 मार्च से प्रारंभ हुए ज्ञापन दो अभियान के अंतर्गत बिजली कर्मचारियों ने प्रदेश भर में अनेक सांसदों और विधायकों को ज्ञापन दिए। कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बिजली वितरण के निजीकरण के निर्णय को वापस लेेने की मांग की है। यह भी कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद शहरों में विद्युत वितरण कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं जबकि आगरा में निजीकरण के बाद आठ वर्षों में पवार कारपोरेशन को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। कहा कि व्यापक जनहित में निजीकरण के विरुद्ध किये जा रहे संघर्ष को आम जनता के बीच ले जाया जाएगा और जनता को निजीकरण के सच से अवगत कराया जाएगा।
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