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ओवरलोड के खिलाफ खोला मोर्चा, बनाई रणनीति
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:50 PM IST
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सोनभद्र (बीजपुर )। बीजपुर पुनर्वास बस्ती के लोगों ने ओवरलोड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला पंचायत सदस्य व कई अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में रविवार को हुई बैठक में ओवरलोड वाहनों का पहिया पुनर्वास बस्ती में जाम करने की चेतावनी दी गई है।
जिला पंचायत सदस्य केदार यादव व बीजपुर प्रधान प्रतिनिधि की अगुवाई में हुई बैठक की खासियत यह भी रही कि बस्ती के लोगों से पहले जानकारी ली गई। जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि बीजपुर -बैढन मार्ग का कुछ हिस्सा पुनर्वास प्रथम विस्थापितों के घरों से गुजर रहा है जो स्थानीय परियोजना की निजी सड़क है । भारी वाहनों के आवागमन से यह सड़क उखड़ कर गड्ढे में तब्दील हो गई है । बालू लदे ओवरलोड ट्रकों से उडने वाली धूल घरों में बैठ रही है। इससे राहत दिलाने के लिए पानी का छिड़कवा भी नहीं किया जा रहा है। बैठक में तय हुआ कि ओवरलोड वाहनों पर पुनर्वास बस्ती के मार्ग से आवाजाही पर रोक लगाई जाए। गड्ढे में तब्दील सड़क की मरम्मत कराई जाए और जब तक सड़क नहीं बन जाती, पानी का छिड़काव किया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि इस पर तत्काल अमल नहीं किया जाता है तो रहवासी चक्का जाम करने को विवश होंगे। इस मौके पर शिवधारी गुप्ता, इंद्रदेव सिंह, योगेंद्र चौबे, मेवालाल, मदन सिंह, विजय, मुकेश, संजय आदि मौजूद रहे।
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आश्वासन की सीमा दो दिन
प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर स्थानीय परियोजना प्रमुख से मिलकर उन्होंने बात की थी। उन्हें सात नवंबर तक का समय दिया गया है । हालांकि अभी तक परियोजना प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है। वैसे अभी दो दिन शेष हैं। सात नवंबर के बाद आंदोलन पर विचार किया जाएगा।
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जिला पंचायत सदस्य केदार यादव व बीजपुर प्रधान प्रतिनिधि की अगुवाई में हुई बैठक की खासियत यह भी रही कि बस्ती के लोगों से पहले जानकारी ली गई। जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि बीजपुर -बैढन मार्ग का कुछ हिस्सा पुनर्वास प्रथम विस्थापितों के घरों से गुजर रहा है जो स्थानीय परियोजना की निजी सड़क है । भारी वाहनों के आवागमन से यह सड़क उखड़ कर गड्ढे में तब्दील हो गई है । बालू लदे ओवरलोड ट्रकों से उडने वाली धूल घरों में बैठ रही है। इससे राहत दिलाने के लिए पानी का छिड़कवा भी नहीं किया जा रहा है। बैठक में तय हुआ कि ओवरलोड वाहनों पर पुनर्वास बस्ती के मार्ग से आवाजाही पर रोक लगाई जाए। गड्ढे में तब्दील सड़क की मरम्मत कराई जाए और जब तक सड़क नहीं बन जाती, पानी का छिड़काव किया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि इस पर तत्काल अमल नहीं किया जाता है तो रहवासी चक्का जाम करने को विवश होंगे। इस मौके पर शिवधारी गुप्ता, इंद्रदेव सिंह, योगेंद्र चौबे, मेवालाल, मदन सिंह, विजय, मुकेश, संजय आदि मौजूद रहे।
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आश्वासन की सीमा दो दिन
प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर स्थानीय परियोजना प्रमुख से मिलकर उन्होंने बात की थी। उन्हें सात नवंबर तक का समय दिया गया है । हालांकि अभी तक परियोजना प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है। वैसे अभी दो दिन शेष हैं। सात नवंबर के बाद आंदोलन पर विचार किया जाएगा।
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