{"_id":"5a8879764f1c1b93268baac4","slug":"161518893430-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर्वां औ चतरा बीडीओ के खिलाफ होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर्वां औ चतरा बीडीओ के खिलाफ होगी कार्रवाई
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। जिले के चतरा, नगवां ब्लॉक समेत प्रदेश के 234 विकास खंड ऐसे हैं जहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तृतीय किश्त की अवमुक्ति की सापेक्ष आवासों की पूर्णतया की स्थिति पांच प्रतिशत से कम है। इसका खुलासा प्रदेश स्तर पर आवासों के निर्माण कार्य की गई समीक्षा के दौरान हुुआ है। ग्राम्य विकास आयुक्त ने डीएम और सीडीओ को लापरवाह ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है।
15 फरवरी को सूबे के ग्राम्य विकास आयुक्त पार्थ सारथी सेन की ओर से डीएम को भेजे गए पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत राज्य स्तर पर की गई समीक्षा के दौरान यह पाया गया है कि आगरा, गाजीपुर, औरैया, बहराइच सोनभद्र समेत 46 जिले 234 विकास खंड ऐसे हैं जिनमें तृतीय किश्त की अवमुक्ति की सापेक्ष आवासों की पूर्णतया की स्थिति पांच प्रतिशत से कम है। इनमें से 46 विकास खंड ऐसे हैं जिनकी तृतीय किश्त जारी होने के बाद आवासों के पूर्णतया की स्थिति शून्य है जो खेद जनक और चिंता जनक है। निश्चित रूप से ये ऐसे विकास खंड होंगे जिनके विकास खंड अधिकारी गैर जिम्मेदार एवं निरकुंश हैं। उनके द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों की समीक्षा एवं अनुश्रवण नहीं किया जा रहा है। ऐसे विकास खंड के अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्राम विकास आयुक्त के मुताबिक जिले के चतरा और नगवां ब्लॉक क्षेत्र में पीएम आवास के निर्माण कार्यों की प्रगति धीमी है। वहीं डीएम पीके उपाध्याय कहते हैं कि शासन के मंशानुसार बीडीओ समेत अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की जांच कराई जाएगी, जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
15 फरवरी को सूबे के ग्राम्य विकास आयुक्त पार्थ सारथी सेन की ओर से डीएम को भेजे गए पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत राज्य स्तर पर की गई समीक्षा के दौरान यह पाया गया है कि आगरा, गाजीपुर, औरैया, बहराइच सोनभद्र समेत 46 जिले 234 विकास खंड ऐसे हैं जिनमें तृतीय किश्त की अवमुक्ति की सापेक्ष आवासों की पूर्णतया की स्थिति पांच प्रतिशत से कम है। इनमें से 46 विकास खंड ऐसे हैं जिनकी तृतीय किश्त जारी होने के बाद आवासों के पूर्णतया की स्थिति शून्य है जो खेद जनक और चिंता जनक है। निश्चित रूप से ये ऐसे विकास खंड होंगे जिनके विकास खंड अधिकारी गैर जिम्मेदार एवं निरकुंश हैं। उनके द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों की समीक्षा एवं अनुश्रवण नहीं किया जा रहा है। ऐसे विकास खंड के अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्राम विकास आयुक्त के मुताबिक जिले के चतरा और नगवां ब्लॉक क्षेत्र में पीएम आवास के निर्माण कार्यों की प्रगति धीमी है। वहीं डीएम पीके उपाध्याय कहते हैं कि शासन के मंशानुसार बीडीओ समेत अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की जांच कराई जाएगी, जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन