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अनपरा डी की पहली इकाई से उत्पादन ठप
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अनपरा। अनपरा तापीय परियोजना की 1000 मेगावाट की अनपरा डी परियोजना की पहली इकाई तकनीकी कारणों से बुधवार की प्रात: बंद हो गई।
परियोजना प्रबंधन के अनुसार 1000 हजार मेगावाट क्षमता की अनपरा डी परियोजना की पहली इकाई बुधवार को 10:25 मिनट पर तकनीकी कारण से बंद करनी पड़ी। जिसे उत्पादरत होने में 72 घंटे से अधिक का समय लगेगा। इस दौरान 210 मेगावाट की अनपरा अ तापीय परियोजना की तीनों इकाईयों से 457 मेगावाट, 1000 मेगावाट की अपनरा ब तापीय परियोजना की चौथी व पांचवीं इकाईंयों से 854 मेगावाट, अनपरा डी तापीय परियोजना की दूसरी इकाई से 445 मेगावाट, 1200 मेगावाट की अनपरा लैंको सी परियोजना की दोनों इकाईयों 1017.5 मेगावाट, हरदुआगंज डी से 425 मेगावाट, ओबरा ब से 405 मेगावाट, परीछा अ से 75 मेगावाट, परीछा ब से 354 मेगावाट, परीछा सी से 227.5 मेगावाट, अलखनन्दा से 225 मेगावाट, बारा से 800 मेगावाट, मेजा 320 मेगावाट, रोजा प्रथम से 546 मेगावाट, रोजा द्वितीय से 546 मेगावाट, टांडा से 293 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। इस दौरान प्रदेश में बिजली की मांग 17000 मेगावाट के आस-पास बनी रही।
परियोजना प्रबंधन के अनुसार 1000 हजार मेगावाट क्षमता की अनपरा डी परियोजना की पहली इकाई बुधवार को 10:25 मिनट पर तकनीकी कारण से बंद करनी पड़ी। जिसे उत्पादरत होने में 72 घंटे से अधिक का समय लगेगा। इस दौरान 210 मेगावाट की अनपरा अ तापीय परियोजना की तीनों इकाईयों से 457 मेगावाट, 1000 मेगावाट की अपनरा ब तापीय परियोजना की चौथी व पांचवीं इकाईंयों से 854 मेगावाट, अनपरा डी तापीय परियोजना की दूसरी इकाई से 445 मेगावाट, 1200 मेगावाट की अनपरा लैंको सी परियोजना की दोनों इकाईयों 1017.5 मेगावाट, हरदुआगंज डी से 425 मेगावाट, ओबरा ब से 405 मेगावाट, परीछा अ से 75 मेगावाट, परीछा ब से 354 मेगावाट, परीछा सी से 227.5 मेगावाट, अलखनन्दा से 225 मेगावाट, बारा से 800 मेगावाट, मेजा 320 मेगावाट, रोजा प्रथम से 546 मेगावाट, रोजा द्वितीय से 546 मेगावाट, टांडा से 293 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। इस दौरान प्रदेश में बिजली की मांग 17000 मेगावाट के आस-पास बनी रही।