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पहले स्थान के लिए पंचायती राज विभाग ने झोंकी ताकत
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सोनभद्र। जनपद में ओडीएफ की स्थिरता बनाए रखने और ओडीएफ प्लस की जागरूकता के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एक जून से चलने वाला अभियान 31 जुलाई तक जारी रहेगा। इसके तहत गांवों में ओडीएफ बोर्ड लगाने, वॉल पेंटिंग, स्वच्छता फैलाने वाले पांच संदेश स्थापित किए जाएंगे। इसकी जीयो टैगिंग भी करनी होगी और अभियान का मूल्यांकन भी होगा। शासन स्तर से सूबे में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन जनपदों को सम्मानित किया जाएगा। पहला स्थान हासिल करने के लिए पंचायती राज विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है।
बताते चलें कि शासन ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले के 637 ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) करने के लिए 2,79,000 शौचालयों का निर्माण कार्य कराने की अनुमति दी है। इनमें से अब तक करीब 2,45,000 शौचालय बन चुके हैं। जबकि अभी करीब 34 हजार शौचालय नहीं बन सके हैं। अधूरे शौचालयों का कार्य पूर्ण कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। डीएम ने मानक के अनुरूप शौचालयों का निर्माण कार्य हुआ है या नहीं इसकी जांच के लिए 90 टीमें बनाई है। टीमें करीब 2,20,000 शौचालयों के निर्माण कार्यों की जांच कर रिपोर्ट पंचायती राज विभाग को उपलब्ध करा दी है। खुले में शौच करने से स्वास्थ्य और वातावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गांवों में निगरानी टीमें बनाई गई है। एक जून से पंचायती राज विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है। डीपीआरओ आरके भारती ने कहा कि 700 निगरानी टीमें और उतने ही स्वेच्छाग्रही टीमें गांवों में भ्रमण कर लोगों को ओडीएफ के प्रति जागरूक करने का काम कर रही हैं। टीमों को जागरूक करने समेत अन्य फोटोग्राफी भी कार्यालय को उपलब्ध कराना है। ब्लॉक स्तर पर बीडीओ, न्याय पंचायत स्तर पर एडीओ पंचायत मानिटरिंग कर रहे हैं। अभियान से जुड़े जो अधिकारी एवं कर्मचारी लापरवाही करेंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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सोनभद्र। जनपद में ओडीएफ की स्थिरता बनाए रखने और ओडीएफ प्लस की जागरूकता के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एक जून से चलने वाला अभियान 31 जुलाई तक जारी रहेगा। इसके तहत गांवों में ओडीएफ बोर्ड लगाने, वॉल पेंटिंग, स्वच्छता फैलाने वाले पांच संदेश स्थापित किए जाएंगे। इसकी जीयो टैगिंग भी करनी होगी और अभियान का मूल्यांकन भी होगा। शासन स्तर से सूबे में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन जनपदों को सम्मानित किया जाएगा। पहला स्थान हासिल करने के लिए पंचायती राज विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है।
बताते चलें कि शासन ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले के 637 ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) करने के लिए 2,79,000 शौचालयों का निर्माण कार्य कराने की अनुमति दी है। इनमें से अब तक करीब 2,45,000 शौचालय बन चुके हैं। जबकि अभी करीब 34 हजार शौचालय नहीं बन सके हैं। अधूरे शौचालयों का कार्य पूर्ण कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। डीएम ने मानक के अनुरूप शौचालयों का निर्माण कार्य हुआ है या नहीं इसकी जांच के लिए 90 टीमें बनाई है। टीमें करीब 2,20,000 शौचालयों के निर्माण कार्यों की जांच कर रिपोर्ट पंचायती राज विभाग को उपलब्ध करा दी है। खुले में शौच करने से स्वास्थ्य और वातावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गांवों में निगरानी टीमें बनाई गई है। एक जून से पंचायती राज विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है। डीपीआरओ आरके भारती ने कहा कि 700 निगरानी टीमें और उतने ही स्वेच्छाग्रही टीमें गांवों में भ्रमण कर लोगों को ओडीएफ के प्रति जागरूक करने का काम कर रही हैं। टीमों को जागरूक करने समेत अन्य फोटोग्राफी भी कार्यालय को उपलब्ध कराना है। ब्लॉक स्तर पर बीडीओ, न्याय पंचायत स्तर पर एडीओ पंचायत मानिटरिंग कर रहे हैं। अभियान से जुड़े जो अधिकारी एवं कर्मचारी लापरवाही करेंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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