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सहकारी समितियों पर नहीं पहुंचा धान का बीज
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सोनभद्र। धान की नर्सरी लगाने के लिए 15 जून से 20 जून तक का समय मुफीद होता है। इसको देखते हुए अभी से किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारी में जुट गए हैं। लेकिन अभी तक जिले के 62 सहकारी समितियों पर एक छटाक धान का बीज नहीं पहुंच सका है। जबकि किसान धान बीज लेने लिए समितियों का चक्कर काट रहे हैं। बीज न मिलने से किसानों में रोष व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार राबट्र्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में 62 सहकारी समितियां संचालित हो रही है। इन समितियों से करीब एक लाख किसान जुड़े हुए है। लेकिन 45 हजार किसान ही नियमित लेनदेन करते हैं। वर्ष 2019-20 के लिए एआर कापरेटिव ने 25 कुंतल धान के बीज की डिमांड विभागीय उच्चाधिकारियों से की थी। लेकिन अभी तक एक छटाक भी धान का बीज जिले मेें नहीं पहुंचा है। जबकि 15 जून से 20 जून तक अधिकांश किसान धान की नर्सरी डाल देते हैं। किसान नर्सरी डालने की तैयारी में युद्धस्तर से जुट भी गए हैं। लेकिन सरकारी दर पर किसानों को धान का बीज नहीं मिल पा रहा है। जबकि प्रतिदिन चिलचिलाती धूप में किसान अपने-अपने समितियों पर किसान धान का बीज लेने के लिए पहुंच रहे हैं। वहां जाने पर सचिवों द्वारा जवाब दिया जाता है कि अभी नहीं आया है। निराश होकर किसान वापस लौट जाते हैं। इस संबंध में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता टीएन सिंह ने कहा कि जल्द ही धान का बीज आने की संभावना है। बीज आते ही समितियों को आवांटित कर दिया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार राबट्र्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में 62 सहकारी समितियां संचालित हो रही है। इन समितियों से करीब एक लाख किसान जुड़े हुए है। लेकिन 45 हजार किसान ही नियमित लेनदेन करते हैं। वर्ष 2019-20 के लिए एआर कापरेटिव ने 25 कुंतल धान के बीज की डिमांड विभागीय उच्चाधिकारियों से की थी। लेकिन अभी तक एक छटाक भी धान का बीज जिले मेें नहीं पहुंचा है। जबकि 15 जून से 20 जून तक अधिकांश किसान धान की नर्सरी डाल देते हैं। किसान नर्सरी डालने की तैयारी में युद्धस्तर से जुट भी गए हैं। लेकिन सरकारी दर पर किसानों को धान का बीज नहीं मिल पा रहा है। जबकि प्रतिदिन चिलचिलाती धूप में किसान अपने-अपने समितियों पर किसान धान का बीज लेने के लिए पहुंच रहे हैं। वहां जाने पर सचिवों द्वारा जवाब दिया जाता है कि अभी नहीं आया है। निराश होकर किसान वापस लौट जाते हैं। इस संबंध में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता टीएन सिंह ने कहा कि जल्द ही धान का बीज आने की संभावना है। बीज आते ही समितियों को आवांटित कर दिया जाएगा।
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