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ऊर्जांचल में डेंगू का प्रकोप, लोगों की उड़ी नींद
Updated Fri, 26 Oct 2018 01:17 AM IST
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अनपरा। अनपरा व आसपास के परिक्षेत्र में डेंगू बुखार ने लोगों की नींद उड़ा कर रख दी है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही नागरिकों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। अक्टूबर माह बीतने को है और पारा भी लुढ़क रहा है, लेकिन डेंगू का डंक कमजोर होने का नाम नहीं ले रहा है। अकेले सिर्फ अनपरा बाजार में दो दर्जन से अधिक मरीज डेंगू के शिकार बताए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन लाख कवायद कर लें कि परिक्षेत्र में डेंगू के मरीज पाये जाने पर संबंधित ग्राम प्रधान व स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होगा। पर जिला प्रशासन का यह आदेश सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। अनपरा परिक्षेत्र में एक नहीं दो नहीं दर्जनों की संख्या में लोग डेंगू बुखार से पीड़ित हैं। बताया जा रहा है कि अनपरा बाजार के बाटा गली में ही अधिकांश परिवार डेंगू के शिकार हैं। अनपरा तापीय परियोजना के मेडिकल अफसर अनुराग गुप्ता जो इन मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उनकी मानें तो बाटा गली के लगभग अधिकांश घरों में डेंगू ने अपना ठिकाना बना लिया है। एक ही परिवार के दो से तीन सदस्य डेंगू बुखार से प्रभावित बताये जा रहे हैं। डेढ़ दर्जन से अधिक मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गुप्ता ने बताया कि कई गंभीर मरीज जिनके प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहे थे, उनको वाराणसी के लिए रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि उष्ण कटिबंधीय मच्छरों के काटने से डेंगू का बुखार आता है। कई मरीजों में एन एस-1 ऐंटिजेन टेस्ट पाजीटिव पाया गया है। डेंगू बुखार के पीड़ित अनपरा बाजार निवासी दीपू दीक्षित, रेनूसागर निवासी दिलीप सिंह सहित दर्जनों लोग डेंगू से पीड़ित बताये जा रहे हैं। परिक्षेत्र के पैथोलाजी में डेंगू के मरीजों की कतार लगी हुई है और शासन-प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
इनसेट में
मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव न होने से रोष
अनपरा- ऊर्जांचल में मच्छररोधी दवाओं की छिड़काव व साफ-सफाई के लिए नागरिक लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग कर रहे हैं, परन्तु अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। जिससे डेंगू के प्रकोप से जूझ रहे मरीजों सहित उनके परिजनों में शासन-प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश व्याप्त है। सूत्रों की मानें तो अनपरा, रेनूसागर, ककरी, बीना, खडिय़ा, औड़ी काशी मोड़, डिबुलगंज आदि क्षेत्रों से 30 से अधिक लोग डेंगू के शिकार बताए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के बाद भी न तो जनप्रतिनिधि और न ही परियोजना प्रबंधन मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव कराने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इस संबंध में संयुक्त चिकित्सालय डिबुलगंज के प्रभारी डॉ. वी के सिंह का कहना है कि उनकी जानकारी में डेंगू के एक भी केश अभी तक नहीं आया है।
जिला प्रशासन लाख कवायद कर लें कि परिक्षेत्र में डेंगू के मरीज पाये जाने पर संबंधित ग्राम प्रधान व स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होगा। पर जिला प्रशासन का यह आदेश सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। अनपरा परिक्षेत्र में एक नहीं दो नहीं दर्जनों की संख्या में लोग डेंगू बुखार से पीड़ित हैं। बताया जा रहा है कि अनपरा बाजार के बाटा गली में ही अधिकांश परिवार डेंगू के शिकार हैं। अनपरा तापीय परियोजना के मेडिकल अफसर अनुराग गुप्ता जो इन मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उनकी मानें तो बाटा गली के लगभग अधिकांश घरों में डेंगू ने अपना ठिकाना बना लिया है। एक ही परिवार के दो से तीन सदस्य डेंगू बुखार से प्रभावित बताये जा रहे हैं। डेढ़ दर्जन से अधिक मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गुप्ता ने बताया कि कई गंभीर मरीज जिनके प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहे थे, उनको वाराणसी के लिए रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि उष्ण कटिबंधीय मच्छरों के काटने से डेंगू का बुखार आता है। कई मरीजों में एन एस-1 ऐंटिजेन टेस्ट पाजीटिव पाया गया है। डेंगू बुखार के पीड़ित अनपरा बाजार निवासी दीपू दीक्षित, रेनूसागर निवासी दिलीप सिंह सहित दर्जनों लोग डेंगू से पीड़ित बताये जा रहे हैं। परिक्षेत्र के पैथोलाजी में डेंगू के मरीजों की कतार लगी हुई है और शासन-प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
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मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव न होने से रोष
अनपरा- ऊर्जांचल में मच्छररोधी दवाओं की छिड़काव व साफ-सफाई के लिए नागरिक लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग कर रहे हैं, परन्तु अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। जिससे डेंगू के प्रकोप से जूझ रहे मरीजों सहित उनके परिजनों में शासन-प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश व्याप्त है। सूत्रों की मानें तो अनपरा, रेनूसागर, ककरी, बीना, खडिय़ा, औड़ी काशी मोड़, डिबुलगंज आदि क्षेत्रों से 30 से अधिक लोग डेंगू के शिकार बताए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के बाद भी न तो जनप्रतिनिधि और न ही परियोजना प्रबंधन मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव कराने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इस संबंध में संयुक्त चिकित्सालय डिबुलगंज के प्रभारी डॉ. वी के सिंह का कहना है कि उनकी जानकारी में डेंगू के एक भी केश अभी तक नहीं आया है।
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