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द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से निराकरण की उठाई मांग
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:30 PM IST
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सोनभद्र (ओबरा)। तापीय परियोजना में व्याप्त विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर मंगलवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्य महाप्रबंधक को पत्रक सौंपा। साथ ही द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से निराकरण की मांग की।
इनमें कॉलोनियों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ जलापूर्ति, सिविल एवं अस्पताल में बदहाल जर्जर व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग शामिल है। वहीं, केंद्रीय स्तर की समस्याओं में ओबरा में सीबीएसई इंटरमीडिएट तक विद्यालय खुलवाने, चिकित्सालय में हड्डी, नेत्र विशेषज्ञ एवं सर्जन की नियुक्ति किए जाने की मांग की गई है। समिति ने खाली पड़े पदों पर शिक्षकों की भर्ती तथा स्थायी पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती पर भी जोर दिया। संघर्ष समिति के संयोजक बीडी विश्वकर्मा, मीडिया प्रभारी नरसिंह चंद त्रिपाठी ने बताया कि प्रशासन एवं प्रबंधन को पंद्रह दिनों के भीतर न्यायिक एवं सकारात्मक कार्रवाई करते हुए द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से निराकरण किए जाने का अनुरोध किया है। समाधान नहीं होने की दशा में अगस्त के प्रथम सप्ताह के पश्चात बैठक कर अग्रिम रणनीति तैयार की जाएगी। पत्रक सौंपने में उप्र ताप विद्युत मजदूर संघ, उप्र विद्युत मजदूर संघ, उप्र बिजली मजदूर संगठन, उप्र विद्युत मजदूर संगठन, उप्र विद्युत मजदूर पंचायत, उप्र राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ, उप्र राज्य विद्युत परिषद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, यूपी बिजली बोर्ड इंप्लाइज यूनियन सीटू, राज्य विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन एवं राज्य विद्युत जूनियर इंजीनियर्स संगठन के प्रतिनिधि शामिल थे। (ब्यूरो)
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इनमें कॉलोनियों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ जलापूर्ति, सिविल एवं अस्पताल में बदहाल जर्जर व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग शामिल है। वहीं, केंद्रीय स्तर की समस्याओं में ओबरा में सीबीएसई इंटरमीडिएट तक विद्यालय खुलवाने, चिकित्सालय में हड्डी, नेत्र विशेषज्ञ एवं सर्जन की नियुक्ति किए जाने की मांग की गई है। समिति ने खाली पड़े पदों पर शिक्षकों की भर्ती तथा स्थायी पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती पर भी जोर दिया। संघर्ष समिति के संयोजक बीडी विश्वकर्मा, मीडिया प्रभारी नरसिंह चंद त्रिपाठी ने बताया कि प्रशासन एवं प्रबंधन को पंद्रह दिनों के भीतर न्यायिक एवं सकारात्मक कार्रवाई करते हुए द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से निराकरण किए जाने का अनुरोध किया है। समाधान नहीं होने की दशा में अगस्त के प्रथम सप्ताह के पश्चात बैठक कर अग्रिम रणनीति तैयार की जाएगी। पत्रक सौंपने में उप्र ताप विद्युत मजदूर संघ, उप्र विद्युत मजदूर संघ, उप्र बिजली मजदूर संगठन, उप्र विद्युत मजदूर संगठन, उप्र विद्युत मजदूर पंचायत, उप्र राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ, उप्र राज्य विद्युत परिषद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, यूपी बिजली बोर्ड इंप्लाइज यूनियन सीटू, राज्य विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन एवं राज्य विद्युत जूनियर इंजीनियर्स संगठन के प्रतिनिधि शामिल थे। (ब्यूरो)
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