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Sonebhadra News: दो महीने में 1300 रुपये बढ़ाए, सिलिंडर की संख्या घटाई, मुश्किल में होटल कारोबार
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सोनभद्र। दो महीने में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम करीब 1300 रुपये तक बढ़ गए हैं। इसके भरोसे चलने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और स्ट्रीट फूड की दुकानों पर दाम वृद्धि का सीधा असर पड़ा है। पहले तो उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा और उसके लिए भी उन्हें पहले की अपेक्षा लगभग डेढ़ गुना दाम देना पड़ रहा है। कारोबारियों की मुश्किल है कि डेढ़ गुने दाम पर सिलिंडर खरीदने के बाद भी उन्हें खान-पान के सामान पुराने रेट पर ही बेचने पड़ रहे हैं। इससे उनके लिए मुनाफा तो दूर लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
कॉमर्शियल गैस के दाम मार्च में 114 रुपये बढ़े थे। फिर अप्रैल में करीब 200 रुपये की वृद्धि हुई थी। अब 993 रुपये प्रति सिलिंडर की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ दाम तीन हजार के पार पहुंच गए हैं। किल्लत की स्थिति में दुकानदारों को यह सिलिंडर 400-500 रुपये अतिरिक्त देकर खरीदना पड़ रहा है। बावजूद जरूरत के अनुसार सिलिंडर नहीं मिल पा रहा। कीमतों में इस अचानक उछाल ने छोटे और मध्यम व्यवसायियों की कमर तोड़ दी है। उनके लिए ईंधन का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। छोटी पूंजी पर काम करने वाले दुकानदारों का कहना है कि प्रतिस्पर्धा के बीच वह किसी तरह पेट भरने के लिए रोजगार कर रहे हैं, मगर यही स्थिति रही तो दुकान बंद करनी पड़ जाएगी या फिर रेट बढ़ाने होंगे। इससे ग्राहकों को दिक्कत होगी।
बोले दुकानदार::
गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से उत्पादन लागत सीधे बढ़ गई है। मिठाई बनाने में गैस की खपत ज्यादा होती है, ऐसे में मुनाफा कम होना तय है। यही स्थिति रही तो दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। -शानू मोदनवाल, मिठाई दुकानदार।
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पहले ही खाद्य सामग्री के दाम बढ़े हुए हैं। अब गैस सिलिंडर महंगा होने से खर्च और बढ़ गया है। ग्राहकों पर बोझ डालना भी आसान नहीं है। ऐसे में व्यापार प्रभावित होना तय है। सरकार को इस पर पहल करने की जरूरत है। -राकेश केशरी, रेस्टोरेंट संचालक।
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होटल-रेस्टोरेंट चलाना अब चुनौती बनता जा रहा है। हर महीने खर्च बढ़ रहा है, लेकिन आमदनी उसी अनुपात में नहीं बढ़ रही। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए, जिससे छोटे कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित न हो सके। -चंदन जायसवाल, होटल संचालक।
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सड़क किनारे छोटे कारोबारियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। हम जैसे छोटे दुकानदारों के लिए हर दिन गैस का खर्च निकालना मुश्किल हो जाएगा। इससे रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा। हम खाएंगे और बचाएंगे क्या। -संगम केशरी, चाट-फुल्की विक्रेता।
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शादी के लिए हर आवेदन पर सिर्फ तीन सिलिंडर
शादी-विवाह वाले घरों में गैस सिलिंडर की चुनौती और बढ़ गई है। कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति पर्याप्त न होने से उन्हें दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। विवाह का आयोजन कितना भी बड़ा क्यों न हो, एक आवेदन पर अधिकतम सिर्फ सिलिंडर ही देने की बाध्यता की गई है। ऐसे उपभोक्ता चिंतित हैं। वह सिलिंडर के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं या फिर बिचौलियों की मदद से ऊंचे दामों पर खरीदने को विवश हैं।
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शादी वाले घरों के लिए एक आवेदन पर अधिकतम तीन सिलिंडर देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पहले आपूर्ति विभाग में आवेदन करना होगा। वहीं होटल-रेस्टोरेंट या अन्य दुकानदारों को उनकी जरूरत के अनुसार कॉमर्शियल सिलिंडर दिया जा रहा है, लेकिन सिर्फ उन्हें ही सिलिंडर मिलेगा, जो पहले भी कॉमर्शियल सिलिंडर लेते रहे हैं। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 में उनकी ओर से लिए गए सिलिंडर की आधी मात्रा दी जाएगी। -मो.गुफरान, नोडल अधिकारी, इंडेन गैस।
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कॉमर्शियल गैस के दाम मार्च में 114 रुपये बढ़े थे। फिर अप्रैल में करीब 200 रुपये की वृद्धि हुई थी। अब 993 रुपये प्रति सिलिंडर की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ दाम तीन हजार के पार पहुंच गए हैं। किल्लत की स्थिति में दुकानदारों को यह सिलिंडर 400-500 रुपये अतिरिक्त देकर खरीदना पड़ रहा है। बावजूद जरूरत के अनुसार सिलिंडर नहीं मिल पा रहा। कीमतों में इस अचानक उछाल ने छोटे और मध्यम व्यवसायियों की कमर तोड़ दी है। उनके लिए ईंधन का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। छोटी पूंजी पर काम करने वाले दुकानदारों का कहना है कि प्रतिस्पर्धा के बीच वह किसी तरह पेट भरने के लिए रोजगार कर रहे हैं, मगर यही स्थिति रही तो दुकान बंद करनी पड़ जाएगी या फिर रेट बढ़ाने होंगे। इससे ग्राहकों को दिक्कत होगी।
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बोले दुकानदार::
गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से उत्पादन लागत सीधे बढ़ गई है। मिठाई बनाने में गैस की खपत ज्यादा होती है, ऐसे में मुनाफा कम होना तय है। यही स्थिति रही तो दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। -शानू मोदनवाल, मिठाई दुकानदार।
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पहले ही खाद्य सामग्री के दाम बढ़े हुए हैं। अब गैस सिलिंडर महंगा होने से खर्च और बढ़ गया है। ग्राहकों पर बोझ डालना भी आसान नहीं है। ऐसे में व्यापार प्रभावित होना तय है। सरकार को इस पर पहल करने की जरूरत है। -राकेश केशरी, रेस्टोरेंट संचालक।
होटल-रेस्टोरेंट चलाना अब चुनौती बनता जा रहा है। हर महीने खर्च बढ़ रहा है, लेकिन आमदनी उसी अनुपात में नहीं बढ़ रही। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए, जिससे छोटे कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित न हो सके। -चंदन जायसवाल, होटल संचालक।
सड़क किनारे छोटे कारोबारियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। हम जैसे छोटे दुकानदारों के लिए हर दिन गैस का खर्च निकालना मुश्किल हो जाएगा। इससे रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा। हम खाएंगे और बचाएंगे क्या। -संगम केशरी, चाट-फुल्की विक्रेता।
शादी के लिए हर आवेदन पर सिर्फ तीन सिलिंडर
शादी-विवाह वाले घरों में गैस सिलिंडर की चुनौती और बढ़ गई है। कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति पर्याप्त न होने से उन्हें दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। विवाह का आयोजन कितना भी बड़ा क्यों न हो, एक आवेदन पर अधिकतम सिर्फ सिलिंडर ही देने की बाध्यता की गई है। ऐसे उपभोक्ता चिंतित हैं। वह सिलिंडर के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं या फिर बिचौलियों की मदद से ऊंचे दामों पर खरीदने को विवश हैं।
शादी वाले घरों के लिए एक आवेदन पर अधिकतम तीन सिलिंडर देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पहले आपूर्ति विभाग में आवेदन करना होगा। वहीं होटल-रेस्टोरेंट या अन्य दुकानदारों को उनकी जरूरत के अनुसार कॉमर्शियल सिलिंडर दिया जा रहा है, लेकिन सिर्फ उन्हें ही सिलिंडर मिलेगा, जो पहले भी कॉमर्शियल सिलिंडर लेते रहे हैं। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 में उनकी ओर से लिए गए सिलिंडर की आधी मात्रा दी जाएगी। -मो.गुफरान, नोडल अधिकारी, इंडेन गैस।