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राजमार्ग पर गर्भवती महिला का शव रखकर लगाया जाम
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:52 PM IST
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सोनभद्र। जिला अस्पताल में सोमवार को गर्भवती चंदा देवी (20) की मौत हो गई। इससे नाराज घरवाले अस्पताल के सामने राजमार्ग पर शव रखकर आवागमन ठप कर दिया। परिवार के लोग मौत की वजह स्वास्थ्य कर्मियों को बताते हुए नारेबाजी की। हाईवे जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना के बाद पहुंचे सदर एसडीएम शादाब असलम ने कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इस दौरान आधे घंटे तक सड़क पर आवागम ठप रहा।
करमा थाना क्षेत्र के जोगनी गांव के कृष्ण कुमार चौहान की पत्नी चंदा गर्भवती थी। रविवार की शाम चंदा की तबीयत खराब होने पर घरवाले उसे जिला अस्पताल ले आए। यहां उपचार होने पर उसकी तबीयत में सुधार हो गया। डॉक्टर की सलाह पर सोमवार को चंदा का अल्ट्रासाउंड हुआ और खून की जांच हुई। दोपहर करीब एक बजे अचानक चंदा की हालत बिगड़ गई। महिला स्वास्थ्य कर्मी ने चंदा को इंजेक्शन लगाया। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। इससे खफा घरवाले, तीमारदारों के साथ शव को अस्पताल गेट के सामने सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिवार वालों का कहना था कि डॉक्टर ने चंदा के इलाज में लापरवाही बरती है। इससे महिला के पेट में जुड़वा बच्चे की मौत हो गई। जब तक दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक नहीं हटेंगे। मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम शादाब असलम और कोतवाल सुरेश कुमार मिश्रा के मान मनौव्वल के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी, इसमें जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजमार्ग पर करीब आधे घंटे जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतारे लग गई थी। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पंचनामा हुआ और दो डॉक्टरों पीएम किया।
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करमा थाना क्षेत्र के जोगनी गांव के कृष्ण कुमार चौहान की पत्नी चंदा गर्भवती थी। रविवार की शाम चंदा की तबीयत खराब होने पर घरवाले उसे जिला अस्पताल ले आए। यहां उपचार होने पर उसकी तबीयत में सुधार हो गया। डॉक्टर की सलाह पर सोमवार को चंदा का अल्ट्रासाउंड हुआ और खून की जांच हुई। दोपहर करीब एक बजे अचानक चंदा की हालत बिगड़ गई। महिला स्वास्थ्य कर्मी ने चंदा को इंजेक्शन लगाया। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। इससे खफा घरवाले, तीमारदारों के साथ शव को अस्पताल गेट के सामने सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिवार वालों का कहना था कि डॉक्टर ने चंदा के इलाज में लापरवाही बरती है। इससे महिला के पेट में जुड़वा बच्चे की मौत हो गई। जब तक दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक नहीं हटेंगे। मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम शादाब असलम और कोतवाल सुरेश कुमार मिश्रा के मान मनौव्वल के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी, इसमें जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजमार्ग पर करीब आधे घंटे जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतारे लग गई थी। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पंचनामा हुआ और दो डॉक्टरों पीएम किया।
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