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सोनभद्र में आठवीं से नौवीं कक्षा में 12 हजार ने नहीं लिया प्रवेश
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सोनभद्र। वैश्विक महामारी का असर सोनांचल में शिक्षा पर काफी ज्यादा पड़ा है। यहां कक्षा आठ से नौवीं में प्रवेश लेने में करीग 12 हजार छात्र-छात्राएं पीछे रह गए। यह खुलासा नीति आयोग की तरफ से कराये गए सर्वे में हुआ है। जिले में नीति आयोग आयोग का काम देखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि उच्च प्राथमिक में 42 हजार 744 छात्र-छात्राओं में मात्र 30 हजार 724 ने कक्षा नौ में अपना नामांकन कराया है। इस तरह लगभग 12 हजार बच्चों ने प्रवेश ही नहीं लिया जबकि माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रवेश की प्रक्रिया जनवरी तक जारी रखी गई थी।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार नर्सरी से लेकर माध्यमिक तक बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन किया जाना है। इसके लिए जिले स्तर पर गठित टीम ने अंतर विभागीय समन्वय स्थापित कर पिछले तीन वर्षों के डाटा का विश्लेषण करते हुए योजना बनाई और जनवरी तक नामांकन अभियान चलाया गया। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा आंगनबाड़ी केंद्रों या प्री प्राइमरी कक्षा संचालन करने वाले विद्यालयों में होगी। आगामी सत्र से परिषदीय विद्यालयों में आंगनबाड़ी व प्री प्राइमरी कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। बच्चे पढ़ाई न छोड़ें, सभी का प्रवेश हो इस के लिए रणनीति बनाकर काम किया जाएगा।
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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार नर्सरी से लेकर माध्यमिक तक बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन किया जाना है। इसके लिए जिले स्तर पर गठित टीम ने अंतर विभागीय समन्वय स्थापित कर पिछले तीन वर्षों के डाटा का विश्लेषण करते हुए योजना बनाई और जनवरी तक नामांकन अभियान चलाया गया। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा आंगनबाड़ी केंद्रों या प्री प्राइमरी कक्षा संचालन करने वाले विद्यालयों में होगी। आगामी सत्र से परिषदीय विद्यालयों में आंगनबाड़ी व प्री प्राइमरी कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। बच्चे पढ़ाई न छोड़ें, सभी का प्रवेश हो इस के लिए रणनीति बनाकर काम किया जाएगा।
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