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श्रमदान कर ग्रामीणों ने किया सड़क मरम्मत का कार्य
Updated Mon, 20 Nov 2017 11:10 PM IST
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चोपन ब्लॉक के गिधिया ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने श्रमदान करके सड़क का मरम्मत कर आवागमन को सुगम बना दिया है। पूर्व में रास्ता का खराब होने के नाते गांव में वाहनों का आवाजाही नहीं हो पाता था। अब चूंकि सड़क का मरम्मत हो जाने से आसानी से एंबुलेंस और बारात पहुंच सकेगी। इससे ग्रामीण बेहद खुश हैं।
दोड़वा खाड़ी से गिधिया को जोडने के लिए पिपरहिया नाला पर पुल का निर्माण हुआ था। वर्ष 2005 में बीस लाख की लागत आई थी। ग्रामीणों के आवागमन को सुगम करने के उद्देश्य से पुल का निर्माण कराया गया था, लेकिन उक्त पुल के दोनों सिरे को जोडने वाली सड़क के किनारे बोल्डर की चुनाई नहीं हो सकी। जिससे हर बरसात में पुल के किनारे की मिट्टी बह जाती थी। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही थी। सड़क की मिट्टी बह जाने से बीमारी में 108 एवं 102 नंबर की एंबुलेंस तथा लड़की की बारात नही ंजा सकती थी। बिंदेशरी सिंह, परमेश्वर ने बताया कि कई बार अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से ग्रामीणों ने रविवार की सुबह दोड़वा खाड़ी में एकत्रित होकर श्रमदान का प्रस्ताव रखा। हलकनिया देवी, सामरिया, जितेंद्र, पार्वती, सरिता देवी, सुनीता देवी, शांति देवी, विफनी, कांति देवी ने अपने-अपने घरों से फावड़ा लेकर श्रमदान कर अपने गांव का रास्ता ठीक किया। अब बरसात में भी गांव में वाहनों की आवाजाही हो सकेगी।
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दोड़वा खाड़ी से गिधिया को जोडने के लिए पिपरहिया नाला पर पुल का निर्माण हुआ था। वर्ष 2005 में बीस लाख की लागत आई थी। ग्रामीणों के आवागमन को सुगम करने के उद्देश्य से पुल का निर्माण कराया गया था, लेकिन उक्त पुल के दोनों सिरे को जोडने वाली सड़क के किनारे बोल्डर की चुनाई नहीं हो सकी। जिससे हर बरसात में पुल के किनारे की मिट्टी बह जाती थी। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही थी। सड़क की मिट्टी बह जाने से बीमारी में 108 एवं 102 नंबर की एंबुलेंस तथा लड़की की बारात नही ंजा सकती थी। बिंदेशरी सिंह, परमेश्वर ने बताया कि कई बार अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से ग्रामीणों ने रविवार की सुबह दोड़वा खाड़ी में एकत्रित होकर श्रमदान का प्रस्ताव रखा। हलकनिया देवी, सामरिया, जितेंद्र, पार्वती, सरिता देवी, सुनीता देवी, शांति देवी, विफनी, कांति देवी ने अपने-अपने घरों से फावड़ा लेकर श्रमदान कर अपने गांव का रास्ता ठीक किया। अब बरसात में भी गांव में वाहनों की आवाजाही हो सकेगी।
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