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बालिका विद्यालय में गंदगी देख भड़के एडीएम
Updated Mon, 04 Sep 2017 11:47 PM IST
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सोनभद्र। सोमवार को अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी ने उरमौरा गांव स्थित जगत नारायण बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हर तरफ गंदगी ही दिखाई पड़ी। साथ ही एक साथ चार शिक्षकों के अवकाश पर जाने को भी उन्होंने गंभीरता से लिया और भविष्य में ऐसा न होने की चेतावनी दी।
सोमवार को दोपहर में जगत नारायण बालिका आश्रम पद्घति विद्यालय में पहुंचे एडीएम उमाकांत त्रिपाठी परिसर में घुसते ही गंदगी देख नाराज हो गए। फिर शौचालयों को जाकर देखा तो स्थिति काफी बदतर मिली। उन्होंने पूछा कि क्या यहां पर सफाई नहीं होती। इस पर प्रभारी प्रधानाचार्य कल्पना ने बताया कि विद्यालय में पानी की कमी है। बाहर से पानी का टैंकर आता है। उसी से काम चलाया जाता है। इस पर उन्होंने पानी की समस्या को लेकर डीएम को अवगत कराने और भविष्य में इस पर योजना तैयार करने को कहा। फिर उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति का रजिस्टर चेक कर किया तो पता चला कि एक साथ चार शिक्षक छुट्टी पर हैं। इस पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने विद्यालय में छात्राओं से भोजन की जानकारी भी ली। उधर समाज कल्याण अधिकारी केएल गुप्ता ने बताया कि विद्यालय में वाटर लेबल नहीं है। कुछ दिन पूर्व ही जल निगम के अधिकारियों ने डीएम के निर्देश पर यहां सर्वे किया है लेकिन पानी की गुंजाइश नहीं है। किसी तरह बाहर से टैंकर से पानी मंगाकर काम चलाया जा रहा है।
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सोमवार को दोपहर में जगत नारायण बालिका आश्रम पद्घति विद्यालय में पहुंचे एडीएम उमाकांत त्रिपाठी परिसर में घुसते ही गंदगी देख नाराज हो गए। फिर शौचालयों को जाकर देखा तो स्थिति काफी बदतर मिली। उन्होंने पूछा कि क्या यहां पर सफाई नहीं होती। इस पर प्रभारी प्रधानाचार्य कल्पना ने बताया कि विद्यालय में पानी की कमी है। बाहर से पानी का टैंकर आता है। उसी से काम चलाया जाता है। इस पर उन्होंने पानी की समस्या को लेकर डीएम को अवगत कराने और भविष्य में इस पर योजना तैयार करने को कहा। फिर उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति का रजिस्टर चेक कर किया तो पता चला कि एक साथ चार शिक्षक छुट्टी पर हैं। इस पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने विद्यालय में छात्राओं से भोजन की जानकारी भी ली। उधर समाज कल्याण अधिकारी केएल गुप्ता ने बताया कि विद्यालय में वाटर लेबल नहीं है। कुछ दिन पूर्व ही जल निगम के अधिकारियों ने डीएम के निर्देश पर यहां सर्वे किया है लेकिन पानी की गुंजाइश नहीं है। किसी तरह बाहर से टैंकर से पानी मंगाकर काम चलाया जा रहा है।
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