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अनपरा तापीय परियोजना की तीसरी इकाई से उत्पादन ठप
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अनपरा। अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की तीसरी इकाई शनिवार की अपराहृन तकनीकी कारणों से बंद हो गई।
परियोजना प्रबंधन के अनुसार 210 मेगावाट की तीसरी इकाई 3:21 मिनट पर हाईड्रोजन गैंस में लिकेज के कारण बंद करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि इस इकाई से उत्पादन शुरू करने की कवायद जारी है। इस दौरान अनपरा अ तापीय परियोजना की पहली व दूसरी इकाई से 335 मेगावाट, 500 मेगावाट की अनपरा ब तापीय परियोजना चौथी व पांचवीं इकाई से 856 मेगावाट, 500 मेगावाट की अनपरा द तापीय परियोजना की छठवीं व सातवीं इकाई से 942.5 मेगावाट, 600 अनपरा लैंको सी परियोजना की पहली व दूसरी इकाई से 1017.5 मेगावाट, हरदुआगंज 93.97 मेगावाट, हरदुआगंज डी से 455 मेगावाट, ओबरा ब से 505 मेगावाट, परीछा अ से 85 मेगावाट, परीछा ब से 370 मेगावाट, परीछा सी से 227.5 मेगावाट, अलखनन्दा से 164 मेगावाट, बारा से 900 मेगावाट, मेजा से 400 मेगावाट, रोजा प्रथम से 546 मेगावाट, रोजा द्वितीय से 546 मेगावाट, टांडा से 393 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
इस दौरान प्रदेश में बिजली की मांग 18000 मेगावाट से उपर बनी रहीं। प्रदेश में भीषण गर्मी से बिजली की मांग में बेतहासा वृद्धि दर्ज की जा रही है। मांग को देखते हुए प्रदेश के सभी बंद इकाईयों को शुरू कराकर हालात सम्भालने की कोशिश की जा रही है। पावर कारपोरेशन के अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाये हुए है।
परियोजना प्रबंधन के अनुसार 210 मेगावाट की तीसरी इकाई 3:21 मिनट पर हाईड्रोजन गैंस में लिकेज के कारण बंद करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि इस इकाई से उत्पादन शुरू करने की कवायद जारी है। इस दौरान अनपरा अ तापीय परियोजना की पहली व दूसरी इकाई से 335 मेगावाट, 500 मेगावाट की अनपरा ब तापीय परियोजना चौथी व पांचवीं इकाई से 856 मेगावाट, 500 मेगावाट की अनपरा द तापीय परियोजना की छठवीं व सातवीं इकाई से 942.5 मेगावाट, 600 अनपरा लैंको सी परियोजना की पहली व दूसरी इकाई से 1017.5 मेगावाट, हरदुआगंज 93.97 मेगावाट, हरदुआगंज डी से 455 मेगावाट, ओबरा ब से 505 मेगावाट, परीछा अ से 85 मेगावाट, परीछा ब से 370 मेगावाट, परीछा सी से 227.5 मेगावाट, अलखनन्दा से 164 मेगावाट, बारा से 900 मेगावाट, मेजा से 400 मेगावाट, रोजा प्रथम से 546 मेगावाट, रोजा द्वितीय से 546 मेगावाट, टांडा से 393 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
इस दौरान प्रदेश में बिजली की मांग 18000 मेगावाट से उपर बनी रहीं। प्रदेश में भीषण गर्मी से बिजली की मांग में बेतहासा वृद्धि दर्ज की जा रही है। मांग को देखते हुए प्रदेश के सभी बंद इकाईयों को शुरू कराकर हालात सम्भालने की कोशिश की जा रही है। पावर कारपोरेशन के अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाये हुए है।
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