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जंगल काट जमीन पर कब्जे की मची होड़
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:51 PM IST
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सोनभद्र (शक्तिनगर)। इलाके के चिल्काटांड मार्केट व राजकिशन बस्ती के साथ ज्वालामुखी आवासीय परिसर के मध्य आबाद पावर प्रोजेक्ट की भूमि को कब्जा करने की होड़ मची है। रविवार को दो सौ से अधिक लोग वृक्षरोपण में घुस गए और पेड़ों को काट कर झाड़ियों से जमीन को घेरना शुरू कर दिया। इसमें महिलाओं की तादात ज्यादा रही। कुछ स्थानीय लोग पेड़ काटे जाने कब्जे की सूचना संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा।
दोपहर पुलिस को जानकारी मिली की कब्जा को लेकर लोग आपस में भिड़ रहे हैं। इसपर उप निरीक्षक मनोज यादव पहुंचे। इसके कुछ ही देर बाद एनटीपीसी सिंगरौली के अधिकारियों के निर्देश पर पावर प्रोजेक्ट के निजी सुरक्षा गार्ड भी पहुंच गए। पुलिस व सुरक्षा कर्मियों ने जंगल में कब्जा कर रहे लोगों को हिदायत देकर खदेड़ दिया। लेकिन जिस अंदाज में कब्जा के लिए लोग खड़े हुए उसे देख यह कार्रवाई अपर्याप्त मानी जा रही है। इस संदर्भ में रेंजर अनपरा दिनेश सिंह ने कहा कि पेड़ काटे जाने की सूचना पर उनकी टीम पहुंची और कटे पेड़ों व काटने वालों को चिह्नित कर रही है। उनका कहना था कि भूमि एनटीपीसी की है और वन विभाग ने पौधे लगाने के बाद उसे हस्तान्तरित कर दिया है। ऐसे में कब्जा के विरोध में पावर प्रबंधन को कदम उठाने होंगे। गौरतलब है कि अतिक्रमणकारियों के निशाने पर 50 एकड़ से अधिक भूमि है। एनटीपीसी सिंगरौली ने बीते सालों में खाली पड़ी करीब सौ एकड़ अपनी जमीन पर वन विभाग से वृक्षारोपण कराया था। इसी बीच कुछ लोगों ने पेड़ों को काट कर कब्जा शुरू कर दिया।
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दोपहर पुलिस को जानकारी मिली की कब्जा को लेकर लोग आपस में भिड़ रहे हैं। इसपर उप निरीक्षक मनोज यादव पहुंचे। इसके कुछ ही देर बाद एनटीपीसी सिंगरौली के अधिकारियों के निर्देश पर पावर प्रोजेक्ट के निजी सुरक्षा गार्ड भी पहुंच गए। पुलिस व सुरक्षा कर्मियों ने जंगल में कब्जा कर रहे लोगों को हिदायत देकर खदेड़ दिया। लेकिन जिस अंदाज में कब्जा के लिए लोग खड़े हुए उसे देख यह कार्रवाई अपर्याप्त मानी जा रही है। इस संदर्भ में रेंजर अनपरा दिनेश सिंह ने कहा कि पेड़ काटे जाने की सूचना पर उनकी टीम पहुंची और कटे पेड़ों व काटने वालों को चिह्नित कर रही है। उनका कहना था कि भूमि एनटीपीसी की है और वन विभाग ने पौधे लगाने के बाद उसे हस्तान्तरित कर दिया है। ऐसे में कब्जा के विरोध में पावर प्रबंधन को कदम उठाने होंगे। गौरतलब है कि अतिक्रमणकारियों के निशाने पर 50 एकड़ से अधिक भूमि है। एनटीपीसी सिंगरौली ने बीते सालों में खाली पड़ी करीब सौ एकड़ अपनी जमीन पर वन विभाग से वृक्षारोपण कराया था। इसी बीच कुछ लोगों ने पेड़ों को काट कर कब्जा शुरू कर दिया।
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