फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   भारतीय कोयला उद्योग में कार्यं करना गर्व का विषय : सीएमडी

भारतीय कोयला उद्योग में कार्यं करना गर्व का विषय : सीएमडी

Fri, 29 Mar 2019 11:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2019 11:38 PM IST
विज्ञापन
भारतीय कोयला उद्योग में कार्यं करना गर्व का विषय : सीएमडी
सिंगरौली। कोल इंडिया (सीआईएल) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अनिल कुमार झा ने कहा कि कोयला उद्योग एक कठिन उद्योग है, लेकिन गर्व का विषय है कि इस उद्योग में कार्य करने वाले लोग देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि देश के सुदूर कोने में जब एक बल्ब जलता है, तो उसके पीछे जमीन से 600 मीटर नीचे भूमिगत कोयला खदानों या फिर 50 डिग्री की तपती गर्मी में खुली कोयला खदानों में कार्य कर रहे खनिकों का श्रम और पसीना होता है, जो बिजली बनकर देश का हर चिराग रोशन करता है। वह शुक्रवार को आईआईटी बीएचयू के शताब्दी वर्ष के तहत चल रही शताब्दी व्याख्यान श्रृंखला की कड़ी में भारत में कोयला खनन की वर्तमान चुनौतियां और अवसर विषय पर आईआईटी बीएचयू में पढ़ रहे देश के भावी माइनिंग इंजीनियर्स एवं रिसर्च स्कॉलर्स को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्र के विकास में कोयला उद्योग के अहम योगदान और कोयले का आयात कम कर ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के मद्देनजर देश में बेहतरीन माइनिंग इंजीनियर्स की आवश्यकता का जिक्र करते हुए उन्होंने बीएचयू के माइनिंग इंजीनियरिंग छात्रों से कोयला उद्योग से जुड़कर देश की सेवा की अपील भी की। इस अवसर पर उन्होंने नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर कोल क्वालिटी मैनेजमेंट एंड यूटिलाइजेशन के साथ-साथ रिनोवेटेड रॉक मैकेनिक्स लैब का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कोल इंडिया के गौरवशाली सफर का जिक्र करते हुए कहा कि एक वक्त था जब वर्ष 1975 में कोल इंडिया के पास 7 लाख मैनपावर के साथ 300 कोयला खदानें थीं और उस वक्त कंपनी का वार्षिक कोयला उत्पादन महज 75 मिलियन टन था, लेकिन आज यह कंपनी सिर्फ 3 लाख मैनपावर के साथ उच्च तकनीकी और क्षमता से लैस 370 कोयला खदानों का संचालन कर सालाना 650 मिलियन टन कोयला उत्पादन के कगार पर खड़ी है दुनिया की सबसे बड़ी कोयला कंपनी है। छात्रों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने सीआईएल के उर्वंरक, मेथनॉल, कोल बेड मीथेन आदि में विविधीकरण योजना पर चर्चा की। इस अवसर पर अतिथियों ने बीएचयू परिसर में माइनिंग इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सामने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed