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हांका लगने के बाद तेंदुए को जंगल की तरफ जाने का दावा
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घोरावल (सोनभद्र)। नौगढ़वा गांव में शनिवार को युवक पर हमले के बाद खेत में छिपे तेंदुए को हांका लगाने के बाद जंगल की तरफ चले जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि एहतियातन वन विभाग की टीम दूसरे दिन रविवार को भी मौके पर बनी रही। रात में जंगल की तरफ तेंदुए को जाता न दिखने को लेकर लोगों में आसपास तेंदुए की मौजूदगी को लेकर डर बना रहा। महुअरिया में तेंदुआ दिखने की जानकारी भी ग्रामीणों को बेचैन किए रही।
नौगढ़वा गांव में बलुई बंधा के पास तेंदुए ने शनिवार की सुबह रामबाबू गोंड़ (22) पर हमला बोलकर घायल कर दिया था। ग्रामीणों के पहुंचने पर तेंदुआ गेहूं के खेत में छुप गया। कैमूर वन्य जीव विहार मिर्जापुर डीएफओ राकेश चौधरी, वन्य जीव प्रतिपालक (रानीपुर) जेडी मिश्रा, रेंजर एसके राम, वन्य जीव रक्षक नीटू शर्मा आदि की टीम दिन के साथ ही पूरी रात यहां जमी रही। मिर्जापुर से आई दो टीमें भी पिंजरा, जाल, ट्रंकुलाइजेशन गन के जरिए तेंदुए को ढूंढने और उसे पकड़ने में लगी रही। देर रात तक सफलता न मिलने पर रात में पटाखे छोड़कर और घेराबंदी कर हांका लगाया गया। वन क्षेत्राधिकारी एसके राम का कहना है कि पूरी उम्मीद है कि हांका के बाद तेंदुआ जंगल की तरफ चला गया है। फिर भी एहतियात वन विभाग की टीम मौके पर निगरानी में लगी हुई है। उधर, शाहगंज थाना क्षेत्र के महुअरिया में 15 दिन पूर्व दो बच्चों के साथ दिखे मादा तेंदुआ का सुराग न लगने को लेकर भय का माहौल है। लोगों को डर है कि कहीं उनका पूरा कुनबा तो इलाके में नहीं टहल रहा है। वन्य जीव रक्षक नीटू शर्मा ने कहा कि जो जानकारी मिली है, उससे यह स्पष्ट है कि तेंदुआ चार-पांच दिन से इलाके में भटक रहा है। क्योंकि इलाके में कई जगह मांस के लोथड़े मिले हैं और कई कुत्ते गायब हैं। उन्होंने भी उम्मीद जताई कि शनिवार रात हांका लगाने के बाद तेंदुआ जंगल में लौट गया होगा। हालांकि उनका यह भी कहना था कि एहतियातन लोग सावधानी बरतते रहें। जंगल से सटे इलाके, खड़ी फसल वाले खेत, खास तौर से नौगढ़वा के आस पास के इलाकों में जाने में सावधानी बरतें। घर के बाहर न सोएं, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें।
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नौगढ़वा गांव में बलुई बंधा के पास तेंदुए ने शनिवार की सुबह रामबाबू गोंड़ (22) पर हमला बोलकर घायल कर दिया था। ग्रामीणों के पहुंचने पर तेंदुआ गेहूं के खेत में छुप गया। कैमूर वन्य जीव विहार मिर्जापुर डीएफओ राकेश चौधरी, वन्य जीव प्रतिपालक (रानीपुर) जेडी मिश्रा, रेंजर एसके राम, वन्य जीव रक्षक नीटू शर्मा आदि की टीम दिन के साथ ही पूरी रात यहां जमी रही। मिर्जापुर से आई दो टीमें भी पिंजरा, जाल, ट्रंकुलाइजेशन गन के जरिए तेंदुए को ढूंढने और उसे पकड़ने में लगी रही। देर रात तक सफलता न मिलने पर रात में पटाखे छोड़कर और घेराबंदी कर हांका लगाया गया। वन क्षेत्राधिकारी एसके राम का कहना है कि पूरी उम्मीद है कि हांका के बाद तेंदुआ जंगल की तरफ चला गया है। फिर भी एहतियात वन विभाग की टीम मौके पर निगरानी में लगी हुई है। उधर, शाहगंज थाना क्षेत्र के महुअरिया में 15 दिन पूर्व दो बच्चों के साथ दिखे मादा तेंदुआ का सुराग न लगने को लेकर भय का माहौल है। लोगों को डर है कि कहीं उनका पूरा कुनबा तो इलाके में नहीं टहल रहा है। वन्य जीव रक्षक नीटू शर्मा ने कहा कि जो जानकारी मिली है, उससे यह स्पष्ट है कि तेंदुआ चार-पांच दिन से इलाके में भटक रहा है। क्योंकि इलाके में कई जगह मांस के लोथड़े मिले हैं और कई कुत्ते गायब हैं। उन्होंने भी उम्मीद जताई कि शनिवार रात हांका लगाने के बाद तेंदुआ जंगल में लौट गया होगा। हालांकि उनका यह भी कहना था कि एहतियातन लोग सावधानी बरतते रहें। जंगल से सटे इलाके, खड़ी फसल वाले खेत, खास तौर से नौगढ़वा के आस पास के इलाकों में जाने में सावधानी बरतें। घर के बाहर न सोएं, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें।
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