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बेटों से किसी मामले में पीछे नहीं हैं बेटियां

Tue, 19 Feb 2019 12:18 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क,अमर उजाला,सोनभद्र
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,सोनभद्र Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Tue, 19 Feb 2019 12:18 AM IST
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बेटों से किसी मामले में पीछे नहीं हैं बेटियां
अमर उजाला की ओर से सोमवार को अपराजिता गोष्ठी का आयोजन कीर्ति इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेस में हुआ। इसमें बेटियों ने नारी गरिमा को अक्षुण्य बनाए रखने का संकल्प लिया। बेटे और बेटी के बीच के फर्क को खत्म करने और बेटों के समान बेटियों को हर क्षेत्र में प्रतिभा निखारने का मौका देने की अपील की गई। इस अवसर पर 86 छात्राओं ने संकल्प पत्र भरा।
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यहां परिचर्चा में प्रीति चक्रवर्ती, फरीदा ने कहा कि बेटियां गौरव हैं। बेटियां माता-पिता का आदर्श हैं। इसलिए बेटियों को हमेशा उचित शिक्षा और उचित सम्मान देना चाहिए। आशा शाह, अनीता पटेल ने कहा कि बेटियों को भी अपने माता-पिता का गौरव बनाए रखने के लिए अच्छे कदम उठाए जाने चाहिए। समाज में किसी भी तरह की विसंगतियों का खुलकर सामना करना चाहिए।
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मनीषा सिंह, सुधा रानी गुप्ता ने कहा कि समाज में जब बेटियां बाहर निकलती हैं तो उन्हें तमाम तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। रास्ते में बेटियों को कोई छेड़ता हो या किसी तरह की गलत हरकत करता हो तो बेटियों को इसे दबाना नहीं चाहिए, बल्कि इसका डटकर मुकाबला करना चाहिए। संकोच करने से समस्या और बढ़ती है। इसलिए बेटियों को पुलिस की अभिभावकों की मदद लेनी चाहिए। समाज में गलत कार्यों का खुलकर प्रतिकार करना चाहिए। शुभा रानी गुप्ता, रेनू गौतम का कहना है कि भ्रूण हत्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को समय-समय पर बड़े कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि समाज से यह अभिशाप खत्म हो सके। प्रज्ञा सिंह, प्रियांशु केसरी ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से अव्वल हैं। समाज में भ्रूण हत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं।
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इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है। प्रिया सिंह, नाजनी खातून ने कहा कि शिक्षा से ही समाज का विकास संभव है। जब एक बेटी शिक्षित होगी तो वह समाज के कई वर्ग के लोगों को शिक्षित करेंगी। शिक्षित बेटी आगे चलकर मां बनेगी तो अपने बेटों को भी शिक्षित कर उन्हें अच्छे संस्कार देगी। इससे समाज में विसंगतियां दूर होंगी। पूजा सिंह, गीता यादव ने कहा कि विद्यालयों में बेटियों की सुरक्षा के लिए अलग से जूडो कराटे की कक्षाएं संचालित की जानी चाहिए।
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