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भगवान को समर्पण भाव चाहिए, दिखावा नहीं
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:24 AM IST
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घोरावल। नगर के प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा भक्तियज्ञ के दूसरे दिन बुधवार रात्रि में बड़ी संख्या में श्रोताओं ने भक्ति की शक्ति का रसपान किया। वृंदावन मथुरा से पधारे ब्रजरज महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण के फल को तौला नही जा सकता। कलियुग में यह महान ग्रन्थ मुक्ति का द्वार है। इस परम दिव्य महाग्रंथ को सुनने के बाद किसी ग्रंथ के श्रवण की आवश्यकता नहीं है। भागवत कथा सुनने में रुचि नहीं है तो निश्चित रूप से व्यक्ति के अंदर पाप व्याप्त है।
भगवान का नाम जब अन्त: करण में जाता है तो वह पूरे बदन की सफाई झाड़ू की तरह लग जाता है। रावण से अधिक तपस्या कोई नही किया उसने अपना सर चढ़ा दिया। भगवान को समर्पण भाव चाहिए न कि दिखावा। अधर्म से कमाया धन भगवान स्वीकार नही करते हैं। कथा वाचक ब्रजरज दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला मानव मात्र के लिए एक दिव्य संदेश है। कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन को दिया गया। उनका अलौकिक गीता का ज्ञान संपूर्ण विश्व के एक ऐसी धरोहर है, जो युगों-युगों तक सभी ब्रह्मांड को प्रकाशित करता रहेगा। घोरावल में आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम हिंदू मुस्लिम भाईचारे का एक प्रशंसनीय उदाहरण है, क्योंकि इसका आयोजन आफताब आलम निवासी बहुआरी कला जिला मिर्जापुर ने किया है। इस अवसर पर कथा के संयोजक अशोक अग्रहरि, कृष्ण कुमार मोदनवाल, राजकुमार सोनी, काजू अग्रहरि, संतोष ऊमर, डॉ. लालमणि मिश्र, प्रसून कुमार मौजूद रहे।
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भगवान का नाम जब अन्त: करण में जाता है तो वह पूरे बदन की सफाई झाड़ू की तरह लग जाता है। रावण से अधिक तपस्या कोई नही किया उसने अपना सर चढ़ा दिया। भगवान को समर्पण भाव चाहिए न कि दिखावा। अधर्म से कमाया धन भगवान स्वीकार नही करते हैं। कथा वाचक ब्रजरज दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला मानव मात्र के लिए एक दिव्य संदेश है। कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन को दिया गया। उनका अलौकिक गीता का ज्ञान संपूर्ण विश्व के एक ऐसी धरोहर है, जो युगों-युगों तक सभी ब्रह्मांड को प्रकाशित करता रहेगा। घोरावल में आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम हिंदू मुस्लिम भाईचारे का एक प्रशंसनीय उदाहरण है, क्योंकि इसका आयोजन आफताब आलम निवासी बहुआरी कला जिला मिर्जापुर ने किया है। इस अवसर पर कथा के संयोजक अशोक अग्रहरि, कृष्ण कुमार मोदनवाल, राजकुमार सोनी, काजू अग्रहरि, संतोष ऊमर, डॉ. लालमणि मिश्र, प्रसून कुमार मौजूद रहे।
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