{"_id":"5b181dda4f1c1b614d8b4fba","slug":"101528307162-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की किल्लत, यात्री रेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की किल्लत, यात्री रेशान
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र/रेणुकूट। जिले में विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर लगे हैंडपंप खराब हो गए हैं। कई जगह बनी पानी टंकी भी जलापूर्ति नहीं कर रही है। ऐसे में यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। यही हाल राबर्ट्सगंज का है। इनमें सबसे खराब स्थिति रेणुकूट रेलवे स्टेशन की है। यहां देश के कोने-कोने से आने वालों को पानी नहीं मिलता।
जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है। यहां के रेलवे स्टेशनों से आने वाली ट्रेने पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरती हैं। तापमान अधिक होने से यात्री गर्मी से परेशान हो जाते हैं। लोग प्यास से तड़पते हैं और किसी रेलवे स्टेशन के आने का इंतजार करते हैं। लेकिन जिले के कई रेलवे स्टेशनों पर पानी का गंभीर संकट है। यहां लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस जा रहे हैं। राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन पर पेयजल के लिए तीन हैंडपंप की स्थापना की गई है लेकिन उसमें महज एक ही हैंडपंप पानी उगल रहा है। दो हैंडपंप खराब है। इस स्टेशन पर कोल्ड वाटर की सुविधा मुहैया है। स्टेशन पर दो नंबर प्लेटफार्म का निर्माण करीब-करीब पूरा हो चुका है। ट्रेनें भी रूक रही है लेकिन यात्रिय़ों के सुवरिदा के लिए लगाये गए टोटी में पानी ही नहीं है। यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतीक्षालय कक्ष बनाया गया। इस दौरान शौचालय का भी निर्माण कराया गया, लेकिन पानी टंकी के अभाव में शो पीस बने कर रह गए। जबकि प्लेटफार्म के एक छोर पर बने सामान्य शौचालय भी पानी के अभाव में जस के तस पड़े हुए हैं।
रेणुकूट में रेलवे स्टेशन पर पानी का टोटा है। एक नंबर व दो नंबर प्लेटफार्म पर पेयजल है ही नहीं। यहां कुलिंग मशीन भी शो पीस बनी हुई है। स्टेशन पर ठहरने वाले तथा आने-जाने वाले यात्रियों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन के अधीक्षक आरएन सारस्वत का कहना है कि पानी के लिए बोरिंग आदि की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हैंडपंप से फिलहाल काम चल रहा है। कई सुविधाओं पर काम चल रहा है। इसका लाभ आगामी दिनों में यात्रियों को मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है। यहां के रेलवे स्टेशनों से आने वाली ट्रेने पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरती हैं। तापमान अधिक होने से यात्री गर्मी से परेशान हो जाते हैं। लोग प्यास से तड़पते हैं और किसी रेलवे स्टेशन के आने का इंतजार करते हैं। लेकिन जिले के कई रेलवे स्टेशनों पर पानी का गंभीर संकट है। यहां लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस जा रहे हैं। राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन पर पेयजल के लिए तीन हैंडपंप की स्थापना की गई है लेकिन उसमें महज एक ही हैंडपंप पानी उगल रहा है। दो हैंडपंप खराब है। इस स्टेशन पर कोल्ड वाटर की सुविधा मुहैया है। स्टेशन पर दो नंबर प्लेटफार्म का निर्माण करीब-करीब पूरा हो चुका है। ट्रेनें भी रूक रही है लेकिन यात्रिय़ों के सुवरिदा के लिए लगाये गए टोटी में पानी ही नहीं है। यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतीक्षालय कक्ष बनाया गया। इस दौरान शौचालय का भी निर्माण कराया गया, लेकिन पानी टंकी के अभाव में शो पीस बने कर रह गए। जबकि प्लेटफार्म के एक छोर पर बने सामान्य शौचालय भी पानी के अभाव में जस के तस पड़े हुए हैं।
विज्ञापन
रेणुकूट में रेलवे स्टेशन पर पानी का टोटा है। एक नंबर व दो नंबर प्लेटफार्म पर पेयजल है ही नहीं। यहां कुलिंग मशीन भी शो पीस बनी हुई है। स्टेशन पर ठहरने वाले तथा आने-जाने वाले यात्रियों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन के अधीक्षक आरएन सारस्वत का कहना है कि पानी के लिए बोरिंग आदि की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हैंडपंप से फिलहाल काम चल रहा है। कई सुविधाओं पर काम चल रहा है। इसका लाभ आगामी दिनों में यात्रियों को मिलेगा।
विज्ञापन