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बाघ को सामने देख महिला हुई बेसुध
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:22 PM IST
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हालांकि बाघ ने उस पर हमला नहीं किया। बावजूद इसके वन विभाग बाघ की मौजूदगी न होने की बात कह रहा है। छावन निवासी अशोक की पत्नी ऊषा देवी गांव के ही राम जीवन की पत्नी सुमन देवी के साथ मंगलवार को जंगल में सूखी लकड़ियां बीनने गई थी।
इसी बीच जंगल में बाघ से उसका सामना हो गया। बाघ को सामने खड़े देख महिलाओं के होश उड़ गए। इनमें सुमन बेसुध सी हो गई। इसी बीच ऊषा का शोर सुनते ही ग्रामीण लाठी व डंडा लेकर जंगल की ओर दौड़ पड़े।
ग्रामीणों का शोर सुनकर बाघ वहां से भाग गया लेकिन तब तक डर के कारण सुमन की हालत बिगड़ चुकी थी। जंगल में पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों महिलाओं को ढांढस बंधाया और उन्हें घर लेकर आए।
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घर पहुंचने के बावजूद दोनों महिलाएं काफी दहशत में थी। उनका कहना है कि बाघ उससे चंद कदम की ही दूरी पर था, जब उन्होंने पेड़ की ओट लेकर शोर मचाया और ग्रामीणों ने शोर किया। तब बाघ वहां से जंगल के अंदर चला गया।
महिलाओं का कहना है कि अगर उनके हाथ में डंडे न होते और ग्रामीण शोर न मचाते, तो बाघ उनके ऊपर हमला भी कर सकता था। क्योंकि बाघ उनकी तरफ ही बढ़ा चला आ रहा था। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि वे कई दिनों से बाघ को इस क्षेत्र में देख रहे हैं।
इसी क्षेत्र के ग्राम अमटामऊ, ठाकुरगंज के पास भी ग्रामीणों ने बाघ देखे जाने की बात कही है। उधर, वन विभाग के अधिकारी जानकारी न होने की बात कह रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उस क्षेत्र में टीम भेजी जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वहां पर बाघ था या फिर कोई और जानवर।
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इसी बीच जंगल में बाघ से उसका सामना हो गया। बाघ को सामने खड़े देख महिलाओं के होश उड़ गए। इनमें सुमन बेसुध सी हो गई। इसी बीच ऊषा का शोर सुनते ही ग्रामीण लाठी व डंडा लेकर जंगल की ओर दौड़ पड़े।
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ग्रामीणों का शोर सुनकर बाघ वहां से भाग गया लेकिन तब तक डर के कारण सुमन की हालत बिगड़ चुकी थी। जंगल में पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों महिलाओं को ढांढस बंधाया और उन्हें घर लेकर आए।
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घर पहुंचने के बावजूद दोनों महिलाएं काफी दहशत में थी। उनका कहना है कि बाघ उससे चंद कदम की ही दूरी पर था, जब उन्होंने पेड़ की ओट लेकर शोर मचाया और ग्रामीणों ने शोर किया। तब बाघ वहां से जंगल के अंदर चला गया।
महिलाओं का कहना है कि अगर उनके हाथ में डंडे न होते और ग्रामीण शोर न मचाते, तो बाघ उनके ऊपर हमला भी कर सकता था। क्योंकि बाघ उनकी तरफ ही बढ़ा चला आ रहा था। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि वे कई दिनों से बाघ को इस क्षेत्र में देख रहे हैं।
इसी क्षेत्र के ग्राम अमटामऊ, ठाकुरगंज के पास भी ग्रामीणों ने बाघ देखे जाने की बात कही है। उधर, वन विभाग के अधिकारी जानकारी न होने की बात कह रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उस क्षेत्र में टीम भेजी जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वहां पर बाघ था या फिर कोई और जानवर।