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Sitapur News: बिन आधार 16,045 नौनिहाल लाचार
Wed, 22 Jan 2025 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:01 AM IST
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सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे 16,045 बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है। इसकी वजह से इन नौनिहालों को डीबीटी का लाभ नहीं मिल सका है। जन्म प्रमाणपत्र न होने से 1,113 बच्चों के आधार कार्ड नहीं बन सके हैं। इस लापरवाही पर बीएसए ने 10 बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी है।
नौनिहालों के आधार कार्ड के आधार पर ही उन्हें डीबीटी का लाभ दिया जाता है। डीबीटी के तहत नौनिहालों को 1200 रुपये प्रतिवर्ष मिलते हैंं। इस धनराशि से बच्चे जूते-मोजे, स्वेटर, स्टेशनरी आदि खरीदते हैं।
जिले के 16,045 नौनिहाल बिना आधार कार्ड के ही विद्यालय में पढ़ रहे हैं। इस वजह से इनको इस बार डीबीटी का लाभ नहीं मिल सका है। आधार कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी बीईओ को दी गईं थी। प्रत्येक विकासखंड पर आधार कार्ड बनवाने वाली किट व कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। इसके बावजूद बीईओ ने आधार कार्ड बनवाने में दिलचस्पी नहीं ली। जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की भी जिम्मेदारी बीईओ की दी गई थी।
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बीईओ बच्चों का आवेदन कराते हुए खंड विकास अधिकारी को भेजेंगे। बीडीओ जन्म प्रमाणपत्र बनवाना तय करेंगे। बीएसए ने इस मामले की समीक्षा की तो पता चला कि बीडीओ स्तर से जन्म प्रमाणपत्र के एक भी मामले लंबित नहीं हैं। इस पर 10 बीईओ को तीन दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में वह इस मामले की पूरी रिपोर्ट देंगे। अगर लापरवाही मिलती है तो इनको प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
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नौनिहालों के आधार कार्ड के आधार पर ही उन्हें डीबीटी का लाभ दिया जाता है। डीबीटी के तहत नौनिहालों को 1200 रुपये प्रतिवर्ष मिलते हैंं। इस धनराशि से बच्चे जूते-मोजे, स्वेटर, स्टेशनरी आदि खरीदते हैं।
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जिले के 16,045 नौनिहाल बिना आधार कार्ड के ही विद्यालय में पढ़ रहे हैं। इस वजह से इनको इस बार डीबीटी का लाभ नहीं मिल सका है। आधार कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी बीईओ को दी गईं थी। प्रत्येक विकासखंड पर आधार कार्ड बनवाने वाली किट व कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। इसके बावजूद बीईओ ने आधार कार्ड बनवाने में दिलचस्पी नहीं ली। जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की भी जिम्मेदारी बीईओ की दी गई थी।
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बीईओ बच्चों का आवेदन कराते हुए खंड विकास अधिकारी को भेजेंगे। बीडीओ जन्म प्रमाणपत्र बनवाना तय करेंगे। बीएसए ने इस मामले की समीक्षा की तो पता चला कि बीडीओ स्तर से जन्म प्रमाणपत्र के एक भी मामले लंबित नहीं हैं। इस पर 10 बीईओ को तीन दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में वह इस मामले की पूरी रिपोर्ट देंगे। अगर लापरवाही मिलती है तो इनको प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।