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पचीसा गांव के खेतों को लील गई घाघरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2016 10:59 PM IST
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घाघरा नदी से कटान
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जिले के गांजरी क्षेत्र में कटान तेज हो गई है। घाघरा का पानी तट से लगकर बह रहा है। वहीं शारदा व घाघरा बैराजों से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इधर, मंगलवार को प्रशासन हरकत में आया और बेघर हुए लोगों को घर बनाने के लिए जमीनें उपलब्ध करानी शुरू कर दी हैं। नदी के टापू पर बसे परिवारों को भी नदी के इस पार जमीनें दी जा रही हैं।
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रेउसा में कोनी, निर्मल पुरवा, गोड़ियन पुरवा, चंद्रभाल पुरवा में घाघरा कटान कर रही है। जबकि श्रीराम पुरवा गांव कटान की भेंट चढ़ चुका है। रामपुर मथुरा में शुक्लनपुरवा, अंगरौरा, नया पुरवा आदि गांवों के निकट भी घाघरा कटान कर रही है। जहां-जहां नदी का तट नीचा है, वहां नदी का पानी तट से बाहर आ गया है।
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क्षेत्र के नालों में घाघरा का पानी बहने लगा है। टापू पर बसे पचीसा गांव में खेत नदी की बाढ़ के चपेट में आ गए हैं। अधिकांश भाग पानी में डूबा हुआ है, जबकि नालों में पानी बह रहा है। वहां से किनारों की तरफ आने के लिए ग्रामीण हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। पचीसा गांव से करीब चार किलोमीटर दूरी पर नदी का किनारा है।
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इसके बीच घाघरा का अथाह जल हिलोरे मार रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मौके पर अगर छोटी नाव को नदी में उतारा जाए, तो नाव हिलोरों व भंवर में फंसकर डूब सकती है। पानी भी चार किलोमीटर की दूरी तक है, जबकि धार तेज है।
पानी अगर कोई फंस गया तो उसका बाहर निकल पाना मुश्किल ही नहीं असंभव है। इधर, मंगलवार को घाघरा बैराज व शारदा बैराज से 1,93,868 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। घाघरा नदी पहले से ही उफान पर है। इतना पानी और आने पर बाढ़ की नौबत आ जाएगी। हालांकि प्रशासन ने कटान पीड़ितों को भूमि देने का काम शुरू कर दिया है।