{"_id":"578d19f74f1c1b9d32c4c2ad","slug":"vegetable-prices-rose-by-40-per-cent-in-a-week","type":"story","status":"publish","title_hn":"हफ्तेभर में 40 फीसदी तक बढ़ गए सब्जियों के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हफ्तेभर में 40 फीसदी तक बढ़ गए सब्जियों के दाम
Amar ujala Bureau
Updated Mon, 18 Jul 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
फल और सब्जियां
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लगातार हो रही बारिश का असर सब्जियों पर पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह में हरी सब्जियों के दामों में एकाएक बीस से 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह सब इसलिए है कि बारिश अधिक होने से सब्जियां खेत में पड़ी सड़ रही है।
इससे मंडी में आवक कम हो गई है। अधिकतर सब्जियां जिले में बाहरी प्रांतों से आती है। इसे देखते हुए व्यापारियों ने एक माह बाद ही सब्जियों के दामों में कमी होने की उम्मीद जताई है।
जिले में महाराष्ट्र, नासिक, हल्द्वानी आदि प्रांतों से सब्जियां आती है। इन स्थानों पर पिछले एक माह के अंदर जमकर बरसात हुई है। इसकी वजह से किसान अपनी फसल खेत से उठा नहीं पाए। वही पर फसल पानी में पड़ी सड़ रही है। इसका असर जिले पर भी दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
एक सप्ताह के अंदर सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे है। 100 रुपये किलो बिकने वाला लहसुन 140 रुपये में बिक रहा है। इसी प्रकार अन्य सब्जियों के भाव में एकाएक बढ़ गए है।
सब्जियों के दाम (रुपये प्रति किग्रा)
सब्जी एक सप्ताह पहले अब
आलू 18 25
टमाटर 40 60
बैंगन 20 30
सोया 50 80
प्याज 14 10
लहसुन 100 140
परवल 30 40
पालक 20 30
लौकी 20 30
कद्दू 20 30
घुइया 20 30- भाव रूपये किलो
बाक्स
बारिश के बाद ही कीमतें कम होने की उम्मीद
सब्जी व्यवसायी अमर ने बताया कि घुइया सहित तमाम सब्जियों के दाम बढ़ गए है। यह सब भारी बरसात की वजह से हो रहा है। जब बरसात थमेगी तभी फसल का उठान होगा, उसके बाद ही रेट कम होंगे।
विवेक का कहना है कि केवल प्याज के भाव बढ़ने के बजाए गिर गए है। अन्य सभी सब्जियों के दाम बढ़े है। चाहे वह जिले की हो या गैर प्रांतों की। विकास ने बताया कि दाम बढ़ने से अब लोग सब्जियों की बिक्री भी प्रभावित हुई है।
एक आम आदमी जो पहले जो दो किलो सब्जी खरीदता था अब वह केवल एक किलो से ही काम चला रहा है। मो. नईम ने बताया कि अब जब बाहरी प्रांतों से सब्जी नहीं आ रही है तो जनपद से भी सब्जी का आना कम हो गया है। इसी वजह से लगातार दाम बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
इससे मंडी में आवक कम हो गई है। अधिकतर सब्जियां जिले में बाहरी प्रांतों से आती है। इसे देखते हुए व्यापारियों ने एक माह बाद ही सब्जियों के दामों में कमी होने की उम्मीद जताई है।
विज्ञापन
जिले में महाराष्ट्र, नासिक, हल्द्वानी आदि प्रांतों से सब्जियां आती है। इन स्थानों पर पिछले एक माह के अंदर जमकर बरसात हुई है। इसकी वजह से किसान अपनी फसल खेत से उठा नहीं पाए। वही पर फसल पानी में पड़ी सड़ रही है। इसका असर जिले पर भी दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
एक सप्ताह के अंदर सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे है। 100 रुपये किलो बिकने वाला लहसुन 140 रुपये में बिक रहा है। इसी प्रकार अन्य सब्जियों के भाव में एकाएक बढ़ गए है।
सब्जियों के दाम (रुपये प्रति किग्रा)
सब्जी एक सप्ताह पहले अब
आलू 18 25
टमाटर 40 60
बैंगन 20 30
सोया 50 80
प्याज 14 10
लहसुन 100 140
परवल 30 40
पालक 20 30
लौकी 20 30
कद्दू 20 30
घुइया 20 30- भाव रूपये किलो
बाक्स
बारिश के बाद ही कीमतें कम होने की उम्मीद
सब्जी व्यवसायी अमर ने बताया कि घुइया सहित तमाम सब्जियों के दाम बढ़ गए है। यह सब भारी बरसात की वजह से हो रहा है। जब बरसात थमेगी तभी फसल का उठान होगा, उसके बाद ही रेट कम होंगे।
विवेक का कहना है कि केवल प्याज के भाव बढ़ने के बजाए गिर गए है। अन्य सभी सब्जियों के दाम बढ़े है। चाहे वह जिले की हो या गैर प्रांतों की। विकास ने बताया कि दाम बढ़ने से अब लोग सब्जियों की बिक्री भी प्रभावित हुई है।
एक आम आदमी जो पहले जो दो किलो सब्जी खरीदता था अब वह केवल एक किलो से ही काम चला रहा है। मो. नईम ने बताया कि अब जब बाहरी प्रांतों से सब्जी नहीं आ रही है तो जनपद से भी सब्जी का आना कम हो गया है। इसी वजह से लगातार दाम बढ़ रहे हैं।