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जांच की भनक पर श्रमिकों को दे दी छुट्टी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 May 2017 11:38 PM IST
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चीनी मिल
- फोटो : अमर उजाला
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जवाहरपुर में डालमिया चीनी मिल में श्रम प्रवर्तन अधिकारी इंदु भूषण गए तो थे श्रमिकों को कम वेतन भुगतान व शोषण प्रकरण की जांच करने पर इसकी भनक पाते ही मिल प्रबंधन ने सभी श्रमिकों को छुट्टी दे दी। ऐसे में श्रमिकों के बयान दर्ज नहीं हो सके और अफसर वापस लौट आए। अब उन्होंने दोनों पक्षों को नोटिस देकर सात दिन में जवाब मांगा है।
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रामकोट निवासी अशोक कुमार व सुरेश ने अफसरों से शिकायत कर मिल प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाया था। शिकायत में उन्होंने कहा था कि वह डालमिया चीनी मिल में स्थापना के समय से कार्यरत हैं और कुशल श्रमिक श्रेणी के कामगार हैं।
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मानक अनुसार 342 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी मिलनी चाहिए पर उन्हें महज 180 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से माह में 5400 रुपये मजदूरी दी जा रही है। यह रकम उनके बैंक खातों के जरिए मिली रही है मगर उनका पीएफ नहीं काटा जा रहा है।
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श्रमिक दिनेश, सुरेश, जितेंद्र आदि ने भी कम वेतन देने व शोषण का आरोप लगाया था। इन लोगों ने मिल के जीएम आगा आसिफ बेग व कारखाना प्रबंधक मनीष द्विवेदी पर आरोप लगाया था कि पूरे माह काम कराने के बावजूद मिल में महज पंद्रह दिन कार्य के अंकित किए जाते हैं।
श्रमिकों को अन्य सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं। उधर, मामला संज्ञान में आने पर अप्रैल में इस प्रकरण की सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच की थी। जांच में शिकायतें सही मिली थी। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता पूनम मिश्र ने मिल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
अब श्रम प्रवर्तन अधिकारी इंदूभूषण शुक्रवार को मिल जांच करने गए, लेकिन उन्हें मिल में कोई श्रमिक नहीं मिला। जांच के भय से प्रबंधन ने श्रमिकों की छुट्टी कर दी। जिस कारण श्रमिकों के बयान दर्ज नहीं हो सके। श्रम प्रवर्तन अधिकारी इंदूभूषण ने बताया कि जांच के दौरान मजदूर नहीं मिले। दोनों पक्षों को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है।