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दो शिक्षकों को मिलेगा राष्ट्रपति पुरस्कार
सीतापुर/अमर उजाला
Updated Mon, 31 Aug 2015 11:14 PM IST
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जिला व्यायाम शिक्षक पद पर 20 वर्ष तक कार्य करने के बावजूद अशोक प्रजापति ने नौकरी को अलविदा कह दिया। बच्चों को पढ़ाने के लिए वह अपने मूल विद्यालय चले गए जहां वह नौनिहालों को भविष्य संवारने में लगे हैं।
राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित होने के बाद अशोक का नाम शिक्षकों के बीच चर्चा का विषय है। खैराबाद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसेहराकलां में सहायक अध्यापक पद पर तैनात अशोक का परिषदीय स्तर पर राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार में चयन हुआ है।
अशोक बताते है कि उनका 32 वर्षों का शैक्षिक अनुभव है। पहली पोस्टिंग 1985 में परसेंडी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मदनापुर में हुई थी। उसके बाद उनका चयन व्यायाम शिक्षक के रूप हुआ जहां मन नहीं लगा तो इस्तीफा दे दिया।
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माध्यामिक शिक्षा में जिले से पहली बार डॉ. सुरेश तिवारी राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुए हैं। डॉ. तिवारी आरबीएसबी इंटर कॉलेज कमलापुर में प्रधानाचार्य हैं।
इस उपलब्धि पर डॉ. सुरेश बताते हैं कि 1984 में पहली पोस्टिंग उजागर लाल इंटर कॉलेज में संस्कृत के प्रवक्ता के रूप में हुई थी। 16 वर्षों तक कॉलेज में पढ़ाया। वर्ष 2000 में आरबीएसबी इंटर कॉलेज कमलापुर में तैनाती हुई। एमए में लखनऊ विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. सुरेश जनपद के वरिष्ठ प्रधानाचार्य हैं।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के डेढ़ दशक तक निर्विरोध अध्यक्ष भी रहे। उनका कहना है कि प्रधानाचार्य पद के दौरान कॉलेज के पांच बच्चे एनडीए में चयनित हुए है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता व गुरुजनों को दिया है।
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राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित होने के बाद अशोक का नाम शिक्षकों के बीच चर्चा का विषय है। खैराबाद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसेहराकलां में सहायक अध्यापक पद पर तैनात अशोक का परिषदीय स्तर पर राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार में चयन हुआ है।
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अशोक बताते है कि उनका 32 वर्षों का शैक्षिक अनुभव है। पहली पोस्टिंग 1985 में परसेंडी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मदनापुर में हुई थी। उसके बाद उनका चयन व्यायाम शिक्षक के रूप हुआ जहां मन नहीं लगा तो इस्तीफा दे दिया।
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माध्यामिक शिक्षा में जिले से पहली बार डॉ. सुरेश तिवारी राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुए हैं। डॉ. तिवारी आरबीएसबी इंटर कॉलेज कमलापुर में प्रधानाचार्य हैं।
इस उपलब्धि पर डॉ. सुरेश बताते हैं कि 1984 में पहली पोस्टिंग उजागर लाल इंटर कॉलेज में संस्कृत के प्रवक्ता के रूप में हुई थी। 16 वर्षों तक कॉलेज में पढ़ाया। वर्ष 2000 में आरबीएसबी इंटर कॉलेज कमलापुर में तैनाती हुई। एमए में लखनऊ विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. सुरेश जनपद के वरिष्ठ प्रधानाचार्य हैं।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के डेढ़ दशक तक निर्विरोध अध्यक्ष भी रहे। उनका कहना है कि प्रधानाचार्य पद के दौरान कॉलेज के पांच बच्चे एनडीए में चयनित हुए है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता व गुरुजनों को दिया है।