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दो और मिले कोरोना संक्रमित
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सीतापुर। जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार ने तेजी पकड़ ली है। आशा के बेटे समेत दो और लोग कोरोना संक्रमित पाए गये हैं। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद संक्रमण की पुष्टि होने पर दोनों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अब जिले में मरीजों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। कोरोना से एक मरीज की जान भी जा चुकी है।
शहर कोतवाली इलाके के मुंशीगंज की रहने वाली 53 साल महिला का एक्सीडेंट होने से कमर में फ्रैक्चर हो गया था। तीन दिन पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था। महिला की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था।
एसीएमओ/सदर क्षेत्र के नोडल अधिकारी डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बताया कि महिला को लखनऊ के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एसीएमओ के मुताबिक, महिला के परिवार का कोई सदस्य सेना में है। इसी के चलते कमांड अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। एसीएमओ ने बताया कि गुरुवार को महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।
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स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना प्रोटोकाल की सभी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा परसेंडी ब्लॉक के गांव के हाता निवासी 21 साल का युवक 14 दिन पहले ग्रेटर नोएडा से आया था। युवक आशा कार्यकर्ता का बेटा है। स्वास्थ्य विभाग ने रैंडम सैंपलिंग के तहत छह जुलाई को आशा और उसके बेटे का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था।
गुरुवार सुबह रिपोर्ट आई, जिसमें आशा निगेटिव, जबकि उसका बेटा कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इसकी सूचना मिलते ही परसेंडी सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील शुक्ल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कोरोना संक्रमित युवक को एल-1 अस्पताल खैराबाद में भर्ती कराया। दो नए केस मिलने के साथ ही जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर अब 78 हो गई है।
हालांकि, राहत की बात है कि अब तक 63 मरीज कोरोना मुक्त हो चुके हैं। कोरोना के एक मरीज मछरेहटा के घाघपुर गांव के प्रधान पति की मौत हो चुकी है। एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर अब 14 हो गई है। सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा ने कोरोना मरीजों के मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। लोगों को सावधानी और बढ़ाने की जरूरत है। कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें।
परसेंडी ब्लॉक के हाता गांव की रहने वाली आशा के बेटे के संक्रमित मिलने के बाद सवाल खड़ा हो गया है। सवाल ये है कि आशा कोरोना निगेटिव आईं हैं, फिर बेटा कैसे पॉजिटिव हो गया? अगर आशा भी पॉजिटिव आतीं तब तो समझ में आता है कि वह फील्ड पर रहती हैं, काम करती हैं, लोगों के संपर्क में आती हैं, इसलिए संक्रमित हो गईं, लेकिन वह बिल्कुल ठीक हैं और बेटा पॉजिटिव निकला।
ये सवाल परसेंडी अधीक्षक डॉ. सुनील शुक्ल को भी परेशान किए है। वह भी कहते हैं मामला समझ में नहीं आ रहा है। अगर ग्रेटर नोएडा से संक्रमित होकर आया होता तो अब तक 14 दिन से अधिक का वक्त बीत चुका है, इतने दिन तक संक्रमण शरीर में रहता तो कुछ न कुछ परेशानी होती। लक्षण दिखते, लेकिन युवक में कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। ऐसे में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
संक्रमित मिले बेटे की मां आशा का काम के सिलसिले में अक्सर परसेंडी सीएचसी आना-जाना होता था। वह सीएचसी अधीक्षक के भी संपर्क में आईं हैं। ऐसे में अधीक्षक भी डरे हुए हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि आशा की रिपोर्ट निगेटिव है। अगर पॉजिटिव होती तो खतरा अधीक्षक के लिए भी बढ़ सकता था। हालांकि फिर भी अधीक्षक का कहना है कि वह एहतियातन कोरोना की जांच कराएंगे।
परसेंडी के हाता गांव में संक्रमित पाए गए युवक के घर गुरुवार सुबह मेडिकल टीम पहुंची तो वह बाइक से घूमता हुआ पाया गया। टीम ने उसे पॉजिटिव होने की जानकारी दी। फिर अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी बाइक को सैनिटाइज कराकर घर में खड़ी कराया गया है।
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शहर कोतवाली इलाके के मुंशीगंज की रहने वाली 53 साल महिला का एक्सीडेंट होने से कमर में फ्रैक्चर हो गया था। तीन दिन पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था। महिला की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था।
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एसीएमओ/सदर क्षेत्र के नोडल अधिकारी डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बताया कि महिला को लखनऊ के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एसीएमओ के मुताबिक, महिला के परिवार का कोई सदस्य सेना में है। इसी के चलते कमांड अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। एसीएमओ ने बताया कि गुरुवार को महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।
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स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना प्रोटोकाल की सभी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा परसेंडी ब्लॉक के गांव के हाता निवासी 21 साल का युवक 14 दिन पहले ग्रेटर नोएडा से आया था। युवक आशा कार्यकर्ता का बेटा है। स्वास्थ्य विभाग ने रैंडम सैंपलिंग के तहत छह जुलाई को आशा और उसके बेटे का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था।
गुरुवार सुबह रिपोर्ट आई, जिसमें आशा निगेटिव, जबकि उसका बेटा कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इसकी सूचना मिलते ही परसेंडी सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील शुक्ल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कोरोना संक्रमित युवक को एल-1 अस्पताल खैराबाद में भर्ती कराया। दो नए केस मिलने के साथ ही जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर अब 78 हो गई है।
हालांकि, राहत की बात है कि अब तक 63 मरीज कोरोना मुक्त हो चुके हैं। कोरोना के एक मरीज मछरेहटा के घाघपुर गांव के प्रधान पति की मौत हो चुकी है। एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर अब 14 हो गई है। सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा ने कोरोना मरीजों के मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। लोगों को सावधानी और बढ़ाने की जरूरत है। कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें।
परसेंडी ब्लॉक के हाता गांव की रहने वाली आशा के बेटे के संक्रमित मिलने के बाद सवाल खड़ा हो गया है। सवाल ये है कि आशा कोरोना निगेटिव आईं हैं, फिर बेटा कैसे पॉजिटिव हो गया? अगर आशा भी पॉजिटिव आतीं तब तो समझ में आता है कि वह फील्ड पर रहती हैं, काम करती हैं, लोगों के संपर्क में आती हैं, इसलिए संक्रमित हो गईं, लेकिन वह बिल्कुल ठीक हैं और बेटा पॉजिटिव निकला।
ये सवाल परसेंडी अधीक्षक डॉ. सुनील शुक्ल को भी परेशान किए है। वह भी कहते हैं मामला समझ में नहीं आ रहा है। अगर ग्रेटर नोएडा से संक्रमित होकर आया होता तो अब तक 14 दिन से अधिक का वक्त बीत चुका है, इतने दिन तक संक्रमण शरीर में रहता तो कुछ न कुछ परेशानी होती। लक्षण दिखते, लेकिन युवक में कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। ऐसे में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
संक्रमित मिले बेटे की मां आशा का काम के सिलसिले में अक्सर परसेंडी सीएचसी आना-जाना होता था। वह सीएचसी अधीक्षक के भी संपर्क में आईं हैं। ऐसे में अधीक्षक भी डरे हुए हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि आशा की रिपोर्ट निगेटिव है। अगर पॉजिटिव होती तो खतरा अधीक्षक के लिए भी बढ़ सकता था। हालांकि फिर भी अधीक्षक का कहना है कि वह एहतियातन कोरोना की जांच कराएंगे।
परसेंडी के हाता गांव में संक्रमित पाए गए युवक के घर गुरुवार सुबह मेडिकल टीम पहुंची तो वह बाइक से घूमता हुआ पाया गया। टीम ने उसे पॉजिटिव होने की जानकारी दी। फिर अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी बाइक को सैनिटाइज कराकर घर में खड़ी कराया गया है।