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मानकविहीन नमक मिलने पर कंपनी पर दो लाख का जुर्माना
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:26 AM IST
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इसके अलावा धनिया पाउडर का नमूना भी अधोमानक मिलने पर कानपुर की कंपनी पर व दूध में वसा कम मिलने पर एक वितरक पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। सेंट्रल लैब की जांच में गड़बड़ी उजागर हुई है। सभी को एक सप्ताह के अंदर जुर्माने की रकम जमा करने के निर्देश दिए हैं।
मई 2013 में तत्कालीन मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी डीपी सिंह ने सकरन के दुधरिया इटौव्वा के निकट एक किराने की दुकान से बंधन ब्रांड नमक का सील बंद नमूना लिया था। इस नमक को राजस्थान के नवाज सिटी की प्रगति साल्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बनाती है।
नमूने को जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया, जहां से यह अधोमानक साबित हुआ। पर कंपनी ने इस फैसले के खिलाफ सेंट्रल लैब में जांच कराने का दावा किया। यहां हुई जांच में भी नमूना अधोमानक निकला। जिस पर न्याय निर्धारण अधिकारी/ अपर जिलाधिकारी कोर्ट में वाद दायर किया गया था।
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जहां से कंपनी के खिलाफ दो लाख रुपये का अर्थदंड ठोंका गया। विक्रेता को बरी कर दिया गया है। इसी प्रकार फरवरी 2012 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने लहरपुर लालपुर मार्ग के निकट दिलेराम किराना दुकान से धनिया पाउडर का नमूना लिया था। राजकीय व सेंट्रल लैब में हुई जांच में नमूना अधोमानक रहा।
जिस पर कानपुर की कंपनी शुभम गोल्डी मसाले प्राइवेट लिमिटेड व वितरक भरत अग्रवाल पर दस हजार का अर्थदंड लगाया। इसके अलावा 2014 में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीपी सिंह ने जेल रोड़ के निकट से एक व्यापारी से दूध का नमूना लिया था। जांच में अधोमानक की पुष्टि हुई। जिस पर विक्रेता के खिलाफ दस हजार का अर्थदंड लगाया है। तीनों मामले में एक सप्ताह के अंदर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए है।
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मई 2013 में तत्कालीन मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी डीपी सिंह ने सकरन के दुधरिया इटौव्वा के निकट एक किराने की दुकान से बंधन ब्रांड नमक का सील बंद नमूना लिया था। इस नमक को राजस्थान के नवाज सिटी की प्रगति साल्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बनाती है।
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नमूने को जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया, जहां से यह अधोमानक साबित हुआ। पर कंपनी ने इस फैसले के खिलाफ सेंट्रल लैब में जांच कराने का दावा किया। यहां हुई जांच में भी नमूना अधोमानक निकला। जिस पर न्याय निर्धारण अधिकारी/ अपर जिलाधिकारी कोर्ट में वाद दायर किया गया था।
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जहां से कंपनी के खिलाफ दो लाख रुपये का अर्थदंड ठोंका गया। विक्रेता को बरी कर दिया गया है। इसी प्रकार फरवरी 2012 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने लहरपुर लालपुर मार्ग के निकट दिलेराम किराना दुकान से धनिया पाउडर का नमूना लिया था। राजकीय व सेंट्रल लैब में हुई जांच में नमूना अधोमानक रहा।
जिस पर कानपुर की कंपनी शुभम गोल्डी मसाले प्राइवेट लिमिटेड व वितरक भरत अग्रवाल पर दस हजार का अर्थदंड लगाया। इसके अलावा 2014 में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीपी सिंह ने जेल रोड़ के निकट से एक व्यापारी से दूध का नमूना लिया था। जांच में अधोमानक की पुष्टि हुई। जिस पर विक्रेता के खिलाफ दस हजार का अर्थदंड लगाया है। तीनों मामले में एक सप्ताह के अंदर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए है।