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Sitapur News: इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा बृहस्पतिवार
Thu, 21 May 2026 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 21 May 2026 11:59 PM IST
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शहर में बृहस्पतिवार को धूप में सिर ढककर जाते युवक। - संवाद
सीतापुर। जिले में पिछले 24 घंटे के दरम्यान तापमान तेजी से बढ़ा है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री उछलकर 43 डिग्री और एक डिग्री बढ़त के साथ न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। आग उगलता सूरज और लू के गर्म थपेड़े दिनभर झुलसाते रहे। सूरज की तपिश ने बृहस्पतिवार को इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन बना दिया। प्रचंड गर्मी देख दोपहर में लोग घर से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। लिहाजा, दिनभर शहर के बाजार व सड़कें सूनी रहीं। रात में भी उमस भरी गर्मी ने सुकून नहीं लेने दिया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून आने तक गर्मी का प्रकोप इसी तरह बना रहेगा।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही सूरज ने बदन झुलसाना शुरू कर दिया। सुबह करीब नौ बजे से तेज धूप ने ऐसा कहर ढाया कि हर कोई व्याकुल नजर आया। दोपहर में चिलचिलाती धूप और 12 किमी. प्रति घंटे की गति से चलने वाली लू से बेहाल लोग बाहर निकलने से कतराते रहे। बेहद जरूरी काम से बाहर निकलने वाले इक्का-दुक्का लोगों को तेज धूप व गर्म हवा से बचाव करने के लिए गमछा व छाते का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद तपिश व उमस ने बदन झुलसा दिया। भीषण गर्मी से अधिकतम तापमान 43 डिग्री पहुंच गया, जो पिछले 24 घंटे के मुकाबले दो डिग्री ज्यादा रहा। तापमान में इजाफे से बृहस्पतिवार इस सीजन में अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। सूरज की तपिश का असर शाम छह बजे तक बना रहा। सूरज ढलने के बाद उमस ने परेशान किया। गृहिणी दिव्या ने बताया कि बृहस्पतिवार को गर्मी ने सबसे ज्यादा परेशान किया। दिनभर कूलर के सामने बैठे रहने के बाद भी सुकून नहीं मिला। सुनीता ने बताया कि रसोई में पहुंचते ही लगता है मानों तपती भट्ठी में आ गए हों। गर्मी किसी भी पहर चैन नहीं लेने दे रही है। निजी कंपनी में जॉब करने वाले संजय कुमार ने बताया कि आग बरसाता सूरज दिन में बाहर नहीं निकलते देता है। इससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं, मौसम विशेषज्ञों ने शुक्रवार को भी प्रचंड गर्मी से राहत न मिलने की संभावना जताई है।
शरीर में न होने दें पानी की कमी
भीषण गर्मी में शरीर के अंदर पानी की कमी सेहत बिगाड़ सकती है। जिला अस्पताल के डॉ. अनुपम मिश्र के मुताबिक, इस समय लोगों को खूब पानी पीना चाहिए। सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर चार बजे तक बाहर निकलने से परहेज करें। जिन्हें निकलना पड़े वे लोग सिर व चेहरा ढंककर रखें। उन्होंने बताया कि इस समय बच्चों के बीमार होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। बच्चों को घर से बाहर न जाने दें और शरीर में पानी की कमी न होने पाए, इसका ध्यान रखें। ताजा व हल्का भोजन ही उपयोग करें।
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बृहस्पतिवार को सुबह से ही सूरज ने बदन झुलसाना शुरू कर दिया। सुबह करीब नौ बजे से तेज धूप ने ऐसा कहर ढाया कि हर कोई व्याकुल नजर आया। दोपहर में चिलचिलाती धूप और 12 किमी. प्रति घंटे की गति से चलने वाली लू से बेहाल लोग बाहर निकलने से कतराते रहे। बेहद जरूरी काम से बाहर निकलने वाले इक्का-दुक्का लोगों को तेज धूप व गर्म हवा से बचाव करने के लिए गमछा व छाते का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद तपिश व उमस ने बदन झुलसा दिया। भीषण गर्मी से अधिकतम तापमान 43 डिग्री पहुंच गया, जो पिछले 24 घंटे के मुकाबले दो डिग्री ज्यादा रहा। तापमान में इजाफे से बृहस्पतिवार इस सीजन में अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। सूरज की तपिश का असर शाम छह बजे तक बना रहा। सूरज ढलने के बाद उमस ने परेशान किया। गृहिणी दिव्या ने बताया कि बृहस्पतिवार को गर्मी ने सबसे ज्यादा परेशान किया। दिनभर कूलर के सामने बैठे रहने के बाद भी सुकून नहीं मिला। सुनीता ने बताया कि रसोई में पहुंचते ही लगता है मानों तपती भट्ठी में आ गए हों। गर्मी किसी भी पहर चैन नहीं लेने दे रही है। निजी कंपनी में जॉब करने वाले संजय कुमार ने बताया कि आग बरसाता सूरज दिन में बाहर नहीं निकलते देता है। इससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं, मौसम विशेषज्ञों ने शुक्रवार को भी प्रचंड गर्मी से राहत न मिलने की संभावना जताई है।
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शरीर में न होने दें पानी की कमी
भीषण गर्मी में शरीर के अंदर पानी की कमी सेहत बिगाड़ सकती है। जिला अस्पताल के डॉ. अनुपम मिश्र के मुताबिक, इस समय लोगों को खूब पानी पीना चाहिए। सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर चार बजे तक बाहर निकलने से परहेज करें। जिन्हें निकलना पड़े वे लोग सिर व चेहरा ढंककर रखें। उन्होंने बताया कि इस समय बच्चों के बीमार होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। बच्चों को घर से बाहर न जाने दें और शरीर में पानी की कमी न होने पाए, इसका ध्यान रखें। ताजा व हल्का भोजन ही उपयोग करें।
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