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नदियों का जलस्तर घटा, रास्तों पर भरा है पानी
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रेउसा इलाके के मारूबेहड़ चौराहे पास अपरोज पुल नीचे बाढ़ के पानी में चलती नाव। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
रेउसा/ रामपुर मथुरा। तराई इलाके में बह रही शारदा व सरयू नदी के जलस्तर में कुछ कमी आई है। लेकिन गांवों व संपर्क मार्गों से अभी पूरी तरह से पानी नहीं हटा है। वहीं तलहटी के गांवों में पानी भरा हुआ है। इससे कई गांवों में जलस्तर कम होने से कटान शुरू हो गया है। इससे लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है।
बिसवां तहसील की ग्राम पंचायत गोलोक कोडर में 28 मजरे आते हैं। यहां की आबादी करीब 15 हजार है। जबकि ग्राम पंचायत म्योढ़ी छोलहा में छह मजरे आते हैं। यहां की आबादी करीब साढ़े चार हजार है। यह सब मजरे बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए है। इन मजरों में पानी भरा हुआ है।
बुधवार को जलस्तर में कुछ कमी जरूर आई है। लेकिन गांवों व रास्तों से अभी तक पूरी तरह से पानी नहीं हटा है। ग्रामीणों का कहना है प्रशासन की तरफ से मदद नहीं मिल रही है। केवल एक बार ही राहत सामग्री बांटी गई है। इससे भोजन का इंतजाम करने में दुश्वारियां उठानी पड़ रही है। लोग नावों के जरिए आवागमन करने को मजबूर हो रहे है। वहीं चहलारी घाट के पास एप्रोच पुल पर गहरे गड्ढ़े हो गए है।
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इससे यहां पर निकलना किसी भी खतरे से खाली नहीं बचा है। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि 240 लोगों को विस्थापित किया जा चुका है, 500 लोगों को राहत सामग्री दी जा चुकी है, 15 नावें चलाई जा रही है। गोलोक कोडर के प्रधान प्रतिनिधि विनोद यादव का कहना है मेरे ग्राम पंचायत के सभी गांव बाढ़ प्रभावित है, राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
बाढ़ से प्रभावित कुछ लोगों को नहीं मिल सकी है, जल्द ही उनको भी मदद की जाएगी। वहीं महमूदाबाद तहसील में बहने वाली सरयू नदी के जलस्तर में महज 30 सेमी. की कमी होने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। बगस्ती, अर्जुनपुरवा, हरीपुरवा, बंगालीपुरवा, कनरखी, अंगरौरा, अखरी, मिश्रनपुरवा सहित तमाम गांवों में भरा पानी कुछ कम हुआ है। लेकिन तटबंध सहित अन्य सूखे स्थानों पर रह रहे लोगो को केवल एक बार ही खाद्यान्न किट का वितरण किया गया है।
कानूनगो रमाकांत अवस्थी ने बताया कि क्षेत्र में बाढ़ के आकलन में करीब 35 बीघे जमीन नदी में कट चुकी है। साथ ही पांच घर नदी की धारा में कट चुके है। उन्हें सहायता राशि भी दी जा चुकी है। प्रधान प्रतिनिधि कनरखी सोनू निषाद ने बताया कि पीड़ितों की मदद की जा रही है। अभी तक सभी को खाद्यान्न किट वितरित हो चुकी है।
अंगरौरा प्रधान प्रतिनिधि रामू ने बताया कि तटबंध पर जरूरी मदद पंहुचाई गई है। तहसीलदार महमूदाबाद मनीष कुमार ने बताया कि अभी बाढ़ पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। बाढ़ समाप्त होने के बाद सही आकलन हो सकेगा।
प्रशासन की एक नजर में बाढ़ राहत
जिले में बिसवां, महमूदाबाद व लहरपुर तहसील के गांव बाढ़ की चपेट में है।
बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या - 24
प्रभावित जनसंख्या -11,424
विस्थापित व्यक्तियों की संख्या - 850
ऐसे गांव जहां कटान हो रहा है -15
खाद्यान्न पैकेटों की संख्या - 727
वितरित किए गए तिरपाल - 867
बाढ़ चौकी -15
नावें - 42
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बिसवां तहसील की ग्राम पंचायत गोलोक कोडर में 28 मजरे आते हैं। यहां की आबादी करीब 15 हजार है। जबकि ग्राम पंचायत म्योढ़ी छोलहा में छह मजरे आते हैं। यहां की आबादी करीब साढ़े चार हजार है। यह सब मजरे बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए है। इन मजरों में पानी भरा हुआ है।
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बुधवार को जलस्तर में कुछ कमी जरूर आई है। लेकिन गांवों व रास्तों से अभी तक पूरी तरह से पानी नहीं हटा है। ग्रामीणों का कहना है प्रशासन की तरफ से मदद नहीं मिल रही है। केवल एक बार ही राहत सामग्री बांटी गई है। इससे भोजन का इंतजाम करने में दुश्वारियां उठानी पड़ रही है। लोग नावों के जरिए आवागमन करने को मजबूर हो रहे है। वहीं चहलारी घाट के पास एप्रोच पुल पर गहरे गड्ढ़े हो गए है।
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इससे यहां पर निकलना किसी भी खतरे से खाली नहीं बचा है। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि 240 लोगों को विस्थापित किया जा चुका है, 500 लोगों को राहत सामग्री दी जा चुकी है, 15 नावें चलाई जा रही है। गोलोक कोडर के प्रधान प्रतिनिधि विनोद यादव का कहना है मेरे ग्राम पंचायत के सभी गांव बाढ़ प्रभावित है, राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
बाढ़ से प्रभावित कुछ लोगों को नहीं मिल सकी है, जल्द ही उनको भी मदद की जाएगी। वहीं महमूदाबाद तहसील में बहने वाली सरयू नदी के जलस्तर में महज 30 सेमी. की कमी होने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। बगस्ती, अर्जुनपुरवा, हरीपुरवा, बंगालीपुरवा, कनरखी, अंगरौरा, अखरी, मिश्रनपुरवा सहित तमाम गांवों में भरा पानी कुछ कम हुआ है। लेकिन तटबंध सहित अन्य सूखे स्थानों पर रह रहे लोगो को केवल एक बार ही खाद्यान्न किट का वितरण किया गया है।
कानूनगो रमाकांत अवस्थी ने बताया कि क्षेत्र में बाढ़ के आकलन में करीब 35 बीघे जमीन नदी में कट चुकी है। साथ ही पांच घर नदी की धारा में कट चुके है। उन्हें सहायता राशि भी दी जा चुकी है। प्रधान प्रतिनिधि कनरखी सोनू निषाद ने बताया कि पीड़ितों की मदद की जा रही है। अभी तक सभी को खाद्यान्न किट वितरित हो चुकी है।
अंगरौरा प्रधान प्रतिनिधि रामू ने बताया कि तटबंध पर जरूरी मदद पंहुचाई गई है। तहसीलदार महमूदाबाद मनीष कुमार ने बताया कि अभी बाढ़ पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। बाढ़ समाप्त होने के बाद सही आकलन हो सकेगा।
प्रशासन की एक नजर में बाढ़ राहत
जिले में बिसवां, महमूदाबाद व लहरपुर तहसील के गांव बाढ़ की चपेट में है।
बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या - 24
प्रभावित जनसंख्या -11,424
विस्थापित व्यक्तियों की संख्या - 850
ऐसे गांव जहां कटान हो रहा है -15
खाद्यान्न पैकेटों की संख्या - 727
वितरित किए गए तिरपाल - 867
बाढ़ चौकी -15
नावें - 42