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Sitapur News: सरयू व शारदा का जलस्तर घटा, हालात जस के तस

Tue, 04 Aug 2026 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Tue, 04 Aug 2026 12:08 AM IST
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The water level of Saryu and Sharda decreased, but the situation remained the same.
रामपुर मथुरा के श्रीरामपुरवा गांव की ओर बढ़ रहा सरयू नदी का जलस्तर।  - संवाद 
रामपुर मथुरा। सरयू और शारदा नदियों में सोमवार को उफान तो कुछ कम हुआ, लेकिन तटवर्ती इलाके में हालात जस के तस हैं। जलस्तर में कमी आने के बाद भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। पानी घटने से कटान भी होने लगा है। कटान तेज होने पर लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इससे ग्रामीण चिंतित हैं।
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उधर, सोमवार को तीनों बैराजों से 3.05 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामपुर मथुरा इलाके में अंगरौरा के पास लगे मीटर गेज पर सोमवार को सरयू नदी का जलस्तर 118.10 मीटर दर्ज किया गया। रविवार की तुलना में जलस्तर 20 सेंटीमीटर कम हुआ है। पानी अब खतरे के निशान 119 मीटर से 90 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है।
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जलस्तर कम होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, अभी हालात जस के तस बने हुए हैं। नगेश्वरपुरवा और बुचऊपुरवा के संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी कम जरूर होने लगा है, लेकिन अभी आवागमन के लायक रास्ते नहीं हो पाए हैं।
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राजाराम, दिनेश व मोहन ने बताया कि यदि नदी का बहाव इसी तरह तेज रहा तो आने वाले दिनों में कटान तेज हो सकता है। इससे तटवर्ती कृषि भूमि और आबादी पर खतरा बढ़ सकता है। अखरी, अंगरौरा, शुकुलपुरवा, केवड़ा तथा अन्य तटीय गांवों के लोग जलस्तर के उतार-चढ़ाव को लेकर चिंतित है।

ग्रामीणों का मानना है कि बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। खेतों व गांवों के आसपास पानी भरा होने से संक्रामक बीमारियां भी फैल रही हैं।

उधर, रेउसा इलाके में करीब 150 बीघा फसलें जलमग्न हैं। बिचलारेती गांव के पास धीमी गति से कटान चल रहा है। नगीनापुरवा के लोगों को खेत जाने के लिए नाला पार करना पड़ता है। नाले में पानी होने से आवागमन खतरे से खाली नहीं है।


रतनगंज, म्योड़ी छोलहा व श्रीरामपुरवा आदि तटीय गांवों पर कटान का खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी कटान की रोकथाम को लेकर जिओ बैग लगा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि कटान नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए लगातार स्थितियों पर नजर रखी जा रही है।
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