{"_id":"cd52daedea2b4c550f740fec84ecc9e7","slug":"the-government-reduced-the-chances-of-employment-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने घटाई रोजगार की संभावना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार ने घटाई रोजगार की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Wed, 24 Jun 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोजगार की संभावनाएं तलाश रहे जिले के बेरोजगारों के लिए बुरी खबर है। शासन की ओर से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लक्ष्य में कमी कर दी गई है।
विज्ञापन
इसके अलावा प्रति लाभार्थी मुहैय्या कराई जाने वाली अधिकतम 25 लाख रुपये ऋण की सीमा घटाकर छह लाख कर दी गई है।
मालूम हो कि भारत सरकार बेरोजगारों को उद्योगों की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम संचालित कर रही है। इस योजना में बेरोजगारों को सब्सिडी मुहैय्या कराई जाती है।
विज्ञापन
कार्यक्रम के तहत लाभार्थी को 25 लाख का ऋण दिया जाता है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 25 फीसदी व आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को 35 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।
विज्ञापन
महिला उद्यमियों को आरक्षित श्रेणी में माना जाता है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में 58 उद्योगों की स्थापना का लक्ष्य मिला था। जिसे शत-प्रतिशत पूरा कर दिया गया।
इसके बावजूद वर्ष 2015-16 के लिए सरकार ने लक्ष्य घटा दिया। चालू वित्तीय वर्ष में 27 उद्योगों की स्थापना का लक्ष्य ही दिया गया है।
जबकि ऋण की अधिकतम सीमा में भी कटौती करते हुए इसे 6 लाख रुपये पर सीमित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में मिलने वाले ऋण की अधिकतम सीमा घटा दी गई है। इस योजना में अभी तक 10 लाख रुपये ऋण मिल जाता था, अब पांच लाख ही मिल सकेगा।
चालू वित्तीय वर्ष में जिले को 26 इकाईयों का लक्ष्य मिला है। इसमें ऋण लेने वाले सामान्य वर्ग के लाभार्थी को चार फीसदी ब्याज देना होता है। जबकि आरक्षित वर्ग को ब्याज मुक्त रखा गया है।
दोनों योजनाओं में आवेदन आंमत्रित किए जा चुके हैं। अब शासन द्वारा ऋण सीमा व लक्ष्य में कमी कर दी गई है। जिले की जनसंख्या के हिसाब से निर्धारित लक्ष्य कम है।