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Sitapur News: बेरोजगारों पर भारी माननीयों की व्यस्तता
Sun, 26 Feb 2023 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 26 Feb 2023 12:48 AM IST
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सीतापुर। रोजगार न होने का दर्द एक बेरोजगार ही समझता है। सरकार ने बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की कवायद में रोजगार मेलों का आयोजन करना शुरू किया, लेकिन अफसर इसमें भी सत्ता का चहेता बनने के अवसर ढूंढने लगे। अफसरों की यह चाहत बेरोजगारों पर भारी पड़ रही है। जनपद में 27 और 28 फरवरी को ब्लाक मुख्यालयों पर होने वाले रोजगार मेले सिर्फ इसलिए स्थगित कर दिए गए क्योंकि संबंधित क्षेत्र के विधायक व्यस्त हैं। विधायकों ने विधानसभा का सत्र चालू होने का हवाला दिया तो विभागीय अफसरों ने रोजगार मेला ही स्थगित कर दिया। बेरोजगारों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सेवायोजन विभाग के जरिए रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता है। इन मेलों में बड़ी संख्या में प्राइवेट कंपनियां आती हैं और आवश्यकता के मुताबिक लोगों को रोजगार देती हैं।
आम तौर पर रोजगार मेले जिला मुख्यालयों पर आयोजित होते थे, लेकिन अधिक लोगोंं को लाभ दिलाने के लिए व्यवस्था में परिवर्तन किया गया। अब ब्लाकवार रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 27 फरवरी को हरगांव ब्लाक मुख्यालय पर रोजगार मेले का आयोजन किया जाना प्रस्तावित था। इसकी तैयारी भी की गई थी। 28 फरवरी को खैराबाद ब्लाक मुख्यालय में भी रोजगार मेले का आयोजन प्रस्तावित था। इसके लिए कई प्राइवेट कंपनियों से सेवायोजन विभाग के अधिकारियों ने संपर्क भी कर लिया था। कंपनियों के मेले में प्रतिभाग करने की सहमति भी बन गई थी।
इसी बीच शनिवार देर शाम सेवायोजन विभाग की ओर से एक प्रेस नोट सूचना विभाग से जारी किया गया। इसमें जिला रोजगार सहायता अधिकारी के हवाले से बताया गया कि विधानसभा का सत्र होने के कारण संबंधित विधायकों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने में असमर्थता व्यक्त की है। इसलिए 27 फरवरी को हरगांव और 28 फरवरी को खैराबाद में होने वाले रोजगार मेले को स्थगित कर दिए गए हैं।
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...साधने की चाहत में अफसरों ने नहीं जुटाई हिम्मत
कवि आलोक श्रीवास्तव ने लिखा है, जरा पाने की चाहत में बहुत कुछ छूट जाता है। नदी का साथ देता हूं, समंदर रूठ जाता है... इन पंक्तियों का जिक्र इसलिए कि जिले में हालात कुछ ऐसे ही हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में जब तब सुनने को मिलता है कि अफसर जनप्रतिनिधियों को तवज्जो नहीं देते। खास तौर पर ग्राम्य विकास विभाग की शिकायतों के मामले में, लेकिन यहां मामला कुछ और है। अफसरों ने जनप्रतिनिधियों को साधे रखने के लिए बेरोजगारों के अरमानों पर पानी फेर दिया।
विधायकों की व्यस्तता के कारण रोजगार मेला स्थगित किया गया है। दोनों विधायक सरकार में मंत्री भी हैं। उनकी इच्छा है कि उनकी मौजूदगी में ही रोजगार मेला हो। अभी कोई तारीख तय नहीं की है, दोनों मंत्रियों से समय लेने के बाद मेले की नई तारीख तय होगी।
- अमित कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी
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आम तौर पर रोजगार मेले जिला मुख्यालयों पर आयोजित होते थे, लेकिन अधिक लोगोंं को लाभ दिलाने के लिए व्यवस्था में परिवर्तन किया गया। अब ब्लाकवार रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 27 फरवरी को हरगांव ब्लाक मुख्यालय पर रोजगार मेले का आयोजन किया जाना प्रस्तावित था। इसकी तैयारी भी की गई थी। 28 फरवरी को खैराबाद ब्लाक मुख्यालय में भी रोजगार मेले का आयोजन प्रस्तावित था। इसके लिए कई प्राइवेट कंपनियों से सेवायोजन विभाग के अधिकारियों ने संपर्क भी कर लिया था। कंपनियों के मेले में प्रतिभाग करने की सहमति भी बन गई थी।
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इसी बीच शनिवार देर शाम सेवायोजन विभाग की ओर से एक प्रेस नोट सूचना विभाग से जारी किया गया। इसमें जिला रोजगार सहायता अधिकारी के हवाले से बताया गया कि विधानसभा का सत्र होने के कारण संबंधित विधायकों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने में असमर्थता व्यक्त की है। इसलिए 27 फरवरी को हरगांव और 28 फरवरी को खैराबाद में होने वाले रोजगार मेले को स्थगित कर दिए गए हैं।
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...साधने की चाहत में अफसरों ने नहीं जुटाई हिम्मत
कवि आलोक श्रीवास्तव ने लिखा है, जरा पाने की चाहत में बहुत कुछ छूट जाता है। नदी का साथ देता हूं, समंदर रूठ जाता है... इन पंक्तियों का जिक्र इसलिए कि जिले में हालात कुछ ऐसे ही हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में जब तब सुनने को मिलता है कि अफसर जनप्रतिनिधियों को तवज्जो नहीं देते। खास तौर पर ग्राम्य विकास विभाग की शिकायतों के मामले में, लेकिन यहां मामला कुछ और है। अफसरों ने जनप्रतिनिधियों को साधे रखने के लिए बेरोजगारों के अरमानों पर पानी फेर दिया।
विधायकों की व्यस्तता के कारण रोजगार मेला स्थगित किया गया है। दोनों विधायक सरकार में मंत्री भी हैं। उनकी इच्छा है कि उनकी मौजूदगी में ही रोजगार मेला हो। अभी कोई तारीख तय नहीं की है, दोनों मंत्रियों से समय लेने के बाद मेले की नई तारीख तय होगी।
- अमित कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी