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42 डिग्री पहुंचा पारा, तपिश ने किया बेहाल
Sat, 27 Apr 2019 12:12 AM IST
आलोक alok
news desk/sitapur
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Published by: आलोक alok
Updated Sat, 27 Apr 2019 12:12 AM IST
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लालबाग चौराहे पर तेज धूप में जाता राहगीर।
- फोटो : amar ujala
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सहालग के बावजूद बाजारों में दिन के समय पसरा रहा सन्नाटा, दुकानों पर ग्राहकों का टोटा
सीतापुर। चिलचिलाती धूप के साथ गर्म हवाओं के थपेड़ों से जन जीवन प्रभावित है। शुक्रवार को 42 डिग्री पारे ने लोगों को बेहाल कर दिया। पंखे व कूलर की हवा भी राहत देने में नाकाम साबित हो रही है। गर्मी का यह आलम रहा कि शहर की सड़कों पर सुबह की चहल-पहल दोपहर होते ही सन्नाटे में बदल गई। रात में भी उमस बरकरार रहने से सुकून नहीं मिल रहा है।
शुक्रवार की सुबह सूरज निकलते ही तमतमाने लगा। सूरज के किरणों की तपिश बदन झुलसने का अहसास कराने लगी। दिन चढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज भी तल्ख़ होता रहा। गर्मी के तीखे तेवर देख दोपहर के समय लोग बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जिससे शहर की बाजारें व सड़कें सूनी नजर आई।
सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण इलाकों से अपने काम काज के लिए शहर आने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। सुबह घर से निकलने के बाद भीषण गर्मी इनके लिए परेशानी का सबब बन जाती है। भीषण गर्मी के कारण अपना काम निपटने के बाद ग्रामीण शाम से पहले अपने घरों को लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं।
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वहीं निजी प्रतिष्ठानों में गर्मी के कारण काम काज प्रभावित होने लगा है। एक व्यापारी ने बताया कि गर्मी के कारण लगन के समय भी दुकानों पर खरीदारी के लिए बहुत कम लोग आ रहे हैं। सुबह व शाम को छोड़कर पूरा दिन ग्राहकों के इंतजार में बीत जाता है। हालांकि भीषण गर्मी से शीतल पेय पदार्थों की बिक्री करने वालों की बहार है।
राहगीर खास कर ग्रामीण इलाकों से शहर आने वाले लोगों की भीड़ नीबू पानी, आम का पना, शिकंजी, बेल का शर्बत आदि दुकानों पर दिखाई दे रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं हैं।
शरीर में पानी की कमी बिगाड़ सकती सेहत
भीषण गर्मी के इस मौसम में सेहत बिगड़ने की आशंका बढ़ जाती है। चिकित्सक डॉ. जेएन सिंह बताते हैं, कि गर्मी के इस मौसम में अधिकांश बीमारियां शरीर में पानी की कमी से होती हैं। इससे बचने के लिए लोगों को खूब पानी पीना चाहिए।
बच्चों को बीमारियों से बचाने के खास सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर जरूरी न हो तो तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। धूप में निकलना पड़े तो पहले सिर को कपड़े, टोपी से अच्छी तरह से ढक लें। आंखों पर काला चश्मा पहनें। समय-समय पर पानी का सेवन करते रहें।
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सीतापुर। चिलचिलाती धूप के साथ गर्म हवाओं के थपेड़ों से जन जीवन प्रभावित है। शुक्रवार को 42 डिग्री पारे ने लोगों को बेहाल कर दिया। पंखे व कूलर की हवा भी राहत देने में नाकाम साबित हो रही है। गर्मी का यह आलम रहा कि शहर की सड़कों पर सुबह की चहल-पहल दोपहर होते ही सन्नाटे में बदल गई। रात में भी उमस बरकरार रहने से सुकून नहीं मिल रहा है।
शुक्रवार की सुबह सूरज निकलते ही तमतमाने लगा। सूरज के किरणों की तपिश बदन झुलसने का अहसास कराने लगी। दिन चढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज भी तल्ख़ होता रहा। गर्मी के तीखे तेवर देख दोपहर के समय लोग बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जिससे शहर की बाजारें व सड़कें सूनी नजर आई।
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सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण इलाकों से अपने काम काज के लिए शहर आने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। सुबह घर से निकलने के बाद भीषण गर्मी इनके लिए परेशानी का सबब बन जाती है। भीषण गर्मी के कारण अपना काम निपटने के बाद ग्रामीण शाम से पहले अपने घरों को लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं।
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वहीं निजी प्रतिष्ठानों में गर्मी के कारण काम काज प्रभावित होने लगा है। एक व्यापारी ने बताया कि गर्मी के कारण लगन के समय भी दुकानों पर खरीदारी के लिए बहुत कम लोग आ रहे हैं। सुबह व शाम को छोड़कर पूरा दिन ग्राहकों के इंतजार में बीत जाता है। हालांकि भीषण गर्मी से शीतल पेय पदार्थों की बिक्री करने वालों की बहार है।
राहगीर खास कर ग्रामीण इलाकों से शहर आने वाले लोगों की भीड़ नीबू पानी, आम का पना, शिकंजी, बेल का शर्बत आदि दुकानों पर दिखाई दे रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं हैं।
शरीर में पानी की कमी बिगाड़ सकती सेहत
भीषण गर्मी के इस मौसम में सेहत बिगड़ने की आशंका बढ़ जाती है। चिकित्सक डॉ. जेएन सिंह बताते हैं, कि गर्मी के इस मौसम में अधिकांश बीमारियां शरीर में पानी की कमी से होती हैं। इससे बचने के लिए लोगों को खूब पानी पीना चाहिए।
बच्चों को बीमारियों से बचाने के खास सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर जरूरी न हो तो तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। धूप में निकलना पड़े तो पहले सिर को कपड़े, टोपी से अच्छी तरह से ढक लें। आंखों पर काला चश्मा पहनें। समय-समय पर पानी का सेवन करते रहें।