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सिर्फ हाजिरी लगाने की तनख्वाह ले रहे शिक्षक
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सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग के 411 शिक्षकों को पिछले छह माह से बीएसए कार्यालय पर हाजिरी लगानी पड़ रही है। ये शिक्षक पारस्परिक स्थानांतरण व 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत चयनित है। अभी तक इनको विद्यालयों में तैनाती नहीं मिल सकी है। विभाग शासन के निर्देश के इंतजार में इनकी कार्यालय में ही उपस्थित दर्ज करवा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों को शासन ने फरवरी 2021 में पारस्परिक स्थानांतरण का अवसर दिया था। इसके तहत गैर जनपद से 167 शिक्षक ट्रांसफर करवाकर सीतापुर आए थे। इन शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय में अपनी हाजिरी लगाकर जॉइनिंग दी थी। शिक्षकों से कहा गया था कि एक सप्ताह के अंदर उन्हें विद्यालय में तैनाती मिल जाएगी।
इसी तरह 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत तीसरे चरण में 249 शिक्षकों की काउंसिलिंग हुई थी, जिसमें 233 शिक्षक आए थे। 231 का चयन हुआ था। चौथे चरण में चार शिक्षक चयनित हुए थे, जबकि इन चरणों में छूटे नौ लोग चयनित हो गए थे। ये 411 शिक्षक लंबे समय से बीएसए कार्यालय पर हाजिरी लगा रहे है। इन शिक्षकों को कॉलेज का आवंटन नहीं हो सका है।
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गैर जनपद से आए शिक्षक राकेश व मोहित का कहना है कि पोस्टिंग में इतना लंबा समय कभी नहीं लगता था। हर बार नियुक्ति के बाद विद्यालय में तैनाती दे दी जाती थी। इस बार काफी समय बीत गया है। इससे बहुत समस्या आ रही है। अगर विद्यालय मिल जाए तो वहां जाकर नौनिहालों को पढ़ाना शुरू कर दें। विभाग शासन के बिना निर्देश के पोस्टिंग नहीं कर सकता है। ऐसे में विभाग भी शासन के निर्देश के इंतजार में शिक्षकों को दौड़ा रहा है।
विद्यालय खुले पर शिक्षक कार्यालय में
एक सितंबर से बेसिक शिक्षा विभाग के सभी विद्यालय खुल गए हैं। कक्षा एक से आठवीं तक की पढ़ाई शुरू हो गई है। ऐसे में विद्यालयों में शिक्षकों की जरूरत महसूस की जा रही है। विभाग की ढुलमुल नीति के चलते जिन शिक्षकों को विद्यालय में होना चाहिए, वह सिर्फ हाजिरी लगाकर घर में आराम कर रहे हैं। अगर इन शिक्षकों को विद्यालय में पोस्टिंग दे दी जाए तो काफी हद तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
शिक्षकों की स्कूल पोस्टिंग को लेकर शासन की तरफ से कोई निर्देश नहीं आया है। उम्मीद है कि जल्द ही इनको विद्यालय आवंटित करने का निर्देश आ जाएगा। उसके बाद इनको विद्यालय दे दिया जाएगा।
- अजीत कुमार, बीएसए
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बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों को शासन ने फरवरी 2021 में पारस्परिक स्थानांतरण का अवसर दिया था। इसके तहत गैर जनपद से 167 शिक्षक ट्रांसफर करवाकर सीतापुर आए थे। इन शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय में अपनी हाजिरी लगाकर जॉइनिंग दी थी। शिक्षकों से कहा गया था कि एक सप्ताह के अंदर उन्हें विद्यालय में तैनाती मिल जाएगी।
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इसी तरह 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत तीसरे चरण में 249 शिक्षकों की काउंसिलिंग हुई थी, जिसमें 233 शिक्षक आए थे। 231 का चयन हुआ था। चौथे चरण में चार शिक्षक चयनित हुए थे, जबकि इन चरणों में छूटे नौ लोग चयनित हो गए थे। ये 411 शिक्षक लंबे समय से बीएसए कार्यालय पर हाजिरी लगा रहे है। इन शिक्षकों को कॉलेज का आवंटन नहीं हो सका है।
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गैर जनपद से आए शिक्षक राकेश व मोहित का कहना है कि पोस्टिंग में इतना लंबा समय कभी नहीं लगता था। हर बार नियुक्ति के बाद विद्यालय में तैनाती दे दी जाती थी। इस बार काफी समय बीत गया है। इससे बहुत समस्या आ रही है। अगर विद्यालय मिल जाए तो वहां जाकर नौनिहालों को पढ़ाना शुरू कर दें। विभाग शासन के बिना निर्देश के पोस्टिंग नहीं कर सकता है। ऐसे में विभाग भी शासन के निर्देश के इंतजार में शिक्षकों को दौड़ा रहा है।
विद्यालय खुले पर शिक्षक कार्यालय में
एक सितंबर से बेसिक शिक्षा विभाग के सभी विद्यालय खुल गए हैं। कक्षा एक से आठवीं तक की पढ़ाई शुरू हो गई है। ऐसे में विद्यालयों में शिक्षकों की जरूरत महसूस की जा रही है। विभाग की ढुलमुल नीति के चलते जिन शिक्षकों को विद्यालय में होना चाहिए, वह सिर्फ हाजिरी लगाकर घर में आराम कर रहे हैं। अगर इन शिक्षकों को विद्यालय में पोस्टिंग दे दी जाए तो काफी हद तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
शिक्षकों की स्कूल पोस्टिंग को लेकर शासन की तरफ से कोई निर्देश नहीं आया है। उम्मीद है कि जल्द ही इनको विद्यालय आवंटित करने का निर्देश आ जाएगा। उसके बाद इनको विद्यालय दे दिया जाएगा।
- अजीत कुमार, बीएसए