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नोटबंदी से स्टांप कारोबार लुढ़का
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Nov 2016 11:15 PM IST
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स्टांप
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500 व 1000 के नोट बंद होने से स्टांप कारोबार भी लुढ़क गया है। प्रतिदिन कोषागार से समूचे जनपद में करीब 50 लाख की होने वाली स्टांप बिक्री दो लाख में सिमट गई है। यही नहीं रजिस्ट्री में भी गिरावट आंकी गई। बामुश्किल से 12 रजिस्ट्री हो पा रही हैं।
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पिछले कुछ सालों से लोग जमीनों की खरीद में दिलचस्पी दिखा रहे थे। कृषि योग्य एवं कामर्शियल जमीनों में भी लोग पैसा इनवेस्टमेंट करने में लगे थे। इससे कोषागारों से प्रतिदिन लाखों के स्टांपों की बिक्री होती थी। यही नहीं रजिस्ट्री दफ्तर में भी सैकड़ों की संख्या में जमीनों के बैनामे भी होते थे।
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इससे सरकार को बतौर राजस्व काफी फायदा होता था पर हजार और पांच सौ के नोटों पर बैन लगते ही स्टांप कारोबार धराशाई हो गया। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो रोजाना कोषागारों से 50 लाख के स्टांप बिकते थे, लेकिन हजार और पांच सौ रुपये के नोटों पर बैन लगने के बाद महज दो लाख के स्टांप बिक रहे हैं।
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कुछ ऐसा ही हाल रजिस्ट्री ऑफिस का भी है। यहां पर भी प्रतिदिन डेढ़ सौ से अधिक कामर्शियल और कृषि योग्य जमीनों के बैनामे होते थे। लेकिन दो दिनों में सिर्फ दस से बारह रजिस्ट्री ही हुईं।