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स्टाफ नदारद, इमरजेंसी में भी लटका मिला ताला
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Sat, 30 Jan 2016 11:55 PM IST
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स्वास्थ्य लखनऊ मंडल के संयुक्त निदेशक एसके सिंह शनिवार शाम को सीतापुर दौरे पर पहुंचे। यहां के दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के मुआयने में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल मिलीं। अधिकांश स्टाफ नदारद था। मरीजों की स्थिति भी दयनीय पाई गई। उन्हें सरकारी भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था।
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एलिया सीएचसी की इमरजेंसी में ताला लगा मिला। संयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य सिंह शनिवार को अचानक परसेंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पर स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल मिली। अटेंडेंस रजिस्टर देखा तो अस्पताल में तैनात कर्मचारियों की पोल खुल गई।
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वहां तैनात सफाई कर्मी जितेंद्र कुमार बीते एक सप्ताह से अस्पताल नहीं पहुंचा। संविदा कर्मी मुशर्रफ अली नदारद था। वाहन चालक हरीश कुमार बीते चार दिन से अस्पताल नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य कर्मी पीके शुक्ला दो दिन से नदारद थे। चिकित्सक डॉ. पंकज भी अनुपस्थित थे।
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बदरुल हसन भी नदारद थे। सबसे अहम बात यह थी कि चिकित्सकों को ले जाने वाली वैन मानक के विपरीत मिली। जिसमें हादसे की संभावना अधिक थी। यहां पर एक भी मरीज ऐसा नहीं मिला जिसको 48 घंटे तक अस्पताल में रोका गया हो। इसके अलावा अन्य खामियां भी अस्पताल में मिली और स्टाफ नदारद मिला।
यहां से संयुक्त निदेशक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एलिया पहुंच गए। एलिया स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सकों को इसकी भनक भी न थी। यही वजह रही कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी में ताला लगा हुआ था। चिकित्सक डॉ. संजय गौड़, फार्मासिस्ट अनुराग अग्निहोत्री व अन्य स्टाफ अनुपस्थित मिला। यहां पर मरीजों के बारे में जानकारी लेने के लिए जब मरीजों की उपस्थिति का रजिस्टर देखा गया तो चौंकाने वाली बात सामने आई।
यहां पर सुबह 3 प्रसव पीड़िताओं को भर्ती दर्शाया गया था, लेकिन निरीक्षण के दौरान कोई मरीज वहां पर भर्ती नहीं था। पूछने पर बताया गया कि तीनों की छुट्टी कर दी गई है। इस पर संयुक्त निदेशक ने नाराजगी जताई और कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने बताया कि मरीजों को 48 घंटे तक अस्पताल में रोकने का नियम है।
इस दौरान मरीजों को स्वास्थ्यवर्धक भोजन देने का नियम है, लेकिन यहां पर ऐसा नहीं मिला। सरकार की तरफ से मिलने वाला भोजन मरीजों को नहीं दिया जा रहा है। यह बेहद खराब स्थिति है। इसके लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।
जो लोग स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उधर, सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया कि लखनऊ से संयुक्त निदेशक एसके चौहान ने परसेंडी व ऐलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया है। प्रदेश मुख्यालय से जो भी निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।