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Sitapur News: देवशयनी एकादशी पर किया विशेष पूजन व अनुष्ठान
Sun, 06 Jul 2025 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 06 Jul 2025 11:36 PM IST
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नैमिषारण्य (सीतापुर)। देवशयनी एकादशी पर तीर्थ स्थित आश्रमों, मठ, मंदिरों व गुरुकुलों में विभिन्न आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने चक्रतीर्थ व गोमती में स्नान के बाद भगवान सत्य नारायण की कथा सुनी।
त्रिपुर सुंदरी गुरुकुल में आचार्य दीपक अवस्थी के सानिध्य में बटुकों द्वारा सामूहिक विष्णु स्रोत का पाठ किया गया। यज्ञ भगवान को आहुतियां प्रदान की गईं। नारदानंद आश्रम में संतों द्वारा भगवान विष्णु का पूजन किया गया और गीता का पाठ किया गया। 84 कोसी परिक्रमा समिति के अध्यक्ष नारायण दास ने बताया कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं।
इस दौरान भगवान शिव संहारक और पालनकर्ता दोनों की भूमिका में रहेंगे। इसे चतुर्मास भी कहते हैं। एकादशी से दंडी स्वामी एक जगह ठहरकर पूजन, भजन करते हैं। देवउठनी एकादशी तक भ्रमण करना वर्जित रहता है। सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं। एक दिसंबर को देवउठनी एकादशी से सभी मांगलिक कार्य शुरू होंगे।
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त्रिपुर सुंदरी गुरुकुल में आचार्य दीपक अवस्थी के सानिध्य में बटुकों द्वारा सामूहिक विष्णु स्रोत का पाठ किया गया। यज्ञ भगवान को आहुतियां प्रदान की गईं। नारदानंद आश्रम में संतों द्वारा भगवान विष्णु का पूजन किया गया और गीता का पाठ किया गया। 84 कोसी परिक्रमा समिति के अध्यक्ष नारायण दास ने बताया कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं।
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इस दौरान भगवान शिव संहारक और पालनकर्ता दोनों की भूमिका में रहेंगे। इसे चतुर्मास भी कहते हैं। एकादशी से दंडी स्वामी एक जगह ठहरकर पूजन, भजन करते हैं। देवउठनी एकादशी तक भ्रमण करना वर्जित रहता है। सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं। एक दिसंबर को देवउठनी एकादशी से सभी मांगलिक कार्य शुरू होंगे।
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