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Sitapur News: कहीं पूछे मौखिक प्रश्न, कहीं प्रश्नपत्र देकर कराई परीक्षा
Thu, 11 Dec 2025 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 11 Dec 2025 12:06 AM IST
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सीतापुर। जिले के साढ़े तीन हजार परिषदीय स्कूलों में बुधवार को अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हुईं। इसके तहत प्राथमिक विद्यालयों में जहां बच्चों से मौखिक प्रश्न पूछे गए तो वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रश्नपत्र देकर लिखित परीक्षाएं कराई गईं। जिले में परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत करीब साढ़े पांच लाख बच्चे परीक्षा में शामिल हुए।
बेहटा के कंपोजिट विद्यालय सहिंजर कला में कक्षा 6 से आठ तक लिखित परीक्षा कराई गई। इस दौरान छात्राओं ने गृह शिल्प और छात्रों ने कृषि विज्ञान विषय का पेपर दिया। वहीं, कक्षा एक से कक्षा 5 तक मौखिक परीक्षा हुई। इसी तरह ऐलिया के पूर्व माध्यमिक विद्यालय इमलिया सुल्तानपुर में ३०८ छात्र छात्राओं में से 288 ने परीक्षा दी। प्रधानाध्यापिका सुनीता मिश्रा ने बताया कि बीआरसी से प्रश्नपत्र मिले थे। नकलविहीन माहौल में परीक्षा संपन्न कराने के लिए बच्चों सीटिंग प्लान के अनुसार बैठाया गया।
इसी तरह, लहरपुर के प्राथमिक विद्यालय मोहिद्दीनपुर में मौखिक परीक्षा में कक्षा 5 में क्लास टीचर मोहम्मद शोएब ने प्रश्न किया कि तुलसीदास ने सबसे बड़ा धर्म और सबसे बड़ा अधर्म किसे बताया था। इस पर छात्र मोहम्मद रफी ने बताया कि किसी की सेवा करने से बड़ा कोई धर्म नहीं है। किसी को पीड़ा देना सबसे बड़ा अधर्म है। शिक्षकों ने बताया कि कक्षा पांच तक के बच्चों से शब्दार्थ प्रश्न पूछने के साथ ही याद की हुई कविता भी सुनी गईं। वहीं, बिसवां के उच्च प्राथमिक विद्यालय जहांगीराबाद कंपोजिट स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी, अंग्रेजी व सामाजिक विषय की अर्धवार्षिक मौखिक परीक्षा शिक्षिका सहाना खातून ने ली। प्रधानाध्यापिका बेबी फिरदौस ने बताया कि कुल 119 पंजीकृत छात्र छात्राओं में से 113 छात्र छात्राओं ने उपस्थित होकर परीक्षा दी। सिधौली के प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर के प्रधानाचार्य कमल किशोर शुक्ल ने बताया कि बुधवार को आयोजित कक्षा 5 तक के बच्चों की मौखिक परीक्षा में 124 बच्चे शामिल रहे।
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बेहटा के कंपोजिट विद्यालय सहिंजर कला में कक्षा 6 से आठ तक लिखित परीक्षा कराई गई। इस दौरान छात्राओं ने गृह शिल्प और छात्रों ने कृषि विज्ञान विषय का पेपर दिया। वहीं, कक्षा एक से कक्षा 5 तक मौखिक परीक्षा हुई। इसी तरह ऐलिया के पूर्व माध्यमिक विद्यालय इमलिया सुल्तानपुर में ३०८ छात्र छात्राओं में से 288 ने परीक्षा दी। प्रधानाध्यापिका सुनीता मिश्रा ने बताया कि बीआरसी से प्रश्नपत्र मिले थे। नकलविहीन माहौल में परीक्षा संपन्न कराने के लिए बच्चों सीटिंग प्लान के अनुसार बैठाया गया।
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इसी तरह, लहरपुर के प्राथमिक विद्यालय मोहिद्दीनपुर में मौखिक परीक्षा में कक्षा 5 में क्लास टीचर मोहम्मद शोएब ने प्रश्न किया कि तुलसीदास ने सबसे बड़ा धर्म और सबसे बड़ा अधर्म किसे बताया था। इस पर छात्र मोहम्मद रफी ने बताया कि किसी की सेवा करने से बड़ा कोई धर्म नहीं है। किसी को पीड़ा देना सबसे बड़ा अधर्म है। शिक्षकों ने बताया कि कक्षा पांच तक के बच्चों से शब्दार्थ प्रश्न पूछने के साथ ही याद की हुई कविता भी सुनी गईं। वहीं, बिसवां के उच्च प्राथमिक विद्यालय जहांगीराबाद कंपोजिट स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी, अंग्रेजी व सामाजिक विषय की अर्धवार्षिक मौखिक परीक्षा शिक्षिका सहाना खातून ने ली। प्रधानाध्यापिका बेबी फिरदौस ने बताया कि कुल 119 पंजीकृत छात्र छात्राओं में से 113 छात्र छात्राओं ने उपस्थित होकर परीक्षा दी। सिधौली के प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर के प्रधानाचार्य कमल किशोर शुक्ल ने बताया कि बुधवार को आयोजित कक्षा 5 तक के बच्चों की मौखिक परीक्षा में 124 बच्चे शामिल रहे।
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