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ड्यूटी से नदारद मिले छह अधिकारी व 28 कर्मचारी
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सीतापुर। डीएम के सख्त आदेश के बावजूद जिले के अफसर व कर्मचारियों का जिला मुख्यालय पर ठहराव नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक लखनऊ से रोजाना अप-डाउन का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। इसी वजह से सुबह देर से कार्यालय आना और शाम को जल्दी निकल जाना इनका शेड्यूल बन गया है। शुक्रवार को सीडीओ के विकास भवन के औचक निरीक्षण में भी इसका खुलासा हुआ। सुबह सवा दस बजे विकास भवन स्थित 17 विभागों का सीडीओ ने औचक निरीक्षण किया तो छह अधिकारी व 28 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर सीडीओ ने इन सभी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए एक दिन के वेतन पर रोकने का निर्देश दिया है। सीडीओ के निरीक्षण से विकास भवन के अफसर व कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
विकास भवन का पूर्व में डीएम और सीडीओ कई बार आकस्मिक मुआयना कर चुके हैं। हर बार अफसर और कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित मिलते हैं। इसके बावजूद कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होने से सुधार नहीं हो पा रहा है। निरीक्षण का जिम्मेदारों पर कोई असर इसलिए भी नहीं पड़ता, क्योंकि जवाब तलब करने पर वह कोई न कोई कारण दर्शाकर बच जाते हैं। वरिष्ठ अफसर इसकी गहराई में नहीं जाना चाहते हैं। कई अफसर और कर्मचारी प्रशासन की नजर से बचने के लिए किराए के मकान में रहने संबंधी उत्तर देते हैं। जबकि हकीकत इसके विपरीत है। वह मकान में न रुककर लखनऊ समेत अन्य पड़ोसी जिलों से नौकरी करने प्रतिदिन आते हैं। इसी के चलते ड्यूटी पर पहुंचने में विलंब होता है।
शुक्रवार सुबह सवा दस बजे सीडीओ अक्षत वर्मा एकाएक विकास भवन पहुंचे और परिसर के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने लगे। इससे वहां हड़कंप मच गया। छह अधिकारी व 28 कर्मचारी ड्यूटी से गैरहाजिर मिले। सीडीओ के विकास भवन पहुंचते ही तमाम अफसर व कर्मचारी एक-दूसरे को फोन करके निरीक्षण की जानकारी देते रहे। ऐसे में लेटलतीफ अफसर व कर्मचारी भागते हुए अपने-अपने कार्यालय पहुंचे।
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जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ल, जिला कार्यक्रम अधिकारी राज कपूर, जिला युवा कल्याण व प्रादेशिक विकास दल अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, एक्सईएन आरईएस ईसम सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य एसी श्रीवास्तव व आरईएस की सहायक अभियंता नुजहत परवीन ड्यूटी से गैर हाजिर मिलीं।
सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि ड्यूटी से नदारद मिले अधिकारियों व कर्मचारियों को स्वयं उपस्थित होकर 13 जून को सुबह दस बजे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना है। अनुपस्थित पाए गये अफसर-कर्मियों का 10 जून का वेतन आहरण अग्रिम आदेश तक रोका गया है।
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विकास भवन का पूर्व में डीएम और सीडीओ कई बार आकस्मिक मुआयना कर चुके हैं। हर बार अफसर और कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित मिलते हैं। इसके बावजूद कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होने से सुधार नहीं हो पा रहा है। निरीक्षण का जिम्मेदारों पर कोई असर इसलिए भी नहीं पड़ता, क्योंकि जवाब तलब करने पर वह कोई न कोई कारण दर्शाकर बच जाते हैं। वरिष्ठ अफसर इसकी गहराई में नहीं जाना चाहते हैं। कई अफसर और कर्मचारी प्रशासन की नजर से बचने के लिए किराए के मकान में रहने संबंधी उत्तर देते हैं। जबकि हकीकत इसके विपरीत है। वह मकान में न रुककर लखनऊ समेत अन्य पड़ोसी जिलों से नौकरी करने प्रतिदिन आते हैं। इसी के चलते ड्यूटी पर पहुंचने में विलंब होता है।
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शुक्रवार सुबह सवा दस बजे सीडीओ अक्षत वर्मा एकाएक विकास भवन पहुंचे और परिसर के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने लगे। इससे वहां हड़कंप मच गया। छह अधिकारी व 28 कर्मचारी ड्यूटी से गैरहाजिर मिले। सीडीओ के विकास भवन पहुंचते ही तमाम अफसर व कर्मचारी एक-दूसरे को फोन करके निरीक्षण की जानकारी देते रहे। ऐसे में लेटलतीफ अफसर व कर्मचारी भागते हुए अपने-अपने कार्यालय पहुंचे।
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जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ल, जिला कार्यक्रम अधिकारी राज कपूर, जिला युवा कल्याण व प्रादेशिक विकास दल अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, एक्सईएन आरईएस ईसम सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य एसी श्रीवास्तव व आरईएस की सहायक अभियंता नुजहत परवीन ड्यूटी से गैर हाजिर मिलीं।
सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि ड्यूटी से नदारद मिले अधिकारियों व कर्मचारियों को स्वयं उपस्थित होकर 13 जून को सुबह दस बजे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना है। अनुपस्थित पाए गये अफसर-कर्मियों का 10 जून का वेतन आहरण अग्रिम आदेश तक रोका गया है।