Sitapur News : तेज आवाज के साथ फटा स्टीम टैंक, मौके पर तीन मजदूरों की मौत, धमाके में उड़ गए
कर्मचारी टैंक के प्रेशर का सही अंदाजा नहीं लगा सके। हादसे में एक मजदूर टैंक के पास ही गिर गया। वहीं, एक मजदूर टैंक के ठीक ऊपर बनी टीन की छत पर जाकर अटक गया। तीसरा मजदूर करीब पंद्रह फीट दूर जाकर गिरा।
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विस्तार
सीतापुर जिले में रामकोट थाना क्षेत्र के जवाहरपुर में स्थित चीनी मिल में सोमवार करीब शाम चार बजे संदिग्ध परिस्थितियों में एक स्टीम टैंक फट गया। हादसे में मौके पर ही तीन मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, दो अन्य मजदूर बेहोश हो गए।
थाना क्षेत्र के जवाहरपुर में डालमिया ग्रुप की चीनी मिल स्थित है। मिल प्रशासन परिसर के अंदर डिस्टलरी का विस्तार कर रहा है। सोमवार शाम करीब चार बजे तेज धमाके के साथ इस हिस्से में बना एक स्टीम टैंक फट गया। उसके फटने से वहां काम कर रहे रामकोट निवासी अवतार सिंह (24), बरेली जनपद के सीबी गंज निवासी राजू मौर्य (40) और बरेली के ही फतेहगंज पश्चिमी निवासी विनोद (30) की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, पास में काम कर रहे दो अन्य मजदूर बेहोश हो गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। मौके पर स्थानीय पुलिस, दमकल संग राहत व बचाव दल पहुंच गया। मृतकों के शवों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए विशेषज्ञों समिति बनाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। समिति हादसे के कारणों की पड़ताल करेगी। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि मिल के जिस हिस्से में यह हादसा हुआ है, वह अभी संचालित नहीं हो रहा था। मिल प्रशासन इसका ट्रायल रन करवा रहा था। हादसे की असली वजह विशेषज्ञों की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। समिति गठित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
भाप का दबाव हो गया ज्यादा
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी अनुज सिंह व एसपी चक्रेश मिश्र ने घटना का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह तथ्य निकलकर सामने आए हैं कि चीनी मिल प्रशासन की ओर से इसका ट्रायल रन किया जा रहा था। इस दौरान टैंक में भाप का दबाव अधिक हो गया। मृतक मजदूर वेल्डिंग का काम कर रहे थे। धमाका होने से तीनों की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
धमाके से उड़ गए तीनों मजदूर, नहीं हो पाया था टैंक के प्रेशर का अंदाजा
जवाहरपुर चीनी मिल में सोमवार को इथेनॉल प्लांट का ट्रायल रन चल रहा था। इस दौरान फर्मेंटेशन चैंबर में भाप का प्रेशर बढ़ गया। कर्मचारी टैंक के प्रेशर का सही अंदाजा नहीं लगा सके। इस टैंक के पास तीन मजदूर रेलिंग का काम कर रहे थे। करीब शाम चार बजे तेज धमाका हुआ। हादसे में एक मजदूर टैंक के पास ही गिर गया। वहीं, एक मजदूर टैंक के ठीक ऊपर बनी टीन की छत पर जाकर अटक गया। तीसरा मजदूर करीब पंद्रह फीट दूर जाकर गिरा।
इस सेक्शन में हर ओर लोहे के एंगल लगे हुए थे। उसी से तीनों टकराए और गंभीर चोट लगने से तीनों रामकोट निवासी अवतार सिंह (24), बरेली जनपद के सीबी गंज निवासी राजू मौर्य (40) और बरेली के ही फतेहगंज पश्चिमी निवासी विनोद (30) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
कर्मचारियों के समूह के साथ साथ दो अन्य कर्मचारी भी काम कर रहे थे। लेकिन वे दोनों हादसे वाले सेक्शन से इतर थे इसलिए दोनों हादसे की चपेट में नहीं आए। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि इस मामले की तकनीकी जांच विशेषज्ञों की समिति से कराई जाएगी। मिल प्रशासन से भी हादसे की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। हादसे के बाद मौके पर जांच के लिए एसपी चक्रेश मिश्र, एसडीएम सदर ज्ञानेंद्र द्विवेदी व अन्य मौजूद रहे।
मिल सूत्रों की मानें तो कर्मचारियों की लापरवाही से हादसा हुआ है। घटना के बाद एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। जिसमें घटना के बाद का मंजर कैद था। हादसा इतना भीषण था कि एक मजदूर का शव टैंक के ऊपर लगी हुई टीन में लटकता हुआ दिखाई दिया। घटना के बाद उसके शव को उतारने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां पर ट्रायल चल रहा था। फर्मेंटेशन चैंबर में भाप का प्रेशर बढ़ गया। इसका सही अंदाजा नहीं लगा। उसी में धमाका हुआ है। हादसे का असली कारण विशेषज्ञों की जांच के बाद ही सामने आएगा। मिल प्रशासन मृतकों को डब्ल्यूसी नियम के तहत मुआवजा व अन्य वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा।
वेल्डिंग का काम कर रहे थे तीनों
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी अनुज सिंह व एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह तथ्य निकलकर सामने आए हैं कि चीनी मिल प्रशासन की ओर से इसका ट्रायल रन किया जा रहा था। इस दौरान टैंक में भाप का दबाव अधिक हो गया। मृतक मजदूर वेल्डिंग का काम कर रहे थे। धमाका होने से तीनों की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
नंगे पैर पांच किलोमीटर भागे अवतार सिंह के फूफा, पुलिस से हुई बहस
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक मजदूर अवतार सिंह के फूफा गुरुनाम सिंह अन्य परिजनों संग पैदल ही घटनास्थल की ओर भागते हुए पहुंच गए। करीब पांच किलोमीटर का सफर करने के बाद जब वे पहुंचे तो प्रभारी निरीक्षक बलवंत शाही शव को चुपचाप भेजने की तैयारी में थे। गुरुनाम का आरोप है कि जब उन्होंने शव को देखने की बात कही तो प्रभारी निरीक्षक ने उनको अपशब्द कहे और शव दिखाने से इंकार कर दिया। गुरुनाम वहीं फफक कर रो पड़े। जिसके बाद दोनों में बहस भी हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को शव दिखाया। काफी देर बाद पुलिस व प्रशासन की नजर उनके पैरों पर पड़ी तो मिल में इस्तेमाल किये जाने वाले जूते उनको पहनाए गए। मृतक अपने फूफा गुरुनाम के यहां रहता था। उसका एक बड़ा भाई व बहन भी है।
2022 में भी हुआ था हादसा, मजदूर की हुई थी मौत
तीन अक्तूबर 2022 को भी इस मिल में हादसा हुआ था। जिसमें अमरोहा निवासी एक तीस वर्षीय मजदूर अंकित की मौत हो गई थी। अंकित चेन टूट जाने के कारण नीचे गिर गया था। इसके साथ ही चार अन्य मजदूर मुनेद्र, अरुण, ओमप्रकाश व हरिश्चंद्र जख्मी हो गए थे। इसके बाद किसान नेताओं ने मिल में धरना-प्रदर्शन भी किया था। उस समय सीओ सिटी ने मामले को शांत करते हुए प्रदर्शन समाप्त कराया था। वहीं, इसी साल हरगांव स्थित द अवध चीनी मिल की गर्म राख से चार लोग झुलस गए थे।
मुख्य सचिव ने भी दिए थे दिशा-निर्देश
बीते साल सात अप्रैल को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने भी जवाहर चीनी मिल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने मिल की मशीनों की जानकारी ली थी। उन्होंने मिल परिसर में पौधरोपण भी किया था। उन्होंने उस दौरान मिल प्रशासन से मजदूरों की सुरक्षा को लेकर जानकारी ली थी। मिल प्रशासन ने उन्हें आश्वस्त किया था कि मिल के अंदर मजदूरों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके बावजूद यह हादसा लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है।