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बुराई का होगा नाश लेकिन नहीं जलेगा दशानन
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- फोटो : SITAPUR
सीतापुर। करीब सत्तर वर्षों से लालबाग पार्क में चली आ रही रामलीला व पुतला दहन कोरोना के चलते नहीं होगा। इतने सालों बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब बुराई का दशानन इस बार धूं-धूंकर नहीं जलेगा। ऐसा नहीं होने से लोगों में मायूसी है।
लालबाग रामलीला समिति के अध्यक्ष आकाश बजरंगी का कहना है लालबाग की रामलीला जिले में काफी मशहूर है। 70 वर्षों से इस रामलीला का आयोजन होता आ रहा है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते जिला प्रशासन ने काफी पाबंदियां लगा दी हैं। रावण दहन को लेकर जिला प्रशासन से वार्ता की गई थी, जिसमें जिला प्रशासन ने सुरक्षा देने से मना कर दिया है। इसके अलावा अन्य भी कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं। इसकी वजह से पुतला दहन इस बार नहीं किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर कार्यक्रम रद कर दिया गया है। वह बताते हैं कि लगातार रामलीला व पुतला दहन लालबाग पार्क में होता चला आ रहा है। बताते हैं कि 70 वर्षों में एक या दो बार ही ऐसे मौके आए होंगे, जब रामलीला नहीं हुई होगी।
वहीं पिसावां कस्बे के बाबू सिंह इंटर कॉलेज के समीप जय मड़ैया बाबा सेवा समिति द्वारा संचालित रामलीला के दौरान इस वर्ष रावण व कुंभकरण का पुतला दहन 26 अक्तूबर की रात्रि में रावण वध के साथ किया जाएगा। इस दौरान कोविड 19 व प्रदूषण के चलते काफी बदलाव किया गया है। समित के उपाध्यक्ष परवेंदर सिंह ने बताया रावण व कुंभकरण के दो पुतले बनाए जायेंगे। जिसकी लंबाई 40 फिट के सापेक्ष केवल 15 फिट ही रहेगी। उन्होंने बताया कोविड 19 को ध्यान में रखते हुये सामाजिक दूरी व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था होगी और सौ फीट की दूरी पर बैरीकेटिंग की जायेगी। वहीं पुतलों का आकार कम होने से आतिशबाजी भी कम होगी, जिसकी वजह से प्रदूषण भी कम होगा।
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लालबाग रामलीला समिति के अध्यक्ष आकाश बजरंगी का कहना है लालबाग की रामलीला जिले में काफी मशहूर है। 70 वर्षों से इस रामलीला का आयोजन होता आ रहा है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते जिला प्रशासन ने काफी पाबंदियां लगा दी हैं। रावण दहन को लेकर जिला प्रशासन से वार्ता की गई थी, जिसमें जिला प्रशासन ने सुरक्षा देने से मना कर दिया है। इसके अलावा अन्य भी कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं। इसकी वजह से पुतला दहन इस बार नहीं किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर कार्यक्रम रद कर दिया गया है। वह बताते हैं कि लगातार रामलीला व पुतला दहन लालबाग पार्क में होता चला आ रहा है। बताते हैं कि 70 वर्षों में एक या दो बार ही ऐसे मौके आए होंगे, जब रामलीला नहीं हुई होगी।
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वहीं पिसावां कस्बे के बाबू सिंह इंटर कॉलेज के समीप जय मड़ैया बाबा सेवा समिति द्वारा संचालित रामलीला के दौरान इस वर्ष रावण व कुंभकरण का पुतला दहन 26 अक्तूबर की रात्रि में रावण वध के साथ किया जाएगा। इस दौरान कोविड 19 व प्रदूषण के चलते काफी बदलाव किया गया है। समित के उपाध्यक्ष परवेंदर सिंह ने बताया रावण व कुंभकरण के दो पुतले बनाए जायेंगे। जिसकी लंबाई 40 फिट के सापेक्ष केवल 15 फिट ही रहेगी। उन्होंने बताया कोविड 19 को ध्यान में रखते हुये सामाजिक दूरी व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था होगी और सौ फीट की दूरी पर बैरीकेटिंग की जायेगी। वहीं पुतलों का आकार कम होने से आतिशबाजी भी कम होगी, जिसकी वजह से प्रदूषण भी कम होगा।
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