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आखिरी सफर पर दौड़ी सीतापुर-मैलानी पैसेंजर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:10 PM IST
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ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मीटर गेज को ब्रॉड गेज में बदले जाने के कारण सीतापुर-मैलानी रेल रूट शुक्रवार देर शाम बंद हो गया। इस रूट पर दौड़ने वाली सीतापुर-मैलानी पैसेंजर शुक्रवार को सीतापुर रेलवे स्टेशन से अपने आखिरी सफर को रवाना हुई। शाम छह बजे लोको पायलट नन्हे सिंह, सहायक देवी लाल मीना इंजन पर सवार हुए।
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गार्ड आरएस राना ने हरी झंडी दिखाई और ट्रेन मैलानी के लिए चल दी। इस दौरान ट्रेन को फूलों से सजाया गया था। लोग इस पल को यादगार बनाने के लिए सीतापुर स्टेशन पहुंचे थे। कुछ ने सेल्फी ली। ऐसे में 129 साल पुरानी छोटी रेल लाइन अब इतिहास बन जाएगी। आमान परिवर्तन के चलते यह रूट बंद होने से अब लखीमपुर होकर मैलानी जाने वाले लोगों को सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ेगा।
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स्टेशन अधीक्षक एके शुक्ला ने बताया गया कि आमान परिवर्तन के लिए ब्रॉड गेज पटरियां बिछाई जानी हैं। सीतापुर से मैलानी तक करीब 106 किलोमीटर की दूरी तक पटरियां बदलेंगी। यह काम जून 2017 तक पूरा होने की उम्मीद है। जबकि ऐशबाग से सीतापुर के लिए 88 किमी. दूरी तक बड़ी लाइन पटरियों को बिछाने का काम चल रहा है।
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इस रूट पर चलने वाली सीतापुर-मैलानी पैसेंजर-52244 शुक्रवार को आखिरी सफर के लिए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल 1887 को पहली बार इस पटरी पर रेल दौड़ी थी। 129 साल तक इस रेल ने सेवाएं दी। रेल प्रवक्ता आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि मैलानी बहराइच, पलिया, पीलीभीत, नानपारा के लिए मैलानी से ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा।
यहां पर चलने वाली ट्रेनों को उसी रूट पर डाला जा रहा है। शुक्रवार को अंतिम दिन इस रूट पर चलने वाली ट्रेन में 1562 यात्रियों ने सफर किया। स्टेशन अधीक्षक एके शुक्ला ने बताया कि इन दिनों इस पटरी पर चलने वाली रेल से 35 हजार रुपये प्रतिदिन की कमाई हो रही थी।