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भड़के शिक्षामित्रों ने किया जगह-जगह प्रदर्शन
सीतापुर/अमर उजाला
Updated Mon, 14 Sep 2015 11:02 PM IST
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उनके इस आंदोलन से स्कूलों में पठन-पाठन कार्य प्रभावित हुआ। हालांकि कोई विद्यालय बंद नहीं रहा। जिले के 3895 शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।
मालूम हो कि हाईकोर्ट ने शनिवार को सहायक शिक्षक पद पर शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द कर दिया था। इस फैसले से समायोजित शिक्षकों की नौकरी चली गई। इसके चलते शिक्षामित्र व उनके परिवारीजन सदमे में हैं।
उनमें नाराजगी भी है जिसका प्रदर्शन उन्होंने सोमवार को जिले भर में किया। शिक्षामित्रों के प्रांतीय संगठन ने सोमवार को परिषदीय विद्यालयों में तालाबंदी करने का ऐलान किया था। उसके चलते शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया।
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इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर दिखा लेकिन किसी स्कूल में ताला बंदी की सूचना नहीं थी। जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) से लेकर ब्लॉक दफ्तर तक धरना-प्रदर्शन किया।
शिक्षामित्रों का कहना है कि वर्षों से प्राथमिक स्कूलों में अध्यापन कार्य करते आ रहे हैं। केंद्र व राज्य सरकारों से मिले निर्देर्शों का पालन किया जिसका प्रतिफल समायोजन के रूप में मिला था। लेकिन शनिवार के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय से हम सभी बहुत दुखी है। इस निर्णय से हम सहमत नहीं हैं।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को डीएम के माध्यम से भेजे गए पत्र में पारिवारिक इच्छा मृत्यु की मांग की है। इस मौके पर धर्मेद्र, कल्पना, आशारानी, विवेक सहित हजारों शिक्षामित्र मौजूद रहे।
वही पिसावां ब्लॉक में पंकज की अगुवाई में प्रदर्शन किया। महमूदाबाद ब्लॉक संसाधन केंद्र पर पहला, रामपुर मथुरा ब्लॉक के शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया।
महोली, रेउसा, कसमंडा, लहरपुर, बेहटा, सिधौली, गोंदलामऊ, मिश्रिख, बिसवां, एलिया आदि बीआरसियों पर प्रदर्शन कर ज्ञापन भेजा है।
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मालूम हो कि हाईकोर्ट ने शनिवार को सहायक शिक्षक पद पर शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द कर दिया था। इस फैसले से समायोजित शिक्षकों की नौकरी चली गई। इसके चलते शिक्षामित्र व उनके परिवारीजन सदमे में हैं।
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उनमें नाराजगी भी है जिसका प्रदर्शन उन्होंने सोमवार को जिले भर में किया। शिक्षामित्रों के प्रांतीय संगठन ने सोमवार को परिषदीय विद्यालयों में तालाबंदी करने का ऐलान किया था। उसके चलते शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया।
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इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर दिखा लेकिन किसी स्कूल में ताला बंदी की सूचना नहीं थी। जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) से लेकर ब्लॉक दफ्तर तक धरना-प्रदर्शन किया।
शिक्षामित्रों का कहना है कि वर्षों से प्राथमिक स्कूलों में अध्यापन कार्य करते आ रहे हैं। केंद्र व राज्य सरकारों से मिले निर्देर्शों का पालन किया जिसका प्रतिफल समायोजन के रूप में मिला था। लेकिन शनिवार के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय से हम सभी बहुत दुखी है। इस निर्णय से हम सहमत नहीं हैं।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को डीएम के माध्यम से भेजे गए पत्र में पारिवारिक इच्छा मृत्यु की मांग की है। इस मौके पर धर्मेद्र, कल्पना, आशारानी, विवेक सहित हजारों शिक्षामित्र मौजूद रहे।
वही पिसावां ब्लॉक में पंकज की अगुवाई में प्रदर्शन किया। महमूदाबाद ब्लॉक संसाधन केंद्र पर पहला, रामपुर मथुरा ब्लॉक के शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया।
महोली, रेउसा, कसमंडा, लहरपुर, बेहटा, सिधौली, गोंदलामऊ, मिश्रिख, बिसवां, एलिया आदि बीआरसियों पर प्रदर्शन कर ज्ञापन भेजा है।