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Sitapur News: शहीद स्मृति पार्क बना वेस्ट वंडर पार्क
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शहीद स्मृति पार्क की बदहाली बयां करतीं तस्वीरें। संवाद
सीतापुर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर जहां पूरा देश शहीदों को नमन कर रहा है, वहीं सीतापुर का शहीद स्मृति पार्क प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। यह पार्क कभी वीर सपूतों की याद में बनाया गया था। अब इसे नगर पालिका परिषद की लापरवाही के कारण वेस्ट वंडर पार्क के नाम से जाना जाता है। इसकी पहचान पूरी तरह धूमिल हो गई है और यह बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
पार्क के एक कोने में शहीद स्मृति पार्क का बोर्ड झाड़ियों और कचरे के बीच बेकद्री से पड़ा है। जिस स्थान पर लोगों को वीर गाथाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए थी, वहां खाली बोतलें, पॉलिथीन और रैपर बिखरे हुए हैं। पार्क की क्यारियों में हरियाली की जगह प्लास्टिक कचरे ने ले ली है। सुंदरीकरण और नाम बदलने के चक्कर में शहीदों के नाम की गरिमा को दरकिनार किया गया है। परिसर में लगी शहीद अब्दुल हमीद की प्रतिमा का रंग भी छूटने लगा है, जो उसकी उपेक्षा दर्शाता है। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने इस पार्क की जानकारी न होने की बात कही। उन्होंने पता कराकर उसकी साफ-सफाई कराने का आश्वासन दिया है।
दीवारों पर अस्पताल के विज्ञापन
पार्क की वे दीवारें जिन पर कभी देश भक्तों और शहीदों की गाथाएं व चित्र होने चाहिए थे, वे अब सीतापुर आंख अस्पताल के विज्ञापनों से पटी हैं। अस्पताल के दिशा-निर्देश और विभिन्न स्लोगन इन दीवारों पर लिखे हैं। शहीद अब्दुल हमीद की प्रतिमा के ठीक पीछे अस्पताल के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे हैं। इन होर्डिंग्स ने स्मारक के स्वरूप को पूरी तरह ढक दिया है। यह स्थिति शहीदों के सम्मान के विपरीत है।
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रखरखाव का अभाव
नगर पालिका परिषद ने स्वच्छ सीतापुर, सुंदर सीतापुर मुहिम के तहत पार्क को कबाड़ से जुगाड़ से नया रूप देने का प्रयास किया था। टायरों और री-साइकिल सामान से सजावट की गई थी। हालांकि, समय के साथ जिम्मेदार इसकी देखभाल करना भूल गए। महापुरुषों की प्रतिमाओं की नियमित सफाई नहीं हो रही है। असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर भी कोई रोक नहीं है, जिससे पार्क की स्थिति और बिगड़ रही है।
पूर्व सैनिकों का विरोध
कारगिल युद्ध के समय छह लोगों के साथ तिरंगा यात्रा लेकर कारगिल जाने वाले विश्ववीर गुप्ता ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्क की दीवारों पर शहीदों के चित्र और वीर गाथाएं गायब हैं। उनकी जगह आंख अस्पताल के स्लोगन लिखे हैं, जिससे मन बहुत दुखी है। पूर्व सैनिक प्रमोद कुमार यादव और अशोक कुमार राठौर ने भी इस बदहाली का विरोध जताया है। उन्होंने नगर पालिका से पार्क का जीर्णोद्धार कर शहीदों की गरिमा के अनुरूप बनाने की मांग की है।
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पार्क के एक कोने में शहीद स्मृति पार्क का बोर्ड झाड़ियों और कचरे के बीच बेकद्री से पड़ा है। जिस स्थान पर लोगों को वीर गाथाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए थी, वहां खाली बोतलें, पॉलिथीन और रैपर बिखरे हुए हैं। पार्क की क्यारियों में हरियाली की जगह प्लास्टिक कचरे ने ले ली है। सुंदरीकरण और नाम बदलने के चक्कर में शहीदों के नाम की गरिमा को दरकिनार किया गया है। परिसर में लगी शहीद अब्दुल हमीद की प्रतिमा का रंग भी छूटने लगा है, जो उसकी उपेक्षा दर्शाता है। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने इस पार्क की जानकारी न होने की बात कही। उन्होंने पता कराकर उसकी साफ-सफाई कराने का आश्वासन दिया है।
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दीवारों पर अस्पताल के विज्ञापन
पार्क की वे दीवारें जिन पर कभी देश भक्तों और शहीदों की गाथाएं व चित्र होने चाहिए थे, वे अब सीतापुर आंख अस्पताल के विज्ञापनों से पटी हैं। अस्पताल के दिशा-निर्देश और विभिन्न स्लोगन इन दीवारों पर लिखे हैं। शहीद अब्दुल हमीद की प्रतिमा के ठीक पीछे अस्पताल के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे हैं। इन होर्डिंग्स ने स्मारक के स्वरूप को पूरी तरह ढक दिया है। यह स्थिति शहीदों के सम्मान के विपरीत है।
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रखरखाव का अभाव
नगर पालिका परिषद ने स्वच्छ सीतापुर, सुंदर सीतापुर मुहिम के तहत पार्क को कबाड़ से जुगाड़ से नया रूप देने का प्रयास किया था। टायरों और री-साइकिल सामान से सजावट की गई थी। हालांकि, समय के साथ जिम्मेदार इसकी देखभाल करना भूल गए। महापुरुषों की प्रतिमाओं की नियमित सफाई नहीं हो रही है। असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर भी कोई रोक नहीं है, जिससे पार्क की स्थिति और बिगड़ रही है।
पूर्व सैनिकों का विरोध
कारगिल युद्ध के समय छह लोगों के साथ तिरंगा यात्रा लेकर कारगिल जाने वाले विश्ववीर गुप्ता ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्क की दीवारों पर शहीदों के चित्र और वीर गाथाएं गायब हैं। उनकी जगह आंख अस्पताल के स्लोगन लिखे हैं, जिससे मन बहुत दुखी है। पूर्व सैनिक प्रमोद कुमार यादव और अशोक कुमार राठौर ने भी इस बदहाली का विरोध जताया है। उन्होंने नगर पालिका से पार्क का जीर्णोद्धार कर शहीदों की गरिमा के अनुरूप बनाने की मांग की है।

शहीद स्मृति पार्क की बदहाली बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

शहीद स्मृति पार्क की बदहाली बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

शहीद स्मृति पार्क की बदहाली बयां करतीं तस्वीरें। संवाद